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MP News: विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस ने साधी चुप्पी, सदन की तीन बैठक ही शेष
Sun, 19 Mar 2023 06:40 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 19 Mar 2023 06:40 PM IST
सार
पूर्व सीएम कमलनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही थी। अब बिना लिखित में अविश्वास प्रस्ताव के वापस लिए पार्टी की सदन में चुप्पी से पार्टी के कई विधायकों में नाराजगी है।
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मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद कांग्रेस शांत हो गई है। 17 मार्च को 14 दिन पूरे होने के बाद भी कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव पर तारीख तय करने को लेकर कोई बात नहीं है। सदन की अब तीन बैठकें ही शेष है। इसके बाद प्रस्ताव शून्य हो जाएगा।
विधानसभा सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के निलंबन के बाद सत्र में हंगामा हो गया था। कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपाती होने का आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। नियमानुसार 14 दिन बाद अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तारीख तय कर सकते है। नियमानुसार 17 मार्च को समय पूरा हो गया। इसकी तारीख विधानसभा अध्यक्ष को तय करना है। अब सदन की कार्रवाई के तीन दिन का समय बचा है। इसके बावजूद कांग्रेस की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा नहीं उठाया गया। ना ही विधानसभा अध्यक्ष ने अभी कोई तारीख तय की है।
हांलाकि ऐसा कहा जा रहा है कि दोनों ही राजनीतिक दलों के खिलाफ विशेषाधिकार के मामले भी पेंडिंग है। इसको लेकर दोनों के ही नेताओं में अविश्वास प्रस्ताव और विशेषाधिकार हनन के मामले नहीं उठाने पर सहमति बन गई है। इसलिए कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव और जीतू पटवारी के निलंबन को लेकर शांत बैठ गई। बजट सत्र की तीन बैठकें ही शेष बची है। ऐसा बताया जा रहा है कि 21 मार्च को सत्र समाप्त हो जाएगा। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव भी शून्य हो जाएगा।
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बता दें कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही थी। अब बिना लिखित में अविश्वास प्रस्ताव के वापस लिए पार्टी की सदन में चुप्पी से पार्टी के कई विधायकों में नाराजगी है।
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विधानसभा सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के निलंबन के बाद सत्र में हंगामा हो गया था। कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपाती होने का आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। नियमानुसार 14 दिन बाद अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तारीख तय कर सकते है। नियमानुसार 17 मार्च को समय पूरा हो गया। इसकी तारीख विधानसभा अध्यक्ष को तय करना है। अब सदन की कार्रवाई के तीन दिन का समय बचा है। इसके बावजूद कांग्रेस की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा नहीं उठाया गया। ना ही विधानसभा अध्यक्ष ने अभी कोई तारीख तय की है।
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हांलाकि ऐसा कहा जा रहा है कि दोनों ही राजनीतिक दलों के खिलाफ विशेषाधिकार के मामले भी पेंडिंग है। इसको लेकर दोनों के ही नेताओं में अविश्वास प्रस्ताव और विशेषाधिकार हनन के मामले नहीं उठाने पर सहमति बन गई है। इसलिए कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव और जीतू पटवारी के निलंबन को लेकर शांत बैठ गई। बजट सत्र की तीन बैठकें ही शेष बची है। ऐसा बताया जा रहा है कि 21 मार्च को सत्र समाप्त हो जाएगा। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव भी शून्य हो जाएगा।
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बता दें कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही थी। अब बिना लिखित में अविश्वास प्रस्ताव के वापस लिए पार्टी की सदन में चुप्पी से पार्टी के कई विधायकों में नाराजगी है।
