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MP News: सीएम शिवराज ने सवाल नहीं पूछा तो कमलनाथ बोले- आज आपकी बुद्धि के कपाट खुल गए?
Thu, 02 Feb 2023 11:11 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 02 Feb 2023 11:11 PM IST
सार
पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट किया कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते। शिवराज जी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर आपने मुझसे हर रोज सवाल पूछने की घोषणा की थी। मैंने उसी दिन आपको समझाया था कि मुख्यमंत्री का काम सवाल पूछना नहीं, जनकल्याण के काम करना है।
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश में चुनावी साल में ‘सवाल’ पर सियासत जारी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सवाल नहीं पूछने पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने तंज कसा। कमलनाथ ने कहा कि आज आपकी बुद्धि के कपाट खुल गए। मुख्यमंत्री ने 28 जनवरी को पूर्व सीएम से लगातार सवाल पूछने की बात कही थी।
कमलनाथ ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते। शिवराज जी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर आपने मुझसे हर रोज सवाल पूछने की घोषणा की थी। मैंने उसी दिन आपको समझाया था कि मुख्यमंत्री का काम सवाल पूछना नहीं, जनकल्याण के काम करना है। आज सूर्यास्त तक जब आपका कोई सवाल नहीं आया तो मैं समझ गया, लेकिन आखिरकार आज आपकी बुद्धि के कपाट खुल गए। अब एक काम और करिए। अपनी पार्टी का घोषणा पत्र ध्यान से पढ़िए और उसे अपनी घोषणा मशीन का निवाला बनने से बचाइये। प्रदेश के नौजवान, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, माताएं और बहनें जो सवाल कर रही हैं, उन्हें गौर से सुनिए और विदाई से पहले उनसे किए वादे निभाइये।
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कमलनाथ ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते। शिवराज जी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर आपने मुझसे हर रोज सवाल पूछने की घोषणा की थी। मैंने उसी दिन आपको समझाया था कि मुख्यमंत्री का काम सवाल पूछना नहीं, जनकल्याण के काम करना है। आज सूर्यास्त तक जब आपका कोई सवाल नहीं आया तो मैं समझ गया, लेकिन आखिरकार आज आपकी बुद्धि के कपाट खुल गए। अब एक काम और करिए। अपनी पार्टी का घोषणा पत्र ध्यान से पढ़िए और उसे अपनी घोषणा मशीन का निवाला बनने से बचाइये। प्रदेश के नौजवान, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, माताएं और बहनें जो सवाल कर रही हैं, उन्हें गौर से सुनिए और विदाई से पहले उनसे किए वादे निभाइये।
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