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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: CM's answer to Gopal Bhargava's question - No time period is set for intent to invest.

MP News: गोपाल भार्गव के सवाल पर सीएम का जवाब- इंटेंट टू इंवेस्ट की कोई समयावधि निर्धारित नहीं

Tue, 17 Dec 2024 09:57 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 17 Dec 2024 09:57 PM IST
सार

प्रदेश में जिलवार कुपोषित बच्चों की जानकारी को लेकर भाजपा विधायक मोहन सिंह ठाकुर के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जानकारी दी कि प्रदेश में पांच लाख 41 हजार बच्चे अंडरवेट हैं। वहीं, प्रदेश में पिछले चार वर्षों के दौरान महिलाओं और बच्चियों के गायब चिंता जनक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 1 लाख 28 हजार 778 से ज्यादा महिलाएं और बच्चियां लापता हुईं। 

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MP News: CM's answer to Gopal Bhargava's question - No time period is set for intent to invest.
पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवाब दिया कि सागर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 22 निवेशकों ने 23,181 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए। इंटेंट टू इंवेस्ट के क्रियान्वयन के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सागर रीजनल इंवेस्टर्स समिट को लेकर पूछे सवाल के जवाब में सीएम ने जवाब दिया कि इंटेंट टू इंवेस्ट के लिए कोई समयावधि तय नहीं है। गोपाल भार्गव ने सवाल पूछा कि 27 सितंबर को सागर में आयोजित रीजनल इंवेस्टमेंट कॉन्क्लेव  में आए इंटेंट टू इंवेस्ट के प्रत्येक प्रस्ताव का नाम, विवरण, प्रस्तावित निवेश, रोजगार संख्या तथा समयावधि की जानकारी उपलब्ध कराए। अभी तक प्रस्ताव पर हुए क्रियान्वयन की जानकारी और जिन प्रस्तावों पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है उनके उद्यमियों को प्रेरित करने संबंधी जानकारी और यदि किसी प्रस्तावक ने कोई सुझाव या समस्या बताई हो तो उसकी जानकारी दी जाए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवाब दिया कि सागर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 22 निवेशकों ने 23,181 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए। इंटेंट टू इंवेस्ट के क्रियान्वयन के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। हालांकि, जिन उद्योगों को शासकीय भूमि आवंटित की गई है, उनके लिए मध्य प्रदेश औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 के तहत समयसीमा निर्धारित है।
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प्रदेश में पांच लाख से ज्यादा बच्चे अंडरवेट 
प्रदेश में जिलवार कुपोषित बच्चों की जानकारी को लेकर भाजपा विधायक मोहन सिंह ठाकुर के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जानकारी दी कि प्रदेश में पांच लाख 41 हजार बच्चे अंडरवेट हैं। उन्होंने जवाब दिया कि सरकार कुपोषण दूर करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मध्य प्रदेश की समस्या नहीं है। विदेशों में भी यही समस्या है।  
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तीन हजार राशि करने अभी कोई प्रस्ताव नहीं 
वहीं, उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि मध्य प्रदेश में करीब 34,000 से अधिक आंगनवाड़ी किराए पर चल रही हैं। इसके अलावा 4044 से अधिक जर्जर स्थिति में है। हालांकि, किराए का सवाल आया तो मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूल और अन्य भवनों में आंगनवाड़ी संचालित की जा रही है। वहीं, विधायक महेश परमार के लाडली बहनों की राशि तीन हजार करने को लेकर पूछे सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अभी राशि बढ़ाने को लेकर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 
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एमपी में चार साल में 1.28 लाख से ज्यादा महिलाएं और बच्चियां लापता 
मध्यप्रदेश में पिछले चार वर्षों के दौरान महिलाओं और बच्चियों के गायब चिंता जनक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में  1 लाख 28 हजार 778 से ज्यादा महिलाएं और बच्चियां लापता हुईं, जिनमें से पुलिस ने करीब 1 लाख 3209 को खोज निकाला, लेकिन 25 हजार 370 अभी भी लापता हैं। विधानसभा में  कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवालों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा 99 हजार महिलाएं और 29 हजार बच्चियां लापता हुईं। इनमें से 75,882 महिलाओं और 27 हजार बच्चियों को खोजा गया, लेकिन 23 महिलाएं और 1919 बच्चियां अब भी गायब हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं और बच्चियों के गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों पर कुर्की की कार्रवाई की जाती है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद, यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले चार वर्षों में इंदौर से 8 हजार से अधिक महिलाएं और बच्चियां लापता हुईं।  इसी अवधि में भोपाल से 6 हजार से ज्यादा महिलाएं और बच्चियां लापता हुईं। हालांकि इन शहरों के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं में थोड़ी कमी आई है।
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