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MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश का नया केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश
Wed, 05 Feb 2025 08:19 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 05 Feb 2025 08:19 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 की तैयारी तेज होती जा रही है। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली समिट में देश-विदेश की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम सेक्टर की बड़ी कंपनियां शामिल होगी। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश इस सेक्टर में भी नई ऊंचाईयाें को प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अब केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि हर उद्योग की आधारभूत आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य से लेकर कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित हर क्षेत्र में आईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश इस बदलाव का केंद्र बन रहा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप्स और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी मिलकर नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं। राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं।
प्रदेश बन रहा आईटी कंपनियों के लिए आदर्श स्थान
डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है।
जीआईएस में प्रदेश में निवेश की संभावनाओं का प्रस्तुत करेंगे
मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है।
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प्रदेश बन रहा आईटी कंपनियों के लिए आदर्श स्थान
डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है।
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जीआईएस में प्रदेश में निवेश की संभावनाओं का प्रस्तुत करेंगे
मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है।
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