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MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- जापान गौतम बुद्ध के जरिए हजारों साल से भारत से जुड़ा
Tue, 28 Jan 2025 11:47 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:47 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोक्यो में रोड शो किया। उन्होंने जापानी निवेशकों और उद्योग जगत की हस्तियों के साथ चर्चा कर निवेश का न्यौता दिया। सीएम ने कहा कि जापान की उद्यमशीलता को नमन करता हूं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फरवरी में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर समिट में निवेशकों को आमंत्रण देने जापान पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भारतीय दूतावास में इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट'' कार्यक्रम में शिरकत की। इस सेशन में उन्होंने कहा कि जापान का प्राचीनकाल से आधुनिक काल तक बहुत समृद्ध इतिहास रहा। जापान की उद्यमशीलता को नमन करता हूं, जिसकी बदौलत आज जापान की विश्व के सामने अलग पहचान है। जापान गौतम बुद्ध की हजारों साल पुरानी परंपरा के साथ भारत से जुड़ा हुआ है। जो आज विशिष्ट जीवनशैली और औद्योगिक शैली के साथ आर्थिक युक्ति से संपन्नता पाने वाला देश है।
मध्य प्रदेश से जापान को 9.28 करोड़ डॉलर के उत्पाद का निर्यात
अपने संबोधन में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ भी जापान के व्यवसायिक दृष्टि से मजबूत संबंध है। मध्यप्रदेश से आज जापान को एल्युमिनियम, कार्बनिक रसायन, बायलर, मशीनरी, फार्मास्युटिकल उत्पाद समेत कई वस्तुओं का निर्यात किया जा रहा है। 2023-24 में मध्य प्रदेश से जापान को 9.28 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया। साथ ही मध्य प्रदेश में जापान के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कई उद्योग संचालित हो रहे हैं।
एक दशक में तीन गुना हुई मप्र की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक दशक में तीन गुना बढ़ी है, जिसे पांच साल में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। पूंजीगत समेत सरकारी व्यय 19 प्रतिशत तक बढ़ा है जो राज्य की उन्नति का द्योतक है। समग्र रुप से करीब 65 हजार करोड़ का निर्यात किया है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों के निवेशकों की मध्यप्रदेश के प्रति रुचि बढ़ी है। हमारी सरकार एनर्जी सेक्टर, माइनिंग, एजुकेशन, एमएसएमई समेत कई सेक्टर के लिए नई पॉलिसी बना रही है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि नीति से अलग भी अगर निवेशक कोई बदलाव और सुविधा चाहेंगे तो सरकार खुले मन से उन्हें मदद करेगी।
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मप्र में इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में फूड, आईटी पार्क, मसाले, मेडिकल डिवाइस, सोलर इक्यूपमेंट, प्लास्टिक, फुटवियर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल्स, ईवी, गारमेंट यूनिट, सेमीकंडक्टर पार्क समेत कई क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। खासतौर पर लॉजिस्टिक, गारमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, ईवी, आईटी के क्षेत्र में हमारी पॉलिसी बड़े निवेशकों को आकर्षित कर रही है। मध्यप्रदेश की अच्छी नीति और नीयत के बलबूते सभी तरफ से व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
कौशल विकास में बड़ी संभावना
सीएम ने कहा कि हमारा फोकस कौशल विकास पर है। प्रदेश में बड़ी संख्या में आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं जहां पर बौद्धिक क्षमता के युवा उपलब्ध हैं। जापान और मध्य प्रदेश मिलकर इन युवाओं को तकनीकी और कौशल ज्ञान प्रदान कर सकते हैं। खासतौर पर इंजीनियरिंग, मेडिकल हेल्थ समेत कई क्षेत्रों में युवाओं को मौका मिल सकता है।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का न्यौता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्घाटन करने वाले हैं। 24-25 फरवरी को इन सभी क्षेत्रों में निवेश की जानकारी देने के लिए सेमिनार होंगे, जहां निवेश की संभावना पर चर्चा होगी। इससे पहले मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी राघवेंद्र सिंह और डॉ. राजेश राजौरा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से मध्य प्रदेश की आर्थिक उन्नति के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों से भी चर्चा की। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों को बताया कि अगर वे प्रदेश में निवेश करते हैं तो उन्हें सारी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार उनकी हर तरह की मदद करेगी। कंपनी को प्रदेश में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगी। इस चर्चा के बाद मुलाकात के दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गिफ्ट भी दिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों को बताया कि मध्य प्रदेश में इंडस्ट्रियल लैंड बैंक है। यह एक लाख एकड़ से ज्यादा है। निवेश करने वाली कंपनी को सरकार कम दामों में जमीन मुहैया कराती है। प्रदेश ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी राज्य है। बस और ट्रैक्टर बनाने में प्रदेश दूसरा बड़ा राज्य है। कमर्शियल गाड़ियां बनाने में मध्य प्रदेश तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश में 2800 से ज्यादा इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरर, 30 से ज्यादा ओईएम और 200 से ज्यादा ऑटो कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स हैं। ग्रुप-बी राज्यों के बीच गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 में प्रदेश को पहला स्थान मिला। प्रदेश एनएटीआरएएक्स का गढ़ है। यहां एशिया का सबसे लंबा हाई स्पीड टेस्टिंग ट्रैक है। यहां 14 टेस्ट ट्रैक और 5 ऑटो-स्पेसिफिक लैब हैं। मध्य प्रदेश कमर्शियल गाड़ी और कृषि उपकरण बनाने में नंबर-1 बनने की क्षमता रखता है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से उभरता प्रदेश
सीएम यादव ने टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों को बताया कि प्रदेश ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से उभरता प्रदेश है। प्रदेश तक पहुंच आसान है। यहां काम में एक्सपर्ट मैनपावर और विश्वस्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर है। राज्य सरकार की नीतियों के चलते औद्योगिक निवेश में 52 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित है। 2022 से 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों के बाजार में 49 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित है। इस सेक्टर में निवेश करने के लिए मध्य प्रदेश में असीम अवसर हैं। प्रदेश इस सेक्टर का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ये हैं स्थापित-प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया
इंदौर का पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नजदीक है। यहां सेज की व्यवस्था है। रेल और रोड की बेहतर कनेक्टिविटी है। एक एरिया में फोर्स मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, वोल्वो आयशर, ब्रिजिस्टोन जैसी कंपनियां काम कर रही हैं। भोपाल का मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया ऑटो कॉम्पोनेंट हब है। देवास का इंडस्ट्रियल एरिया भी कॉम्पोनेंट में अग्रणी है। ग्वालियर क्षेत्र में एमएसएमई का बड़ा साम्राज्य है। यह भी ऑटो कॉम्पोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग में अग्रणी होने जा रहा है।
ये हैं एमपी मार्केट के बड़े खिलाड़ी
पीथमपुर में स्थित वॉल्वो आयशर ने 6000 करोड़ रुपये की लागत से आठ प्लांट लगाए हैं। इसका वार्षिक टर्नओवर 8 हजार 650 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। कंपनी कमर्शियल गाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट करती है। इसी तरह ब्रिजस्टोन इंडिया भी 20 हजार टायर रोज बनाती है। इसका टर्नओवर 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। सीएनएच इंडस्ट्रियल कंपनी विश्व स्तर के कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट पूरी दुनिया को सप्लाई करती है। प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024 में 191 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऑटोमोबाइल और ऑटो कॉम्पोनेंट एक्सपोर्ट किए। ये सारा सामान 200 देशों में भेजा गया।
टोयोटा मोटर्स के इन पदाधिकारियों ने की सीएम से चर्चा
सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ चर्चा करने वालों में टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन के जनरल मैनेजर (इंडिया-मिडिल ईस्ट) टाकायुकी कानो, डिपार्टमेंट जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन-सपोर्ट डिपार्टमेंट (इंडिया-मिडिल ईस्ट) तोशीयुकी नखारा, प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन-सपोर्ट डिपार्टमेंट (इंडिया-मिडिल ईस्ट) मासाहीरो नोगी शामिल थे।
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मध्य प्रदेश से जापान को 9.28 करोड़ डॉलर के उत्पाद का निर्यात
अपने संबोधन में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ भी जापान के व्यवसायिक दृष्टि से मजबूत संबंध है। मध्यप्रदेश से आज जापान को एल्युमिनियम, कार्बनिक रसायन, बायलर, मशीनरी, फार्मास्युटिकल उत्पाद समेत कई वस्तुओं का निर्यात किया जा रहा है। 2023-24 में मध्य प्रदेश से जापान को 9.28 करोड़ डॉलर का निर्यात किया गया। साथ ही मध्य प्रदेश में जापान के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कई उद्योग संचालित हो रहे हैं।
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एक दशक में तीन गुना हुई मप्र की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक दशक में तीन गुना बढ़ी है, जिसे पांच साल में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। पूंजीगत समेत सरकारी व्यय 19 प्रतिशत तक बढ़ा है जो राज्य की उन्नति का द्योतक है। समग्र रुप से करीब 65 हजार करोड़ का निर्यात किया है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों के निवेशकों की मध्यप्रदेश के प्रति रुचि बढ़ी है। हमारी सरकार एनर्जी सेक्टर, माइनिंग, एजुकेशन, एमएसएमई समेत कई सेक्टर के लिए नई पॉलिसी बना रही है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि नीति से अलग भी अगर निवेशक कोई बदलाव और सुविधा चाहेंगे तो सरकार खुले मन से उन्हें मदद करेगी।
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मप्र में इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में फूड, आईटी पार्क, मसाले, मेडिकल डिवाइस, सोलर इक्यूपमेंट, प्लास्टिक, फुटवियर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल्स, ईवी, गारमेंट यूनिट, सेमीकंडक्टर पार्क समेत कई क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। खासतौर पर लॉजिस्टिक, गारमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, ईवी, आईटी के क्षेत्र में हमारी पॉलिसी बड़े निवेशकों को आकर्षित कर रही है। मध्यप्रदेश की अच्छी नीति और नीयत के बलबूते सभी तरफ से व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
कौशल विकास में बड़ी संभावना
सीएम ने कहा कि हमारा फोकस कौशल विकास पर है। प्रदेश में बड़ी संख्या में आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं जहां पर बौद्धिक क्षमता के युवा उपलब्ध हैं। जापान और मध्य प्रदेश मिलकर इन युवाओं को तकनीकी और कौशल ज्ञान प्रदान कर सकते हैं। खासतौर पर इंजीनियरिंग, मेडिकल हेल्थ समेत कई क्षेत्रों में युवाओं को मौका मिल सकता है।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का न्यौता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्घाटन करने वाले हैं। 24-25 फरवरी को इन सभी क्षेत्रों में निवेश की जानकारी देने के लिए सेमिनार होंगे, जहां निवेश की संभावना पर चर्चा होगी। इससे पहले मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी राघवेंद्र सिंह और डॉ. राजेश राजौरा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से मध्य प्रदेश की आर्थिक उन्नति के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों से भी चर्चा की। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों को बताया कि अगर वे प्रदेश में निवेश करते हैं तो उन्हें सारी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार उनकी हर तरह की मदद करेगी। कंपनी को प्रदेश में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगी। इस चर्चा के बाद मुलाकात के दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गिफ्ट भी दिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों को बताया कि मध्य प्रदेश में इंडस्ट्रियल लैंड बैंक है। यह एक लाख एकड़ से ज्यादा है। निवेश करने वाली कंपनी को सरकार कम दामों में जमीन मुहैया कराती है। प्रदेश ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी राज्य है। बस और ट्रैक्टर बनाने में प्रदेश दूसरा बड़ा राज्य है। कमर्शियल गाड़ियां बनाने में मध्य प्रदेश तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश में 2800 से ज्यादा इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरर, 30 से ज्यादा ओईएम और 200 से ज्यादा ऑटो कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स हैं। ग्रुप-बी राज्यों के बीच गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 में प्रदेश को पहला स्थान मिला। प्रदेश एनएटीआरएएक्स का गढ़ है। यहां एशिया का सबसे लंबा हाई स्पीड टेस्टिंग ट्रैक है। यहां 14 टेस्ट ट्रैक और 5 ऑटो-स्पेसिफिक लैब हैं। मध्य प्रदेश कमर्शियल गाड़ी और कृषि उपकरण बनाने में नंबर-1 बनने की क्षमता रखता है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से उभरता प्रदेश
सीएम यादव ने टोयोटा कंपनी के पदाधिकारियों को बताया कि प्रदेश ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से उभरता प्रदेश है। प्रदेश तक पहुंच आसान है। यहां काम में एक्सपर्ट मैनपावर और विश्वस्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर है। राज्य सरकार की नीतियों के चलते औद्योगिक निवेश में 52 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित है। 2022 से 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों के बाजार में 49 फीसदी की बढ़ोतरी संभावित है। इस सेक्टर में निवेश करने के लिए मध्य प्रदेश में असीम अवसर हैं। प्रदेश इस सेक्टर का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ये हैं स्थापित-प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया
इंदौर का पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नजदीक है। यहां सेज की व्यवस्था है। रेल और रोड की बेहतर कनेक्टिविटी है। एक एरिया में फोर्स मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, वोल्वो आयशर, ब्रिजिस्टोन जैसी कंपनियां काम कर रही हैं। भोपाल का मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया ऑटो कॉम्पोनेंट हब है। देवास का इंडस्ट्रियल एरिया भी कॉम्पोनेंट में अग्रणी है। ग्वालियर क्षेत्र में एमएसएमई का बड़ा साम्राज्य है। यह भी ऑटो कॉम्पोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग में अग्रणी होने जा रहा है।
ये हैं एमपी मार्केट के बड़े खिलाड़ी
पीथमपुर में स्थित वॉल्वो आयशर ने 6000 करोड़ रुपये की लागत से आठ प्लांट लगाए हैं। इसका वार्षिक टर्नओवर 8 हजार 650 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। कंपनी कमर्शियल गाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट करती है। इसी तरह ब्रिजस्टोन इंडिया भी 20 हजार टायर रोज बनाती है। इसका टर्नओवर 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। सीएनएच इंडस्ट्रियल कंपनी विश्व स्तर के कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट पूरी दुनिया को सप्लाई करती है। प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024 में 191 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऑटोमोबाइल और ऑटो कॉम्पोनेंट एक्सपोर्ट किए। ये सारा सामान 200 देशों में भेजा गया।
टोयोटा मोटर्स के इन पदाधिकारियों ने की सीएम से चर्चा
सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ चर्चा करने वालों में टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन के जनरल मैनेजर (इंडिया-मिडिल ईस्ट) टाकायुकी कानो, डिपार्टमेंट जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन-सपोर्ट डिपार्टमेंट (इंडिया-मिडिल ईस्ट) तोशीयुकी नखारा, प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेशन-सपोर्ट डिपार्टमेंट (इंडिया-मिडिल ईस्ट) मासाहीरो नोगी शामिल थे।
