फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Bhopal Nani fined 1 crore by NGT for construction of floating restaurant in Bade Talab

MP News: बड़े तालाब में फ्लोटिंग रेस्टारेंट निर्माण पर एनजीटी ने भोपाल ननि पर लगाया 1 करोड़ का जुर्माना

Thu, 13 Jul 2023 10:59 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 13 Jul 2023 10:59 PM IST
सार

भोपाल की लाइफ लाइन भोजवेटलैंड पर नियम विरुद्ध फ्लोटिंग रेस्टोरेंट निर्माण शुरू करने पर सामाजिक कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। सितंबर 2022 में दायर याचिका में वेटलैंड नियम के विरुद्ध बड़े तालाब में स्थाई स्ट्रक्चर बनाया जा रहा था।

विज्ञापन
MP News: Bhopal Nani fined 1 crore by NGT for construction of floating restaurant in Bade Talab
बड़े तालाब के किनारे किया जा रहा था स्थाई निर्माण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के बड़े तालाब में नियम विरुद्ध फ्लोटिंग रेस्टारेंट निर्माण की अनुमति देने पर भोपाल नगर निगम पर कार्रवाई हुई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही निर्माणाधीन स्ट्रक्चर को तोड़ कर पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


भोपाल की लाइफ लाइन भोजवेटलैंड पर नियम विरुद्ध फ्लोटिंग रेस्टोरेंट निर्माण शुरू करने पर सामाजिक कार्यकर्ता राशिद नूर खान ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। सितंबर 2022 में दायर याचिका में वेटलैंड नियम के विरुद्ध बड़े तालाब में स्थाई स्ट्रक्चर बनाया जा रहा था। जबकि नियमानुसार वेटलैंड के 50 मीटर के दायरे में निर्माण नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता के वकील हर्षवर्धन तिवारी ने बताया कि नगर निगम की अनुमति पर एमपी पर्यटन विभाग जेट्टी का निर्माण करा रहा था।
विज्ञापन


एनजीटी में नगर निगम ने नियमों के अनुसार निर्माण होने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि फ्लोटिंग रेस्टारेंट नहीं अस्थाई जेट्टी का निर्माण किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने नगर निगम से सभी अनुमति और निर्माण संबंधी जारी नक्शे की कॉपी मांगी, लेकिन नगर निगम नहीं दिखा सका। इस पर कोर्ट ने पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने की सख्त टिप्पणी करते हुए नगर निगम पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। इस राशि को मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कट्रोल बोर्ड के पास जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने 6 माह के अंदर निर्माणाधीन स्ट्रक्चर को तोड़ कर पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए। खास बात यह है कि कोर्ट ने अवैध निर्माण को तोड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम को ना देकर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed