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MP News: भोपाल एम्स ने दिल्ली एम्स को पछाड़ा, अस्पताल के सभी विभागों के 960 बेड्स को एनएबीएच की मान्यता
Mon, 15 Jan 2024 07:23 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 15 Jan 2024 07:23 PM IST
सार
एम्स भोपाल के कार्यपालन निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि एम्स में इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं है। अब एनएबीएच की मान्यता के बाद इन सुविधाओं में और इजाफा होगा।
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एम्स भोपाल के कार्यपालन निदेशक डॉ. अजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल एम्स को नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल (एनएबीएच) की मान्यता मिली है। इसके साथ ही भोपाल एम्स मध्य भारत का पहला अस्पताल बन गया है। साथ ही अस्पताल ने दिल्ली एम्स को भी पछाड़ दिया है। एनएबीएच सुविधाओं और तय मानकों को पूर्ण करने वाले अस्पतालों को मान्यता देता है। एम्स भोपाल के कार्यपालन निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि एम्स में इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं है। अब एनएबीएच की मान्यता के बाद इन सुविधाओं में और इजाफा होगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि एनएबीएच ने नागपुर एम्स में सिर्फ 200 बेड्स को मान्यता दी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली एम्स में भी सिर्फ एक हिस्से को मान्यता है। एनएबीएच ने भोपाल एम्स के सभी विभागों के 960 बेड का सर्वे करने के बाद दो साल के लिए मान्यता दी है।
क्या है एनएबीएच
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबंद्ध नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल (एनएबीएच) देशभर के अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मान्यता प्रदान करता है। देश में 10 साल पहले 2014 से एनएबीएच से मान्यता लेना प्रारंभ हुआ था। हेल्थ इंडस्ट्री में गुणवत्ता के लिए उच्च मापदंड तैयार करने ओर जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना बोर्ड का उद्देश्य है।
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यह है एनएबीएच के मानक
नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल ने अपने मानक तय किए है। इसमें नियमों अनुसार अस्पताल का संचालन, मरीजों का बेहतर इलाज की सुविधा, संक्रमण मुक्त वातावरण, इलाज के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं, अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग और अन्य स्टाफ की दक्षता, अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी वैधानिकता को सभी तथ्यों पर परखा जाता है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्धारित मानदंडों पर खरा उतरने के बाद एनएबीएच की मान्यता मिलती है।
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डॉ. सिंह ने बताया कि एनएबीएच ने नागपुर एम्स में सिर्फ 200 बेड्स को मान्यता दी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली एम्स में भी सिर्फ एक हिस्से को मान्यता है। एनएबीएच ने भोपाल एम्स के सभी विभागों के 960 बेड का सर्वे करने के बाद दो साल के लिए मान्यता दी है।
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क्या है एनएबीएच
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबंद्ध नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल (एनएबीएच) देशभर के अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मान्यता प्रदान करता है। देश में 10 साल पहले 2014 से एनएबीएच से मान्यता लेना प्रारंभ हुआ था। हेल्थ इंडस्ट्री में गुणवत्ता के लिए उच्च मापदंड तैयार करने ओर जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना बोर्ड का उद्देश्य है।
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यह है एनएबीएच के मानक
नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल ने अपने मानक तय किए है। इसमें नियमों अनुसार अस्पताल का संचालन, मरीजों का बेहतर इलाज की सुविधा, संक्रमण मुक्त वातावरण, इलाज के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं, अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग और अन्य स्टाफ की दक्षता, अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी वैधानिकता को सभी तथ्यों पर परखा जाता है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्धारित मानदंडों पर खरा उतरने के बाद एनएबीएच की मान्यता मिलती है।
