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MP News: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का कटा सिर,  वन विभाग का दावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

Thu, 06 Jul 2023 10:24 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 06 Jul 2023 10:24 PM IST
सार

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत चूरना परिक्षेत्र के डबरा बिट में बाघ का सर कटा शव मिला था। अब वन विभाग ने कटा सर मिलने का दावा किया है। इस दावे पर एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सवाल उठाए है। बता दें 25 जून को बाघ का सड़ा हुआ शव मिला था। जिसका सिर गायब था। 

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MP News: Beheaded tiger found in Satpura tiger reserve, forest department claims, samples sent for testing
वन विभाग ने बाघ का कटा सिर होने का दावा किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन विभाग ने दावा किया है कि नर्मदापुरम—सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत चूरना परिक्षेत्र के डबरा बिट में शिकार हुए बाघ का कटा सिर गुरुवार को धांसई-भीमकुण्ड मार्ग के पास मिल गया है। वन्यप्राणी चिकित्सक रातापानी को बुलाकर पाए गए मृत टाइगर के सिर का परीक्षण किया गया एवं माप ली गई। बाल, मांस आदि अन्य के सैंपल लेकर सील किया गया। कटे हुए सिर एवं अन्य सैंपल को वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ सेंटर जबलपुर को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। वन विभाग के अधिकारियों के बाघ का कटा सिर मिलने के दावे पर वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सवाल उठाए हैं।  
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बता दें, 25 जून को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अंतर्गत चूरना रेंज में बाघ का क्षत विक्षप्त शव मिला था। अधिकारियों ने पहले पूरे मामले की जानकारी को दबाया था। इसके बाद मामले में सतपुडा टाइगर रिजर्व एवं एसटीसीएफ जांच दल द्वारा निरंतर वनक्षेत्र, राजस्व क्षेत्र एवं ग्रामों में गश्ती एवं पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया कि इस प्रकरण में स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। इस बीच गुरुवार सुबह छह बजे वन विभाग के अधिकारियों की तरफ से बाघ का कटा सिर मिलने का दावा किया गया। वन विभाग के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि  बीटगार्ड ग्राम धासई नारायण प्रसाद लोधी एवं सुरक्षा श्रमिक धासई नाके से धांसई- भीमकुण्ड रोड पर गश्त के लिए निकले। रास्ते में नाके से लगभग 200 मीटर की दूरी पर गुड्डी नाले पर बने रपटे के ऊपर उनको मांस का बड़ा टुकडा दिखाई दिया, जिसे दो कुत्ते पकड़ कर खा रहे थे। बीटगार्ड के द्वारा कुत्तों को भगाकर मांस के टुकडे को देखा गया तो वह टाइगर का कटा हुआ सिर था, जिसकी खाल सड़ चुकी थी। सिर की हड्डी पर मांस लगा हुआ था एवं केनाईन पास में पड़े पाए गए। वह स्थल बफर रेंज के कक्ष क्रमांक 436 एवं राजस्व की सीमा पर पड़ता है। कटे हुए सिर को चारों ओर पत्थर लगाकर सुरक्षित किया गया एवं इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। 
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उपसंचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम संदीप फैलोज, अधीक्षक बोरी अभ्यारण्य इटारसी एवं परिक्षेत्र अधिकारी तथा बफर ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया। टाइगर के पाए गए कटे हुए सिर एवं अन्य अवयवों को जप्त किया गया। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एवं रातापानी के डॉग स्क्वाड को घटना स्थल पर बुलाकर संदिग्ध की जांच कराई गई। डॉग स्क्वाड के द्वारा धांसई ग्राम के कुछ स्थलों को चिन्हित किया गया। जिसकी विवेचना की जा रही है।
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वन विभाग के दावे पर उठाए सवाल 
वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने वन विभाग के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सवाल किया कि कुत्तों का वीडियो फोटो कहा है? कोर एरिया में कुत्ते कैसे आए और 15 -20 दिन पुराना टाइगर का मांस कुत्ते कैसे खा रहे थे? फॉरेस्ट दावा करता है कि सतपुड़ा डीडी संदीप फेलोज और दूसरे अफसर तत्काल पहुंच गए। यह सवाल खड़े करता है, क्योंकि फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार बाघ के शिकार की सूचना 25 जून को मिलने पर अफसर 18 घंटे बाद पहुंचे थे। दुबे ने कहा कि सिर किसी और का हो सकता है। क्योंकि शिकारी 12 दिन से फरार है। इसलिए वैज्ञानिक रिपोर्ट के पहले वन विभाग का दावा भरोसे योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकारी की मिलीभगत से केस को दफन करने की यह साजिश दिखती है। इसलिए एफडी कृष्णमूर्ति को हटाकर जांच किसी बाहरी टीम से कराई जाए।
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