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MP News: बरगी क्रूज हादसा- कीमत पर नया विवाद, पर्यटन निगम बोला 80 लाख, कंपनी ने बताई 45 लाख

Wed, 06 May 2026 09:24 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Wed, 06 May 2026 09:24 PM IST
सार

बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद अब इसकी कीमत और मेंटेनेंस को लेकर नया विवाद सामने आया है। अलग-अलग दावों और तकनीकी खामियों के कारण मामला और उलझता जा रहा है। ऐसे में अब जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।

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MP News: Bargi cruise accident - new controversy over price, Tourism Corporation said 80 lakhs, company said 4
बरगी डैम में डूबे क्रूज को तोड़ने के बाद पूरी तरह तोड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरगी डैम में हुए हादसे के बाद अब डूबे क्रूज की कीमत को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। मामले में लगातार हो रहे खुलासों के बीच मध्य प्रदेश पर्यटन निगम और क्रूज बनाने वाली कंपनी के दावों में बड़ा अंतर नजर आ रहा है, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो गए हैं। पर्यटन निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह क्रूज वर्ष 2006 में करीब 80 लाख रुपये में खरीदा गया था। वहीं, क्रूज का निर्माण करने वाली हैदराबाद की कंपनी द्वारा अमर उजाला से बातचीत में दी गई जानकारी इससे बिल्कुल अलग है। कंपनी से जुड़े लोगों के अनुसार, उस समय यह क्रूज 40 से 45 लाख रुपये में सप्लाई किया गया था। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों ने खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला इसलिए भी गंभीर हो गया है, क्योंकि वर्ष 2024 में इसी क्रूज की मरम्मत और री-फिटिंग पर भी लगभग 38 लाख रुपये खर्च किए गए थे। ऐसे में अब जांच का बड़ा मुद्दा यह बन गया है कि असल में क्रूज कितने में खरीदा गया और बाद में उसके सुधार कार्यों पर किन मदों में कितना खर्च किया गया। 
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विरोधाभासी बयान से जांच उलझी
इस बीच, पर्यटन निगम के सलाहकार राजेंद्र निगम के बयानों में भी बदलाव सामने आया है। पहले उन्होंने कहा था कि क्रूज को जांच के लिए तोड़ा गया, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि क्रूज को पूरी तरह नहीं तोड़ा गया, बल्कि उसमें छेद (होल) किया गया है। इस विरोधाभास ने जांच को और उलझा दिया है।
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क्रूज मजबूत था, तूफान से पलटा : कंपनी
उधर, क्रूज बनाने वाली हैदराबाद बोट बिल्डर्स कंपनी का कहना है कि क्रूज मजबूत था और तेज तूफान के कारण पलटा। कंपनी के अनुसार, इसे तोड़ने में भी दो दिन लगे, जिससे इसकी मजबूती का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब इस पूरे मामले में क्रूज की वास्तविक कीमत, री-फिटिंग पर खर्च और तकनीकी स्थिति भी सवालों के घेरे में आ गई है। बता दें, हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा और तकनीकी खामियों पर सवाल खड़े हुए है। क्रूज के पायलट महेश पटेल ने एक इंजन में खराबी की बात कही थी। जिसके बाद मेंटेनेंस पर भी सवाल उठे है। दरअसल, 2024 में 38 लाख रुपये की री-फिटिंग के बावजूद क्रूज में खामी में कई सवाल खड़े कर रही है। यहीं नहीं बिना वैध बीमा के संचालन और यात्रियों का बीमा न होना भी जांच के दायरे में है। अब राज्य सरकार ने 4 सदस्यीय जांच समिति गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है। वहीं, जबलपुर की जिला अदालत ने भी मामले में संज्ञान लेकर पायलट पर एफआईआर करने के निर्देश दिए है। वहीं, क्रूज को जांच के पहले ही तोड़ने के बाद जांच समिति ने उसको अवशेषों को सीज करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।  

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कलेक्टर और होमगार्ड से मांगी रिपोर्ट 
मामले में गठित जांच समिति की बैठक हुई है, जिसमें होमगार्ड और कलेक्टर को प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर समिति को सौंपने के निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन में लीड करने वाले अधिकारी अपनी अलग विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जांच प्रक्रिया के दौरान सुनवाई और कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। पूरे मामले में टूरिज्म प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों से जानकारी लेकर समग्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद जांच समिति पूरे मामले का विस्तृत परीक्षण (एग्जामिनेशन) करेगी। 

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