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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Assembly session ended five days before the scheduled time, huge uproar over Narmada, Jal Jeevan Miss

MP News: विधानसभा सत्र तय समय से पांच दिन पहले समाप्त, नर्मदा, जल जीवन मिशन और आदिवासी पिटाई पर जमकर हंगामा

Wed, 14 Feb 2024 09:04 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 14 Feb 2024 09:04 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ वातावरण में पक्ष और विपक्ष ने अपनी बात रखी है। विधानसभा अध्यक्ष ने निष्पक्ष होकर पक्ष और विपक्ष को बोलने का मौका दिया है। उनको धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही ही लोकतंत्र की खूबसूरती है।

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MP News: Assembly session ended five days before the scheduled time, huge uproar over Narmada, Jal Jeevan Miss
मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का दूसरा सत्र 13 दिन की जगह आठ दिन यानी पांच दिन पहले ही समाप्त हो गया। सत्र के छठवें दिन बुधवार को नर्मदा में सीवेज मिलने, जल जीवन मिशन और आदिवासी पिटाई के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण में नर्मदा नदी में प्रदूषण का मुद्दा उठाया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। घनघोरिया ने कहा कि नर्मदा शिव की नहीं भाजपा की बेटी है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनसे माफी मांगने की मांग की। हंगामे के बीच प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। 
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इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ वातावरण में पक्ष और विपक्ष ने अपनी बात रखी है। विधानसभा अध्यक्ष ने निष्पक्ष होकर पक्ष और विपक्ष को बोलने का मौका दिया है। उनको धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही ही लोकतंत्र की खूबसूरती है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रथम बार के निर्वाचित सदस्यों को अवसर देना मेरी प्राथमिकता रही। 
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सीधा प्रसारण हो : कटारे
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सब सदस्यों ने अपनी बात कही। मेरी मांग है कि लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा की कार्यवाही का भी लाइव प्रसारण किया जाए। 
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बैतूल मामले में स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बैतूल में आदिवासी युवक को पीटने के मामले में कांग्रेस ने मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, लेकिन उनका उस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इस तरह की घटनाएं प्रदेश में घटित होना शर्मनाक है। इस पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि स्थगन पर चर्चा करने के लिए समय तय किया जाए। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्थगन स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि स्थगन की जानकारी नौ बजकर 50 मिनट पर दी गई। निर्धारित समय के बाद सूचना देने के आधार पर स्थगन स्वीकार नहीं किया गया।  
सुरक्षा देने में सरकार विफल : कटारे
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि आदिवासियों को सुरक्षा देने में सरकार विफल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से गृह विभाग नहीं संभल पा रहा तो उनको विभाग से त्याग कर देना चाहिए। 

नर्मदा में गंदा पानी मिलने को लेकर हंगामा
जबलपुर में नर्मदा में गंदा पानी मिलने पर बुधवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने नर्मदा नदी का जल अशुद्ध होने का मुद्दा उठाया। इस पर नगरीय प्रशासन विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि नर्मदा नदी में गंदा पानी मिल रहा है। ग्वारीघाट बस्ती से निकलने वाले गंदे पानी को नर्मदा नदी में जाने से रोकने की व्यवस्था की गई है। अन्य स्थानों पर सर्वे करवाया जा रहा है। हमारी नर्मदा मैया पर बहुत श्रद्धा है। हम नर्मदा नदी को मां मानते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज मेरे पास फोन आया कि ये केवल जबलपुर का नहीं बल्कि श्रद्धा का सवाल है। नर्मदा नदी में गंदा पानी न मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। विजयवर्गीय ने सदन को आश्वस्त किया कि दो वर्ष में नर्मदा नदी में प्रदेश के किसी भी हिस्से से गंदा पानी नहीं मिलेगा। 

सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक
कांग्रेस विधायक ने इस पर कहा कि मां नर्मदा शिव की नहीं भाजपा की बेटी है। इसे लेकर सदन में हंगामा हो गया। मां नर्मदा पर की गई टिप्पणी को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह मर्यादा विहीन टिप्पणी है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि घनघोरिया को इस पर माफी मांगना चाहिए। यह बेहद अपमानित करने वाली बात है। बयान को विधानसभा की कार्यवाही से विलोपित करना चाहिए। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई।     

जल जीवन मिशन में करोड़ो की गड़बड़ी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हजारों करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधानसभा स्तर की जांच समिति गठित कर प्रदेश स्तर पर जांच कराई जाएगी। इसी तरह मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि संवेदनशीलता पर प्रश्न न उठाया जाए। केंद्र से इतना पैसा आया है कि यहां मैनपावर ही नहीं है। गुणवत्ता को लेकर केंद्र ओर राज्य दोनों सरकारें गंभीर हैं। सभी को पलीता न लगाएं। यदि कोई विशेष मामला हो तो उसे उठाएं। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गांव में नलों से पानी नहीं आ रहा है। यह बात मैं प्रमाण के साथ कह सकता हूं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह सवाल एक विधानसभा से जुड़ा है। भ्रष्टाचार के आरोपी के नाम पर डराए नहीं, एक नहीं दस जांच कराएंगे, लेकिन डरेंगे नहीं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले कि विधानसभा में असत्य जानकारी दी जा रही है। घर तक नल तो आ गए, लेकिन पानी नहीं आया। 

फसलों को हुई क्षति और मुआवजे का मुद्दा 
कांग्रेस ने ओला-पाला गिरने की वजह से फसलों को हुई क्षति और मुआवजे का मुद्दा उठाया। फसल बीमा पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक भंवरसिंह शेखावत ने कहा कि दिल्ली की तरफ देखेंगे तो किसानों की हालत पता चलेगी। किसानों का दर्द कैलाश विजयवर्गीय को नहीं पता है। इस पर विजयवर्गीय बोले कि पूरे देश के नहीं दो-तीन राज्यों के, पंजाब के ही किसान दिल्ली में हैं। किसानों के प्रति बहुत जवाबदेह हैं। हमने किसानों के लिए बेहतर काम किया है। इस पर कांग्रेस के रामनिवास रावत ने कहा कि किसानों पर रात में आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि नियम 139 के तहत चर्चा हो रही है। इसका मुद्दा मध्य प्रदेश ही रखा जाए। बाहर की बात न की जाए। 

बीमा कंपनियों ने लूट का धंधा बना रखा
शेखावत ने कहा कि महाकौशल-विन्ध्य, सागर, रीवा, शहडोल समेत कई जिलों में ओले गिरने से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। बीमा कंपनियों ने लूट का धंधा बना रखा है। बीमा कंपनियां पैसा लेकर भाग जाती हैं। सरकार बताए कि बीमा कंपनियों ने बीमा की कितनी राशि किसानों को दी है। बीमा कंपनियां तो किसानों को 12-13 रुपये का मुआवजा देती हैं। इस पर बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार ने इस मसले पर पटवारियों को निलंबित भी किया है। 2.72 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सरकार वितरित कर चुकी है। 2,700 किसान अभी प्रक्रिया में है। 11 फरवरी को ओलावृष्टि हुई थी और 12 फरवरी को सरकार ने हर जिले के लिए जांच दल गठित कर दिए थे। सरकार ने निर्णय भी लिया है कि 50% से अधिक क्षति होती है तो शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा।

बीजेपी विधायक ने अपनी ही सरकार को दी चुनौती
शिवपुरी जिले के करैरा से भाजपा विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने शिवपुरी जिले में आरबीसी नहर से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने को लेकर ध्यानाकर्षण दिया। इस पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि पानी दिया जा रहा है। इस पर विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि जांच करवा लीजिए। यदि गांव में पानी दिया जा रहा हो तो विधायकी छोड़ दूंगा।  


हरदा हादसे व जनता से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा 
सत्र में विधायकों ने 2300 से ज्यादा प्रश्न पूछे। 242 याचिका, 8 अशासकीय विधेयक पास हुए। 7 फरवरी को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। 12 फरवरी को सरकार ने 2024-25 के लिए चार माह के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया। हरदा हादसे के साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
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