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MP News: 50वां खजुराहो नृत्य महोत्सव 20 फरवरी से, कथक कुंभ में 1500 कलाकार बनाएंगे विश्व रिकॉर्ड
Thu, 08 Feb 2024 08:42 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 08 Feb 2024 08:42 PM IST
सार
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का उजास 20 फरवरी से खजुराहो नृत्य महोत्सव के रूप में होने जा रहा है।
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खजुराहो नृत्य समारोह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खजुराहो नृत्य महोत्सव के स्वर्ण जयंती वर्ष को खास एवं यादगार बनाने के लिए संस्कृति विभाग कथक कुंभ का आयोजन करने जा रहा है। इसके पहले दिन 20 फरवरी, 2024 को कथक नृत्य के 1500 से 2000 कलाकारों द्वारा सामूहिक नृत्य ‘‘कथक-कुंभ’’ प्रस्तुत कर ‘‘विश्व रिकॉर्ड’’ स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रथम दिवस 20 फरवरी, 2024 को कथक नृत्य के 1500 से 2000 कलाकारों द्वारा सामूहिक नृत्य ‘‘कथक-कुंभ’’ प्रस्तुत कर ‘‘विश्व रिकॉर्ड’’ स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का उजास 20 फरवरी से खजुराहो नृत्य महोत्सव के रूप में होने जा रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो की धरती एक बार फिर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से गुंजायमान होगी। बुंदेलों की धरती पर देशभर से पधारने वाले प्रतिष्ठित लोक नर्तक अपनी घुंघरुओं की झंकार और कदमताल से छटा बिखेरेंगे। खजुराहो नृत्य महोत्सव 1975 में शुरू हुआ था और इस वर्ष यह अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। इस उपलब्धि को खास एवं यादगार बनाने के लिये संस्कृति विभाग द्वारा कथक-कुंभ का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल के माध्यम से खजुराहो में प्रतिवर्ष खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं पुरातत्व विभाग की सहभागिता से किया जाता है। पश्चिमी मंदिर समूह परिसर के अंदर चंदेलकालीन कंदारिया महादेव मंदिर तथा देवी जगदंबा मंदिर के मध्य विशाल मुक्ताकाशी मंच पर यह उत्सव 26 फरवरी तक आयोजित होगा।
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प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला ने कहा, ‘खजुराहो नृत्य समारोह को शुरू करने का उद्देश्य शास्त्रीय नृत्यों का संरक्षण ही नहीं अपितु इसके इतर शास्त्रीय नृत्य द्वारा कला की सर्वोत्तम अनुभूति कला रसिकों को करवाने एवं इससे जुड़े सभी कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। विश्व रिकॉर्ड के अलावा महोत्सव में पहली बार लयशाला का आयोजन होगा। इसमें भारतीय नृत्य शैलियों के अपनी विधा के श्रेष्ठ गुरूओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशालाएं होंगी’। प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा यह देश का अत्यंत ख्यातिलब्ध समारोह है और इसमें अब तक भारत की सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों के कलाकार अपनी नृत्यों की प्रस्तुतियां दे चुके हैं। इस वर्ष भी देश के ख्यातिलब्ध प्रतिष्ठित कलाकार शिरकत कर रहे हैं। खजुराहो नृत्य समारोह में अब तक भारत की सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों जैसे भरतनाट्यम, ओडीसी, कथक, मोहिनीअट्टम, कुचिपुड़ी, कथकली, यक्षगान, मणिपुरी आदि के युवा और वरिष्ठ कलाकार अपनी कला की आभा बिखेर चुके हैं।
म.प्र. टूरिज्म की ओर से मिलेगी सैलानियों को रोमांच की सौगात
महोत्सव के दौरान खजुराहो में देश-विदेश से पहुंचने वाले सैलानियों को विभिन्न गतिविधियां रोमांचित करेगी। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा विभिन्न रोमांचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सैलानियों को रोमांचित करने के लिए स्काई डाईविंग (20-25 फरवरी 2024), कैम्पिंग, ट्रेल जॉय राइड, वाटर एडवेंचर, स्पीड बोट, बनाना राइड, शिकारा राइड, राफ्टिंग, विलेज टूर, ई-बाइक टूर, रानेह फॉल टूर, दतला पहाड़, सेगवे टूर, खजुराहो नाइट टूर, फॉर्म टूर जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी।
मध्यप्रदेश रूपंकर कला पुरस्कार/प्रदर्शनी एवं अलंकरण
शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश रूपंकर कला पुरस्कार/प्रदर्शनी एवं अलंकरण होगा। इसमें राज्य शासन द्वारा प्रदेश के विख्यात रूपंकर कलाकारों के नाम से स्थापित 10 राज्य स्तरीय पुरस्कार चयनित कलाकारों को प्रदान किए जाएंगे। अलंकृत कलाकारों को पुरस्कार स्वरूप सम्मान राशि प्रदान करते हुए प्रशंसा पत्र, शॉल व श्रीफल से सम्मानित किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान होंगी विभिन्न गतिविधियां
नेपथ्य- भारतीय नृत्य शैलियों का सांस्कृतिक परिदृश्य एवं कलायात्रा। प्रदर्शनी के अन्तर्गत शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्य रूपाकारों के परिधान, आभूषण, अलंकरण, साहित्य और संगीत वाद्यों के साथ-साथ चित्र शैलियां एवं पर्व-त्यौहार अर्थात् समग्रता में कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है। इसके अलावा इस दौरान कलाकार और कलाविदों का संवाद, देशज ज्ञान एवं कला परंपरा का मेला, ललित कलाओं का मेला, टेराकोटा और सिरेमिक राष्ट्रीय प्रदर्शनी-कार्यशाला, अन्तर्राष्ट्रीय छापा कला और श्रेष्ठ गुरुओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
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संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का उजास 20 फरवरी से खजुराहो नृत्य महोत्सव के रूप में होने जा रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो की धरती एक बार फिर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से गुंजायमान होगी। बुंदेलों की धरती पर देशभर से पधारने वाले प्रतिष्ठित लोक नर्तक अपनी घुंघरुओं की झंकार और कदमताल से छटा बिखेरेंगे। खजुराहो नृत्य महोत्सव 1975 में शुरू हुआ था और इस वर्ष यह अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। इस उपलब्धि को खास एवं यादगार बनाने के लिये संस्कृति विभाग द्वारा कथक-कुंभ का आयोजन किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल के माध्यम से खजुराहो में प्रतिवर्ष खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं पुरातत्व विभाग की सहभागिता से किया जाता है। पश्चिमी मंदिर समूह परिसर के अंदर चंदेलकालीन कंदारिया महादेव मंदिर तथा देवी जगदंबा मंदिर के मध्य विशाल मुक्ताकाशी मंच पर यह उत्सव 26 फरवरी तक आयोजित होगा।
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प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला ने कहा, ‘खजुराहो नृत्य समारोह को शुरू करने का उद्देश्य शास्त्रीय नृत्यों का संरक्षण ही नहीं अपितु इसके इतर शास्त्रीय नृत्य द्वारा कला की सर्वोत्तम अनुभूति कला रसिकों को करवाने एवं इससे जुड़े सभी कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। विश्व रिकॉर्ड के अलावा महोत्सव में पहली बार लयशाला का आयोजन होगा। इसमें भारतीय नृत्य शैलियों के अपनी विधा के श्रेष्ठ गुरूओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशालाएं होंगी’। प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा यह देश का अत्यंत ख्यातिलब्ध समारोह है और इसमें अब तक भारत की सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों के कलाकार अपनी नृत्यों की प्रस्तुतियां दे चुके हैं। इस वर्ष भी देश के ख्यातिलब्ध प्रतिष्ठित कलाकार शिरकत कर रहे हैं। खजुराहो नृत्य समारोह में अब तक भारत की सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों जैसे भरतनाट्यम, ओडीसी, कथक, मोहिनीअट्टम, कुचिपुड़ी, कथकली, यक्षगान, मणिपुरी आदि के युवा और वरिष्ठ कलाकार अपनी कला की आभा बिखेर चुके हैं।
म.प्र. टूरिज्म की ओर से मिलेगी सैलानियों को रोमांच की सौगात
महोत्सव के दौरान खजुराहो में देश-विदेश से पहुंचने वाले सैलानियों को विभिन्न गतिविधियां रोमांचित करेगी। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड द्वारा विभिन्न रोमांचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सैलानियों को रोमांचित करने के लिए स्काई डाईविंग (20-25 फरवरी 2024), कैम्पिंग, ट्रेल जॉय राइड, वाटर एडवेंचर, स्पीड बोट, बनाना राइड, शिकारा राइड, राफ्टिंग, विलेज टूर, ई-बाइक टूर, रानेह फॉल टूर, दतला पहाड़, सेगवे टूर, खजुराहो नाइट टूर, फॉर्म टूर जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी।
मध्यप्रदेश रूपंकर कला पुरस्कार/प्रदर्शनी एवं अलंकरण
शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश रूपंकर कला पुरस्कार/प्रदर्शनी एवं अलंकरण होगा। इसमें राज्य शासन द्वारा प्रदेश के विख्यात रूपंकर कलाकारों के नाम से स्थापित 10 राज्य स्तरीय पुरस्कार चयनित कलाकारों को प्रदान किए जाएंगे। अलंकृत कलाकारों को पुरस्कार स्वरूप सम्मान राशि प्रदान करते हुए प्रशंसा पत्र, शॉल व श्रीफल से सम्मानित किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान होंगी विभिन्न गतिविधियां
नेपथ्य- भारतीय नृत्य शैलियों का सांस्कृतिक परिदृश्य एवं कलायात्रा। प्रदर्शनी के अन्तर्गत शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्य रूपाकारों के परिधान, आभूषण, अलंकरण, साहित्य और संगीत वाद्यों के साथ-साथ चित्र शैलियां एवं पर्व-त्यौहार अर्थात् समग्रता में कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है। इसके अलावा इस दौरान कलाकार और कलाविदों का संवाद, देशज ज्ञान एवं कला परंपरा का मेला, ललित कलाओं का मेला, टेराकोटा और सिरेमिक राष्ट्रीय प्रदर्शनी-कार्यशाला, अन्तर्राष्ट्रीय छापा कला और श्रेष्ठ गुरुओं के साथ शिष्यों का संगम और कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
