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एमपी में 19 सितंबर से नुक्कड़ नाटक: स्कूल से हाट-बाजार तक पहुंचेंगी ‘नमो सेवा’ की कहानियां, जानें क्या होगा
Fri, 18 Sep 2026 05:36 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 18 Sep 2026 05:36 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में 19 सितंबर से स्कूल, कॉलेज, गांव और हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक लोगों को देखने को मिलेंगे। ‘नमो सेवा’ अभियान के तहत हर जिले में 10 नाट्य टीमें करीब 30 मिनट की प्रस्तुतियों के जरिए सेवा और बदलाव की कहानियां सुनाएंगी।
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भाजपा का झंडा
- फोटो : ANI
विस्तार
मध्यप्रदेश में 19 सितंबर से लोगों को सार्वजनिक जगहों पर नुक्कड़ नाटक देखने को मिलेंगे। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘नमो सेवा (अनकही कहानियां)’ कार्यक्रम 19 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चलेगा। इसके लिए हर जिले में कम से कम 10 नाट्य टोलियां बनाई जा रही हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर करीब 30 मिनट की प्रस्तुतियां देंगी।
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स्कूल, कॉलेज और बाजारों में होंगे नाटक
कार्यक्रम केवल बड़े मंचों तक सीमित नहीं रहेगा। नाट्य टोलियां स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत, सामुदायिक केंद्र, हाट-बाजार और अन्य व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तुतियां देंगी। जिला स्तर पर इनके कार्यक्रमों का शेड्यूल तैयार किया जाएगा।
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30 मिनट में दिखाई जाएंगी ‘अनकही कहानियां’
नुक्कड़ नाटकों को सरल और भावनात्मक शैली में तैयार किया गया है। इनमें सेवा कार्यों से जुड़े प्रसंगों और देश में हुए बदलावों की कहानियों को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य लोगों तक सेवा, सुशासन और जनभागीदारी से जुड़े संदेश पहुंचाना है।
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हर जिले में 10 टीमें, कलाकारों को मिलेगा सम्मान
प्रत्येक जिले में कम से कम 10 नाट्य टोलियां तैयार की जा रही हैं। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन में इनके आवागमन और प्रस्तुतियों की व्यवस्था की जाएगी। अभियान के समापन पर बेहतर प्रस्तुति और सांस्कृतिक भागीदारी के लिए नाट्य मंडलियों और कलाकारों को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
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स्कूल, कॉलेज और बाजारों में होंगे नाटक
कार्यक्रम केवल बड़े मंचों तक सीमित नहीं रहेगा। नाट्य टोलियां स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत, सामुदायिक केंद्र, हाट-बाजार और अन्य व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तुतियां देंगी। जिला स्तर पर इनके कार्यक्रमों का शेड्यूल तैयार किया जाएगा।
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30 मिनट में दिखाई जाएंगी ‘अनकही कहानियां’
नुक्कड़ नाटकों को सरल और भावनात्मक शैली में तैयार किया गया है। इनमें सेवा कार्यों से जुड़े प्रसंगों और देश में हुए बदलावों की कहानियों को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य लोगों तक सेवा, सुशासन और जनभागीदारी से जुड़े संदेश पहुंचाना है।
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हर जिले में 10 टीमें, कलाकारों को मिलेगा सम्मान
प्रत्येक जिले में कम से कम 10 नाट्य टोलियां तैयार की जा रही हैं। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन में इनके आवागमन और प्रस्तुतियों की व्यवस्था की जाएगी। अभियान के समापन पर बेहतर प्रस्तुति और सांस्कृतिक भागीदारी के लिए नाट्य मंडलियों और कलाकारों को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
