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मध्यप्रदेश: मतदाता सूची से नाम काटने पर भड़के मिर्ची बाबा, बोले- जिंदा हूं, फिर वोटर लिस्ट से नाम क्यों काटा?

Thu, 15 Oct 2026 03:12 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 15 Oct 2026 03:12 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम हटने का मुद्दा अब महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा तक पहुंच गया है। बाबा ने दावा किया कि उनका नाम भी सूची से काट दिया गया है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अदालत जाने की बात कही है।

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MP: Mirchi Baba Questions Voter List Deletion, Says “I Am Alive, Why Was My Name Removed?”
मिर्ची बाबा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नामों में हुई कटौती को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। अब महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा ने दावा किया है कि मतदाता सूची से उनका नाम भी हटा दिया गया है। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह जीवित हैं, ऐसे में उनका नाम किस आधार पर हटाया गया? बाबा ने इस मामले में अदालत जाने की बात कही है। मिर्ची बाबा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि मतदाता सूची से मृत लोगों के नाम हटाना उचित है, लेकिन गरीबों, ठेला लगाने वालों और संन्यासियों के नाम भी काटे जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनका नाम हटाया गया है, तो इसका कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
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संन्यास परंपरा का हवाला देकर उठाए सवाल
मिर्ची बाबा ने कहा कि उनसे जन्मस्थान का प्रमाणपत्र और माता-पिता के नाम से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि संन्यास लेने के बाद व्यक्ति की पहचान गुरु परंपरा से जुड़ती है। ऐसे में संन्यासियों से मांगे जा रहे दस्तावेजों और मतदाता सूची से नाम हटाने के आधार को स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पहले चुनाव भी लड़ चुके हैं और आयकर भी भरते हैं। बाबा का कहना है कि मतदान का अधिकार एक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है और वह अपने नाम को सूची से हटाए जाने का आधार जानना चाहते हैं। 
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‘चुप बैठने के बजाय अदालत जाऊंगा’
मिर्ची बाबा ने कहा कि वह इस मामले में खुद अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि वह चुप रहकर इस मुद्दे को छोड़ने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, दूसरे संन्यासियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इस पर सभी लोग अपनी बात नहीं रख रहे हैं।  


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एसआईआर के बाद प्रदेश में 34 लाख से ज्यादा नाम कम
मध्यप्रदेश में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव हुआ। 23 दिसंबर 2025 को जारी प्रारूप सूची में 42.74 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मूल सूची के मुकाबले करीब 34.25 लाख मतदाता कम दर्ज हुए। भोपाल जिले में प्रारूप सूची से 4,38,875 नाम हटाए गए थे। विधानसभा क्षेत्रों में गोविंदपुरा में सबसे अधिक 97,052 नाम कम हुए। नरेला में 81,235, मध्य में 67,304, हुजूर में 65,891, दक्षिण-पश्चिम में 63,432, भोपाल उत्तर में 51,058 और बैरसिया में 12,903 नाम हटाए गए थे।   

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कौन हैं मिर्ची बाबा
स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज को मिर्ची बाबा के नाम से जाना जाता है। उनका मूल नाम राकेश दुबे बताया जाता है और वे भिंड जिले के बिरखड़ी गांव के रहने वाले हैं। पिता अयोध्या प्रसाद की तीसरी संतान है और वह चार भाई हैं। 1997 तक वह ऑयल मिल में मजदूरी करते थे। फिर मन नहीं लगा तो जमीन बेचकर ट्रक खरीदा, लेकिन घाटा हो गया। इसके बाद मध्य प्रदेश छोड़कर गुजरात चले गए। जहां साधु की संगत में आकर संन्यास ग्रहण किया और राकेश दुबे से वैराग्यनंद गिरी हो गए। 2018 में कमलनाथ ने मिर्ची बाबा का निगम का अध्यक्ष बनाकर राज्य मंत्री का दर्जा दिया था। अपने भक्तो को मिर्ची की धुनी देने के कारण वह मिर्ची बाबा के रूप में पहचाने जाने लगे। 
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2019 में किया था जलसमाधि का ऐलान 
मिर्ची बाबा 2019 के लोकसभा चुनाव के समय भी चर्चा में आए थे। मिर्ची बाबा ने दिग्विजय सिंह की जीत का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि यदि दिग्विजय सिंह चुनाव हारते है तो वो जल समाधि ले लेंगे।  वह चुनाव दिग्विजय सिंह हार गए थे। वर्ष 2023 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
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