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Mp: चार साल की डिग्री 7 साल में भी पूरी नहीं करवा पा रहा मेडिकल विश्वविद्यालय,नर्सिंग परिणामों में हो रही देरी

Mon, 11 Nov 2024 03:24 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 11 Nov 2024 03:24 PM IST
सार

मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय 4 साल की डिग्री 7 साल में भी पूरी नहीं करवा पा रहा है। नर्सिंग परिणामों में देरी से विद्यार्थियों में आक्रोश व्याप्त है। NSUI ने कड़ा विरोध जताते हुए कुलपति को पत्र लिखकर शीघ्र परिणाम घोषित करने की मांग की है।

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MP: Medical University is not able to complete the four year degree even in 7 years, nursing results are getti
मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अपनी लेट लतीफी के लिए जाना जाता है। यहां ना तो समय पर परीक्षाएं हो पाती है ना ही समय पर परीक्षा परिणाम जारी हो पाते हैं। हालत यह है कि 4 साल में पूरे होने वाले कोर्स 7 साल में पूरे हो रहे हैं। वहीं नर्सिंग परीक्षा परिणाम में देरी से विद्यार्थियों में आक्रोश व्याप्त है। इधर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने नर्सिंग परीक्षा परिणामों में देरी पर सवाल खड़े किए हैं। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने सोमवार को मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर नर्सिंग के प्रथम एवं तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित करने की मांग की है। 
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4 साल बाद हुईं परीक्षाएं, नहीं आया रिजल्ट 
गौरतलब है कि नर्सिंग घोटाले और विश्वविद्यालय की लापरवाही के चलते 2020-21 सत्र की बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की परीक्षाएं चार साल बाद मई 2024 में आयोजित की गई थीं। इसके अतिरिक्त, 2019-20 सत्र की बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष की परीक्षा भी काफी समय बाद मई 2024 में संपन्न हुई थी। परमार ने बताया कि परीक्षाएं संपन्न हुए 6 माह से अधिक हो गए हैं, परंतु परिणामों की घोषणा में अत्यधिक देरी की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को मानसिक तनाव और शैक्षणिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस देरी का सीधा असर विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं और कक्षाओं पर पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के नर्सिंग परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, नवंबर 2024 में 2020-21 सत्र के द्वितीय वर्ष और 2019-20 सत्र के चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन परिणामों की घोषणा न होने के कारण अगली परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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चार साल में नहीं आया फर्स्ट ईयर का परिणाम
गौरतलब है कि बीएससी नर्सिंग का कोर्स 4 साल का होता हैं वहीं एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बीएससी नर्सिंग का कोर्स 2 साल हैं लेकिन 4 साल से ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक फर्स्ट ईयर का रिजल्ट भी नहीं आया है। परमार ने कहा है कि इससे ज्यादा और क्या अत्याचार करेंगे छात्रों पर छात्रों से फीस समय सर ली जाती हैं लेकिन परीक्षा और रिजल्ट के लिए चार साल इंतजार करना पड़ता हैं गजब का विश्वविद्यालय है।   परमार ने कहा है कि विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक को हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि तुम चपरासी बनने लायक नहीं हो अब इससे ही समझ जाएं का लाखों मेडिकल और नर्सिंग छात्रों का भविष्य किन हाथों में हैं।
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उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
रवि परमार ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र ही परिणाम घोषित नहीं करता, तो NSUI नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर उग्र प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा है कि यह देरी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर हानिकारक साबित हो रही है और उनकी शिक्षा यात्रा में अवरोध उत्पन्न कर रही है। विश्वविद्यालय को इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही समाधान करना चाहिए।NSUI ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द नर्सिंग के परीक्षा परिणाम घोषित करे, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके और वे अपनी शिक्षा में निर्बाध रूप से आगे बढ़ सकें।
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