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MP News: राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के आदिवासियों को दी सलाह, शादी से पहले करें इस GCC का मिलान

Sat, 23 Sep 2023 01:31 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत Updated Sat, 23 Sep 2023 01:31 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के भोपाल में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के आदिवासियों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि शादी से पहले इस GCC  का मिलान पहले करें। उन्होने जागरूकता कार्यक्रम में यह बात कहीं।

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MP Governor Mangu Bhai Patel gave this advice to the tribals of the state match this GCC before marriage
मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में टंट्या भील वार्ड लोकार्पण कार्यक्रम किया गया था। जहां राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल रोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम लाने की बात कहीं।

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शादी से पहले कुंडली का मिलन तो आम बात है। लेकिन मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने प्रदेश के आदिवासियों को शादी से पहले जेनेटिक काउंसिल कार्ड के मिलन की सलाह दी है। राज्यपाल पटेल का मानना है कि सिकल सेल रोग को वर्ष 2047 तक समाप्त करने के लिए जरूरी है कि जनजातीय समुदाय के युवा, शादी के पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड (GCC) का मिलान करें। सिकल सेल रोगी युवक-युवती किसी भी अवस्था में आपस में विवाह नहीं करें। गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराए। प्रसव के 72 घंटों के भीतर नवजात शिशु की जांच भी कराई जानी चाहिए।
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राज्यपाल पटेल शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में टंट्या भील वार्ड लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने अपने संबोधन में आदिवासियों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड के बारे में बताया। 
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इससे पहले पटेल ने एम्स में सिकल सेल वार्ड में जा कर राज्यपाल निधि से उपचाराधीन रोगियों से चर्चा की। उनके स्वास्थ्य की प्रगति के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में संस्थान द्वारा सिकल सेल बीमारी की जानकारी से संबंधित प्रचार सामग्री का लोकार्पण किया। उन्होंने एम्स परिसर में उनके द्वारा रोपित पौधे का अवलोकन कर सिंचित भी किया।

कोरोना से भी घातक है सिकल सेल
राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग जनजातीय समुदाय के लिए कोरोना से भी अधिक घातक रोग है। अनुवांशिक रोग होने के कारण सिकल सेल पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ी संख्या में लोगों की जान ले रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें 50 वर्ष पूर्व कोरोना की भयावहता की जानकारी हुई थी। वे तभी से रोग उन्मूलन के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मंत्रिमण्डल के चिंतन शिविर में उन्होंने मोदी जी को रोग के संबंध में जानकारी दी। जिस पर उन्होंने तत्काल उपचार और नियंत्रण के प्रयास गुजरात में प्रारम्भ कर दिये। आज गुजरात देश का ऐसा राज्य है, जहां जनजातीय समुदाय की 95 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक रोग उन्मूलन के लिए केन्द्र सरकार के बजट में 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।


जीवन की रक्षा सबसे पवित्र कार्य
राज्यपाल पटेल ने कहा कि टीबी, थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए सरकार और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि रोग चिह्नित का कार्य जितनी कम उम्र में होगा। उसका नियंत्रण और उपचार उतना ही अधिक प्रभावी होगा। जरूरी है कि आंगनवाड़ी के बच्चों की जांच की जाए। रोग का प्रमाण मिलने पर बच्चों के परिजनों की भी जांच की जाए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस कार्य में सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी क्षमता और सामर्थ्य के अनुसार जो भी सहयोग कर सकता है, उसे करना चाहिए। बिना यह सोचे कि उसका योगदान कितना बड़ा अथवा छोटा है। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा से बढ़कर कोई भी कार्य पवित्र नहीं है। इस भाव भावना के साथ सब मिलकर प्रयास करेंगे, तभी इन रोगों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।

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