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MP: भावी 'भागीरथों' से बचने का जतन कर रही कांग्रेस, टिकट के एलान से पहले संभावित प्रत्याशियों से कर रही चर्चा
Sun, 10 Mar 2024 08:16 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 10 Mar 2024 08:16 PM IST
सार
प्रदेश कांग्रेस टिकट के एलान से पहले संभावित प्रत्याशियों से खरी पक्की करने में जुट गई है। दरअसल पार्टी को अब टिकट मिलने के बाद संभावित प्रत्याशियों के पार्टी छोड़ कर पाला बदलने का डर सता रहा है।
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कांग्रेस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामों पर सोमवार को केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में मुहर लग सकती है। इससे पहले अब प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व को पार्टी के संभावित प्रत्याशियों के टिकट मिलने के बाद पाला बदलने से होने वाली किरकिरी का डर सताने लगा है। इसको केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को संभावित प्रत्याशियों के साथ ही उपेक्षित नेताओं से चर्चा करने को कहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं को इसकी जिम्मेदारी दी गई। दरअसल, इंदौर से लोकसभा टिकट के दावेदार विशाल पटेल ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आशंका है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, विशाल पटेल, संजय शुक्ला जैसे नेताओं के संपर्क वाले नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। यही वजह है कि पार्टी ने नाराज और उपेक्षित नेताओं से बातचीत करने को कहा है। ताकि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में मची भगदड़ रुक सके।
2014 में कांग्रेस की हुई थी किरकिरी
मध्य प्रदेश कांग्रेस की टिकट मिलने के बाद पाला बदलने के मामले में पहले भी किरकिरी हो चुकी है। 2014 में भिंड से कांग्रेस का लोकसभा टिकट मिलने के बाद वरिष्ठ आईएएस रहे भागीरथ प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए थे। उस समय कांग्रेस की बहुत किरकिरी हुई थी। ऐसे में अब शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के नाराज चल रहे नेताओं को साधने की रणनीति बनाई है। ताकि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं को रोका जा सके।
कल हो सकता है नामों का एलान
कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले केंद्रीय नेतृत्व ने सभी सीटों पर सिंगल नाम तय कर लाने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें प्रदेश की लोकसभा सीटों के लिए सिंगल नाम तय करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में मुहर लगने के बाद भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, रीवा समेत अन्य सीटों के प्रत्याशियों के नामों का एलान किया जा सकता है।
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नए चेहरे को मिल सकता है मौका
प्रदेश में दिग्गज नेताओं के चुनाव लड़ने में ना नकुर करने के बाद कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची अटक गई थी। ऐसे में चर्चा है कि पार्टी 10 से 15 सीटों पर नए और युवा चेहरे को मौका दे सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी जातिगत समीकरण से हर सीट पर प्रत्याशी का चयन कर रही है, ताकि भाजपा को चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकें।
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2014 में कांग्रेस की हुई थी किरकिरी
मध्य प्रदेश कांग्रेस की टिकट मिलने के बाद पाला बदलने के मामले में पहले भी किरकिरी हो चुकी है। 2014 में भिंड से कांग्रेस का लोकसभा टिकट मिलने के बाद वरिष्ठ आईएएस रहे भागीरथ प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए थे। उस समय कांग्रेस की बहुत किरकिरी हुई थी। ऐसे में अब शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के नाराज चल रहे नेताओं को साधने की रणनीति बनाई है। ताकि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं को रोका जा सके।
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कल हो सकता है नामों का एलान
कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले केंद्रीय नेतृत्व ने सभी सीटों पर सिंगल नाम तय कर लाने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें प्रदेश की लोकसभा सीटों के लिए सिंगल नाम तय करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में मुहर लगने के बाद भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, रीवा समेत अन्य सीटों के प्रत्याशियों के नामों का एलान किया जा सकता है।
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नए चेहरे को मिल सकता है मौका
प्रदेश में दिग्गज नेताओं के चुनाव लड़ने में ना नकुर करने के बाद कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची अटक गई थी। ऐसे में चर्चा है कि पार्टी 10 से 15 सीटों पर नए और युवा चेहरे को मौका दे सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी जातिगत समीकरण से हर सीट पर प्रत्याशी का चयन कर रही है, ताकि भाजपा को चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकें।
