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MP Government: बेलगाम नौकरशाही पर कसी लगाम, SP-DM किसी को भी नहीं छोड़ा, सीएम यादव ने ऐसे बनाई अपनी सख्त छवि

Sat, 07 Dec 2024 01:35 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भाेपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भाेपाल Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 07 Dec 2024 01:35 PM IST
सार

13 दिसंबर को भाजपा सरकार को एक साल पूरा हो रहा है। इस मौके पर हम आपके लिए 'एमपी सरकार के एक साल' नाम से सीरीज लेकर आएं हैं, जिसमें हम मोहन सरकार द्वारा एक साल में लिए गए बड़े फैसलों और कार्यों को लेकर बात करेंगे। इसी कड़ी में सबसे पहले जानिए कैसे नौकरशाही पर सीएम मोहन यादव ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई ?

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MP CM Mohan Yadav Govt One Year Report Card Key Crime Incidents in Madhya Pradesh News in Hindi
13 दिसंबर को प्रदेश सरकार पूरा करेगी एक साल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

MP CM Mohan Yadav Govt One Year Report Card: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव को 13 दिसंबर को एक साल पूरा हो जाएगा। इसी के साथ प्रदेश की भाजपा सरकार भी अपना एक साल पूरा कर लेगी। प्रदेश की जनता के सामने शॉकिंग मुख्यमंत्री के रूप में सामने आए डॉ. यादव ने अपने अब तक के कार्यकाल में कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रदेश की जनता से जुड़ा उनका सबसे बड़ा काम नौकरशाही को काबू करना माना जा रहा है। इन फैसलों ने सीएम यादव को एक कुशल शासक के तौर पर जनता के सामने पेश किया है। उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल में नौकरशाही को साफ संदेश दे दिया है कि सरकार और उनके लिए जनता की सेवा ही सर्वोपरि है। 

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दरअसल, 13 दिसंबर को भाजपा सरकार को एक साल पूरा हो रहा है। इससे पहले हम आपके लिए 'एमपी सरकार के एक साल' नाम से सीरीज लेकर आएं हैं। इसमें हम सरकार द्वारा एक साल में लिए गए बड़े फैसलों और कार्यों को लेकर बात करेंगे। आज की कड़ी में पढ़िए, सीएम यादव ने बेलगाम नौकरशाही को कंट्रोल करने और प्रशासनिक अफसरों को  'जनता ही सर्वोपरि है'  की बात समझाने के लिए क्या किया है ?      
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बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने एक साल के कार्यकाल में प्रशासनिक सुधारों और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर कई कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने लापरवाही और बदसलूकी करने वाले अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई की है।  गुना का सड़क हादसा हो या अधिकारियों के अपमानजनक व्यवहार का, सीएम यादव के एक्शन ने साबित कर दिया कि प्रशासन में निष्कलंक कार्यक्षमता और अनुशासन की आवश्यकता है। 

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सीएम यादव एक्शन लेने में देर नहीं करते
सरकार के एक साल पूरे होने पर वरिष्ठ पत्रकार अजय बोकिल कहते हैं,'सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने एक साल के कार्यकाल में यह मैसेज दिया है कि वे बहुत सख्त प्रशासक हैं। वे किसी की शिकायत पर एक्शन लेने में देर नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल एक्शन लेकर यह मैसेज दिया है कि सरकार सजग और संवेदनशील है। मोहन यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती  शिवराज की छाया से बाहर निकलना थी।  उन्होंने यह मैसेज दिया है कि उनका राज शिवराज से अलग हैं। इसमें वे काफी हद तक सफल रहे हैं।'  

न्यायपूर्ण जांच की भी आवश्यकता
सेवानिवृत्त आईएफएस एके भट्टाचार्य ने कहा- 'मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई करना उनकी इमेज के लिए अच्छा है। घटना या अपराध पर त्वरित एक्शन से जनता में अच्छा मैसेज जाता है।' उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ न्यायपूर्ण जांच की भी आवश्यकता है, ताकि निर्दोष व्यक्तियों के साथ अन्याय न हो। साथ ही घटनाओं को रोकने के लिए एक सिस्टम डेवलप करें, जिससे दोबारा घटना या अपराध न हो'। 

डीएम-एसपी समेत परिवहन विभाग के अधिकारियों को हटाया 
दिसंबर 2023 में गुना में हुए बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिना देर किए कड़े कदम उठाए। उन्होंने जिले के कलेक्टर तरुण राठी और एसपी विजय खत्री को हटा दिया । साथ ही  परिवहन आयुक्त संजय झा को भी पद से हटा दिया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और नगर निगम के सीएमओ बीडी कतरोलिया को सस्पेंड किया गया। वहीं परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को प्रभार से मुक्त कर दिया गया था। उस समय गुना-आरोन रोड पर बस, एक डंपर से टकरा गई थी। बस में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। 16 लोग घायल हो गए थे। बस में 35 लोग सवार थे। सीएम यादव ने इस हादसे के बाद अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन में सुधार के लिए यह कदम जरूरी था।

शाजापुर कलेक्टर पर 'औकात' वाले बयान पर कार्रवाई
जनवरी 2024 में शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल का 'औकात' वाला बयान भी सीएम की सख्त कार्रवाई की लिस्ट में शामिल है। इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से जवाब मांगा और त्वरित कार्रवाई कर उन्हें हटा दिया। दसरसल, बस-ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के दौरान एक बैठक में कन्याल और ड्राइवर्स के बीच गहमा-गहमी हो गई थी। इस दौरान उन्होंने ड्राइवर से कहा था कि समझ क्या रखा है? क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है? इसको वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद उन पर कार्रवाई हुई। 

चूजे हैं ये, अंडे से निकले नहीं..., तहसीलदार को हटाया 
जनवरी 2024 में देवास में किसानों से अभ्रद भाषा में बात करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला तहसीलदार अंजली गुप्ता को भी हटा दिया था।  दरअसल, जनवरी माह में देवास के सोनकच्छ के पास कुमारिया राव गांव में खेत में फसल के बीच खंभे लगाने को लेकर किसान और तहसीलदार आमने-सामने आ गए। किसान के बेटे ने तहसीलदार से अंग्रेजी में यू आर रिस्पॉसिबल (आप जिम्मेदार हैं) कह दिया। इस पर तहसीलदार भड़क गईं और कहा- चूजे हैं ये, अंड़े से निकले नहीं और बड़ी-बड़ी मारने लगे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सीएम यादव के निर्देश पर तहसीलदार पर एक्शन लिया गया था। 

जूते के फीते बंधवाने पर एसडीएम पर गिरी गाज 
सिंगरौली के चितरंगी में फरवरी 2024 में एसडीएम असवन राम चिरावन को एक महिला से जूते के फीते बंधवाने पर मुख्यमंत्री के आदेश पर हटा दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को अत्यंत निदनीय बताते हुए लिखा था, हमारी सरकार में नारी सम्मान सर्वोपरि है। बता दें कि एसडीएम का महिला कर्मचारी से जूते के फीते बंधवाने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।  

बिजली विभाग के जीएम समेत 11 पर कार्रवाई 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्टूबर 2024 में समाधान ऑनलाइन की समीक्षा बैठक में बिजली कंपनी के जीएम समेत 11 अधिकारियों पर कार्रवाई की। रायसेन  के एक व्यक्ति ने बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत की थी, जिस पर सीएम ने बिजली वितरण कंपनी के जनरल मैनेजर को निलंबित कर दिया था।  खंडवा  में एक लडक़ी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की शिकायत के बाद सीएम यादव के आदेश पर उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया था। इस तरह अलग-अलग मामलों में 11 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी। 

सागर में दीवार गिरने पर कलेक्टर-एसपी पर गिरी गाज
सागर जिले के शाहपुर में अगस्त 2024 में दीवार गिरने से हुई नौ बच्चों की मौत के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की। उन्होंने   सागर जिले के कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी एवं एसडीएम गोविंद दुबे (रहली) को हटाने का निर्देश दिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में पदस्थ डॉ. हरिओम बंसल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
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