MP Budget 2025: पंचायतों को 6,007 करोड़ का अनुदान, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के लिए 100 करोड़; जानें
MP Budget 2025: ग्रामीण समृद्धि को ध्यान में रखते हुए "मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना" शुरू की गई है, जिसके तहत पशुपालन, मछली पालन और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को केंद्र में रखते हुए कई योजनाओं के लिए बड़ा प्रावधान किया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में एमपी बजट 2025 पेश किया, जिसमें ग्रामीण बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, रोजगार और आवास से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।
स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण में एमपी देश में नंबर 1
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बैंक ऋण दिलाने में मध्यप्रदेश लगातार 2020-21 से देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा, "नमो ड्रोन दीदी योजना" के तहत प्रशिक्षित महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं।
‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से स्वच्छता को बढ़ावा
सरकार ने जल संरचनाओं, घाटों और धार्मिक स्थलों के संवर्धन एवं सफाई के लिए "जल गंगा संवर्धन अभियान" को मजबूती दी है। इस अभियान में जनभागीदारी से बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं।
‘मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना’ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति
ग्रामीण समृद्धि को ध्यान में रखते हुए "मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना" शुरू की गई है, जिसके तहत पशुपालन, मछली पालन और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पंचायतों को 6,007 करोड़ का अनुदान, वित्तीय सामर्थ्य में वृद्धि
पंचायतों के विकास और वित्तीय मजबूती के लिए 6,007 करोड़ के अनुदान की घोषणा की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2,507 करोड़ अधिक है। साथ ही, ग्राम स्वराज अभियान में 238 करोड़ और अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली अनुदान में 2,041 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए बड़ा बजट आवंटन
प्रधानमंत्री आवास योजना: 4,400 करोड़
मनरेगा: 4,050 करोड़
प्रधानमंत्री जनमन योजना (आवास): 1,100 करोड़
प्रधानमंत्री जनमन योजना (सड़क): 1,056 करोड़
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण: 960 करोड़
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन: 800 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन: 594 करोड़
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: 274 करोड़
सरकार का लक्ष्य: हर गांव में बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर
सरकार ने हर घर जल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कों का विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट ग्रामीण सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे गांवों का सर्वांगीण विकास होगा।
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पिछले बजट में क्या था खास
2024 के बजट में सरकार ने गांवों के समग्र विकास पर जोर दिया था और कई योजनाओं के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए थे। अब देखना होगा कि 2025 के बजट में इन योजनाओं को कितना विस्तार मिलेगा और नए प्रोजेक्ट्स की क्या घोषणा होगी।
पिछले बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपने पक्के मकान बनाने में सहायता मिली। सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1,800 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, जबकि पुरानी सड़कों के नवीनीकरण और मरम्मत के लिए 900 करोड़ रुपये तय किए गए थे। इससे गांवों में आवागमन आसान हुआ और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार ने ठोस कदम उठाए थे। 89 महिला स्व-सहायता समूहों को "नमो ड्रोन दीदी योजना" के तहत ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया गया था, जिससे वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए जेम, अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री की सुविधा भी दी गई थी। इससे गांवों के छोटे उद्यमियों को बड़े बाजारों तक पहुंचने का मौका मिला।
मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 2024-25 में 20 करोड़ मानव दिवस का लक्ष्य रखा गया था और इसके लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इस योजना से लाखों ग्रामीणों को रोजगार मिला और उनके जीवन स्तर में सुधार आया।
