MP Budget 2025: सिंगरौली को नया स्वरूप, शहरी विकास को बढ़ावा; प्रदेश के बड़े जिलों में केबल कार चलाने का एलान
MP Budget 2025: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मध्य प्रदेश का बजट 2025 विधानसभा में पेश किया, जिसमें शहरी विकास को लेकर बड़े एलान किए गए हैं। प्रदेश में स्मार्ट अधोसंरचना, स्वच्छता, शहरी परिवहन और आवास पर खास फोकस दिया गया है।
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सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के नगरों में वृक्षारोपण, उद्यान, नगर वन और अन्य हरित संरचनाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, मेट्रो रेल, ई-बस और केबल कार जैसी आधुनिक सुविधाओं से प्रदेश के बड़े शहरों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलेगा।
50 हजार नागरिकों को होगा लाभ
प्रदेश की खनन राजधानी सिंगरौली को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना से 50 हजार नागरिकों को एक नए नगर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
स्वच्छता और शहरी विकास में एमपी को बड़ी उपलब्धि
मध्य प्रदेश को पी.एम. स्वनिधि योजना में देशभर में पहला स्थान और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में मध्य प्रदेश को दूसरा स्वच्छतम राज्य घोषित किया गया। वहीं इंदौर को लगातार सातवीं बार स्वच्छतम शहर का दर्जा मिला। साथ ही भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी होने का सम्मान प्राप्त हुआ।
10 लाख नए आवासों का लक्ष्य, जल और सीवर प्रोजेक्ट को बढ़ावा
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब तक 8.3 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। अगले 5 वर्षों में 10 लाख नए आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। अमृत 2.0 योजना के तहत 1 लाख से अधिक आबादी वाले 33 शहरों में जल आपूर्ति और सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है।
मेट्रो, केबल कार और ई-बस से सुगम होगा शहरी परिवहन
प्रदेश के इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल का संचालन जल्द शुरू होगा। अन्य प्रमुख शहरों में केबल कार सेवा शुरू करने की योजना है। साथ ही, पी.एम. ई-बस योजना के तहत प्रदेश के बड़े शहरों में पर्यावरण अनुकूल ई-बसों का संचालन किया जाएगा।
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नगरों की सड़कों और अधोसंरचना के लिए बड़ा बजट
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने नगरों की सड़कों, अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए हैं, जिसमें आवास योजना के लिए 1,700 करोड़, नगरों की सड़क मरम्मत के लिए 408 करोड़, मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के लिए 295 करोड़, नगर निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु एकमुश्त अनुदान के तहत 1,617 करोड़ का प्रावधान, जो पिछले साल की तुलना में 506 करोड़ अधिक है।
पिछले साल के बजट में क्या खास था
2024 के बजट में सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई थी, जिससे शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था सुधारी जा सके। इस मिशन में मध्य प्रदेश देशभर में आगे रहा, जहां इंदौर को लगातार सातवीं बार सबसे स्वच्छ शहर और भोपाल को सबसे स्वच्छ राजधानी घोषित किया गया था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों घरों को मंजूरी मिली, जिससे गरीब परिवारों को पक्के मकान का सपना पूरा करने का मौका मिला।
बीते साल सरकार ने छह शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का एलान किया गया था, जिससे प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की कोशिश की गई। वहीं, उज्जैन और जबलपुर को ‘सिटीज 2.0’ योजना में शामिल किया गया, जिससे दोनों शहरों को तीन साल में 135-135 करोड़ रुपये का फायदा मिलने वाला है।
