{"_id":"68012f4bddfe9734740c1b1c","slug":"mp-agriculture-minister-shivraj-singh-chauhan-on-brazil-tour-called-india-brazil-agricultural-cooperation-th-2025-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: ब्राजील दौरे पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भारत-ब्राजील कृषि सहयोग को बताया खाद्य सुरक्षा की कुंजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: ब्राजील दौरे पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भारत-ब्राजील कृषि सहयोग को बताया खाद्य सुरक्षा की कुंजी
Thu, 17 Apr 2025 10:11 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 17 Apr 2025 10:11 PM IST
सार
ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की 15वीं बैठक में हिस्सा लेने ब्राजील पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वहां के अत्याधुनिक कृषि मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने सोयाबीन उत्पादन संयंत्र, टमाटर और कॉर्न की खेती तथा सिंचाई और मैकेनाइजेशन की उन्नत तकनीकों का अध्ययन कर भारतीय किसानों के हित में संभावित साझेदारियों पर चर्चा की।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की 15वीं बैठक के लिए इन दिनों ब्राजील प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने ब्राजील में सोयाबीन उत्पादन प्लांट और टमाटर के खेतों सहित कुछ अन्य संस्थानों का दौरा किया। शिवराज सिंह ने ब्राजील में, खेती में अपनाई जा रही मैकेनाइजेशन और इरिगेशन की अत्याधुनिक पद्धतियों का अवलोकन करने के साथ ही हमारे किसान भाइयों-बहनों के दृष्टिकोण से समझा कि भारतीय किसानों को नई पद्धतियों से और किस तरह लाभ पहुंचाया जा सकता है।
भारत में सोयाबीन क्षेत्र के विकास की चिंता
ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन संयंत्र का अवलोकन करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत में सोयाबीन के क्षेत्र के विकास की चिंता करते हुए कहा कि भारत में सोयाबीन का उत्पादन कैसे बढ़ सके और केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी हम ब्राजील के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। अभी ब्राजील से भारत सोया तेल आयात करता है, लेकिन इस पर भी हमने चर्चा की है कि इन्वेस्ट भी करे और सोया प्रोसेसिंग के प्लांट भी लगाए जा सकते हैं और सोया का तेल हो तो उसका निर्यात भारत से भी हो सकता है। न केवल सोया के क्षेत्र में, बल्कि मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में भी यहां तो लगभग 100 प्रतिशत मैकेनाइजेशन हुआ है।
आईसीएआर के साथ मिलकर और अच्छे बीजों का विकास संभव
शिवराज सिंह ने बताया कि मैंने प्रेजेंटेशन देखा है। अगर कपास को चुनना भी है तो सीधे हार्वेस्टर से निकालते हैं। जो रिसर्च और शोध यहां चल रहे हैं, वो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ मिलकर करें कि हम और अच्छे बीज कैसे हम बना सकें। उन्होंने बताया कि अनेकों विषयों पर चर्चा हुई है।
विज्ञापन
ब्राजील से प्रतिनिधिमंडल आकर सारी संभावनाएं तलाशें
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि के और तेजी से विकास के लिए मैंने आमंत्रित किया है कि ब्राजील से भी प्रतिनिधिमंडल आए और सारी संभावनाओं को तलाशे। भारत से भी पूरा सहयोग मिलेगा और पूरा विश्वास है कि दोनों देश, यहां की बिजनेस कम्युनिटी भी प्रभावी ढंग से फिर भारत के साथ व्यापार, टेक्नॉलाजी इत्यादि बढ़ाने पर गंभीरता से न केवल विचार करेगी, बल्कि तेजी से आगे बढ़ेगी।
टमाटर के साथ कॉर्न की भी खेती देखी
शिवराज सिंह ब्राजील के कृषि मंत्री के साथ ब्राजील में टमाटर के फार्म हाउस पर भी पहुंचे, जहां हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है। शिवराज सिंह ने बताया कि मैंने यहां टमाटर के साथ कॉर्न की खेती देखी। ब्राजील ने पूरी तरह से मैकेनाइजेशन किया हुआ है और कॉर्न के बारे में मुझे बताया कि 22 टन प्रति हेक्टेयर पैदावार है, जो वास्तव में बहुत अचरज में डालने वाली है।
भारत ने पहले ही कहा है "वसुधैव कुटुंबकम"
शिवराज सिंह ने कहा कि भारत ने पहले ही कहा है "वसुधैव कुटुंबकम" यानी सारी दुनिया एक परिवार है। हम खाद्य सुरक्षा के लिए सुनिश्चित हैं ही, आज मुझे कहते हुए गर्व है प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है और दुनिया के कई देशों को भी हम एक्सपोर्ट कर रहे हैं। भारत और ब्राजील दोनों मिलकर पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने का बहुत महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं और इसलिए दोनों में सहयोग होगा। रिसर्च के क्षेत्र में भी, अनुसंधान के क्षेत्र में भी, मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में भी अच्छे बीज, फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी हम पर्यावरण भी बेहतर बनाने का काम कर सकते हैं, उस पर भी आपसी सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
भारत में सोयाबीन क्षेत्र के विकास की चिंता
ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन संयंत्र का अवलोकन करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत में सोयाबीन के क्षेत्र के विकास की चिंता करते हुए कहा कि भारत में सोयाबीन का उत्पादन कैसे बढ़ सके और केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी हम ब्राजील के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। अभी ब्राजील से भारत सोया तेल आयात करता है, लेकिन इस पर भी हमने चर्चा की है कि इन्वेस्ट भी करे और सोया प्रोसेसिंग के प्लांट भी लगाए जा सकते हैं और सोया का तेल हो तो उसका निर्यात भारत से भी हो सकता है। न केवल सोया के क्षेत्र में, बल्कि मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में भी यहां तो लगभग 100 प्रतिशत मैकेनाइजेशन हुआ है।
विज्ञापन
आईसीएआर के साथ मिलकर और अच्छे बीजों का विकास संभव
शिवराज सिंह ने बताया कि मैंने प्रेजेंटेशन देखा है। अगर कपास को चुनना भी है तो सीधे हार्वेस्टर से निकालते हैं। जो रिसर्च और शोध यहां चल रहे हैं, वो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ मिलकर करें कि हम और अच्छे बीज कैसे हम बना सकें। उन्होंने बताया कि अनेकों विषयों पर चर्चा हुई है।
विज्ञापन
ब्राजील से प्रतिनिधिमंडल आकर सारी संभावनाएं तलाशें
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि के और तेजी से विकास के लिए मैंने आमंत्रित किया है कि ब्राजील से भी प्रतिनिधिमंडल आए और सारी संभावनाओं को तलाशे। भारत से भी पूरा सहयोग मिलेगा और पूरा विश्वास है कि दोनों देश, यहां की बिजनेस कम्युनिटी भी प्रभावी ढंग से फिर भारत के साथ व्यापार, टेक्नॉलाजी इत्यादि बढ़ाने पर गंभीरता से न केवल विचार करेगी, बल्कि तेजी से आगे बढ़ेगी।
टमाटर के साथ कॉर्न की भी खेती देखी
शिवराज सिंह ब्राजील के कृषि मंत्री के साथ ब्राजील में टमाटर के फार्म हाउस पर भी पहुंचे, जहां हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है। शिवराज सिंह ने बताया कि मैंने यहां टमाटर के साथ कॉर्न की खेती देखी। ब्राजील ने पूरी तरह से मैकेनाइजेशन किया हुआ है और कॉर्न के बारे में मुझे बताया कि 22 टन प्रति हेक्टेयर पैदावार है, जो वास्तव में बहुत अचरज में डालने वाली है।
भारत ने पहले ही कहा है "वसुधैव कुटुंबकम"
शिवराज सिंह ने कहा कि भारत ने पहले ही कहा है "वसुधैव कुटुंबकम" यानी सारी दुनिया एक परिवार है। हम खाद्य सुरक्षा के लिए सुनिश्चित हैं ही, आज मुझे कहते हुए गर्व है प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है और दुनिया के कई देशों को भी हम एक्सपोर्ट कर रहे हैं। भारत और ब्राजील दोनों मिलकर पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने का बहुत महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं और इसलिए दोनों में सहयोग होगा। रिसर्च के क्षेत्र में भी, अनुसंधान के क्षेत्र में भी, मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में भी अच्छे बीज, फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी हम पर्यावरण भी बेहतर बनाने का काम कर सकते हैं, उस पर भी आपसी सहयोग करेंगे।
