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Mp: देश की 50% से अधिक सोयाबीन की पैदावार MP में, 2011 से नहीं बढ़े रेट, दिग्विजय ने PM से रेट बढ़ाने की अपील

Wed, 28 Aug 2024 05:44 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Wed, 28 Aug 2024 05:44 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से एक वीडियो जारी कर अपील की है कि सोयाबीन का रेट बढ़ाया जाए। 2011 के बाद से सोयाबीन के भाव लगभग स्थिर हैं।

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More than 50% of the country's soybean production is in MP, rates have not increased since 2011, Digvijay appe
दिग्विजय सिंह - फोटो : social media

विस्तार

मध्य प्रदेश सोयाबीन के उत्पादन में देश में नंबर एक पर है। यहां देश का करीब 50 प्रतिशत सोयाबीन पैदा किया जाता है, लेकिन किसानों को सोयाबीन का सही दाम नहीं मिलने से किसानों ने नाराजगी है। किसानों के इस समस्या को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से एक वीडियो जारी कर अपील की है कि सोयाबीन का रेट बढ़ाया जाए।
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सोयाबीन के दाम 6000 प्रति क्विंटल किए
 दिग्विजय सिंह ने कहा है कि 2011 के बाद से सोयाबीन के भाव लगभग स्थिर हैं। इसलिए किसानों के हित में सोयाबीन के दाम 6000 प्रति क्विंटल किए जाने चाहिए ताकि देश और एमपी के किसानों को सोयाबीन की फसल का पूरा लाभ मिल सके। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा है कि देश में लगभग 50% से अधिक सोयाबीन मध्यप्रदेश में पैदा की जाती है लेकिन सन 2011 से लेकर आज तक लागत दोगनी तिगुनी हो गई, लेकिन सोयाबीन का भाव जस का तस है। 4300 रुपए प्रति क्विंटल 2011 में था और अभी उसी के आस पास है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन की फसल का भाव अंतर्राष्ट्रीय सोयाबीन के उत्पादन पर निर्भर करता है और इस साल जो संभावना है उसके अनुसार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन का भाव इसी प्रकार का रहेगा जो अभी तक 4000, 4300 रुपए प्रति क्विंटल बिकता था, शायद वह भी न मिल सके।
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अधिकांश किसान खरीफ में सोयाबीन की फसल लेते
सिंह ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि चूंकि हमारे अधिकांश किसान खरीफ में सोयाबीन की फसल लेते हैं, इसलिए उसके उत्पादन की खरीद सरकार को अवश्य करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इसका न्यूनतम भाव आज की लागत को देखते हुए लगभग 6000 क्विंटल से कम नहीं होना चाहिए। यही मध्यप्रदेश के 100% किसानों की डिमांड भी है, इस बात पर पीएम और सीएम पूरा ध्यान दें।
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