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एमपी में मानसून का आखिरी अटैक: सात जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, डैमों के गेट खुले, अब तक 35.6 इंच पानी
Sun, 27 Sep 2026 07:20 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 27 Sep 2026 07:20 AM IST
सार
मानसून की विदाई से चार दिन पहले मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। पूर्वी हिस्से में तीन दिन की बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा और बरगी, जोहिला व बिलगांव बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। प्रदेश में अब तक 35.6 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95 प्रतिशत से ज्यादा है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई में अब सिर्फ चार दिन बाकी हैं, लेकिन बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। पूर्वी और मध्य हिस्सों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा है। डिंडोरी-उमरिया में हालात ऐसे बने कि पुल डूब गए और डैमों से पानी छोड़ने के लिए गेट खोलने पड़े। बरगी, जोहिला और बिलगांव बांध से पानी की निकासी की गई है। रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
रविवार को इन जिलों में बारिश के आसार
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश के आसार हैं।
प्रदेश में 35.6 इंच बारिश, सामान्य कोटे के करीब पहुंचा आंकड़ा
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे 37.3 इंच का 95 प्रतिशत से ज्यादा है। मानसून के बचे चार दिनों में बारिश जारी रही तो प्रदेश
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सामान्य बारिश के आंकड़े के और करीब पहुंच सकता है। हालांकि पूरे प्रदेश में बारिश समान नहीं रही। अब तक 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
तीन दिन की बारिश से नदियां उफनीं, पुल डूबे
डिंडोरी और उमरिया में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। लगातार पानी गिरने से नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। डिंडौरी में जोगी टिकरिया का पुल डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ आजबलपुर-अमरकंटक राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी इसका असर पड़ा। शहपुरा के बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के चार गेट दो-दो मीटर तक खोले गए। जबलपुर के बरगी बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। पानी की आवक जारी रहने पर शनिवार को चार और गेट खोलने पड़े।
पूर्वी एमपी में भारी बारिश का असर
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, गहरे अवदाब के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना। इसका असर अगले 24 घंटे तक रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने की स्थिति बन सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि प्रदेश में 1 जून से 30 सितंबर तक रहती है। इस लिहाज से अब विदाई में चार दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट भी चुका है।
यह भी पढ़ें-यात्रियों का बदलेगा रूट: अक्टूबर में भोपाल से गुजरने वाली 23 ट्रेनों के रूट बदलेंगे, पुणे-मनमाड होकर चलेंगी
जून की कमी ने बिगाड़ा बारिश का हिसाब
इस मानसून में प्रदेश की बारिश का आंकड़ा शुरुआत से ही सामान्य नहीं रहा। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई के शुरुआती दिनों में बारिश तेज हुई, लेकिन बाद में मानसून में ब्रेक आने से कई दिन सूखे रहे।जुलाई के आखिरी सप्ताह में फिर बारिश का दौर सक्रिय हुआ। इसके बावजूद जुलाई में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई। बाद के महीनों में बारिश बढ़ी, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
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रविवार को इन जिलों में बारिश के आसार
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश के आसार हैं।
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प्रदेश में 35.6 इंच बारिश, सामान्य कोटे के करीब पहुंचा आंकड़ा
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे 37.3 इंच का 95 प्रतिशत से ज्यादा है। मानसून के बचे चार दिनों में बारिश जारी रही तो प्रदेश
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सामान्य बारिश के आंकड़े के और करीब पहुंच सकता है। हालांकि पूरे प्रदेश में बारिश समान नहीं रही। अब तक 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
तीन दिन की बारिश से नदियां उफनीं, पुल डूबे
डिंडोरी और उमरिया में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। लगातार पानी गिरने से नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। डिंडौरी में जोगी टिकरिया का पुल डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ आजबलपुर-अमरकंटक राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी इसका असर पड़ा। शहपुरा के बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के चार गेट दो-दो मीटर तक खोले गए। जबलपुर के बरगी बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। पानी की आवक जारी रहने पर शनिवार को चार और गेट खोलने पड़े।
पूर्वी एमपी में भारी बारिश का असर
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, गहरे अवदाब के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना। इसका असर अगले 24 घंटे तक रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने की स्थिति बन सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि प्रदेश में 1 जून से 30 सितंबर तक रहती है। इस लिहाज से अब विदाई में चार दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट भी चुका है।
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जून की कमी ने बिगाड़ा बारिश का हिसाब
इस मानसून में प्रदेश की बारिश का आंकड़ा शुरुआत से ही सामान्य नहीं रहा। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई के शुरुआती दिनों में बारिश तेज हुई, लेकिन बाद में मानसून में ब्रेक आने से कई दिन सूखे रहे।जुलाई के आखिरी सप्ताह में फिर बारिश का दौर सक्रिय हुआ। इसके बावजूद जुलाई में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई। बाद के महीनों में बारिश बढ़ी, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
