फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Lawyer sends indecent message to woman judge on birthday, reaches jail, asks High Court for bail

महिला न्यायाधीश को जन्म दिन पर अशोभनीय संदेश भेजने वाला वकील पहुंचा जेल, जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार

Tue, 02 Mar 2021 10:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 02 Mar 2021 10:56 PM IST
विज्ञापन
Lawyer sends indecent message to woman judge on birthday, reaches jail, asks High Court for bail
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक महिला न्यायाधीश को उनके जन्मदिन पर एक वकील ने ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजे। इस पर पुलिस ने वकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में बंद आरोपी ने अब जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

विज्ञापन


अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि रतलाम की जिला अदालत के एक प्रणाली अधिकारी (सिस्टम ऑफिसर) द्वारा आठ फरवरी को पेश लिखित शिकायत पर एक वकील के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) और अन्य धाराओं के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत शहर के स्टेशन रोड थाने में मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


देर रात ई-मेल पर भेजा संदेश, डीपी डाउनलोड कर की जालसाजी
वकील पर इल्जाम है कि उसने रतलाम की महिला न्यायाधीश के जन्मदिन के मौके पर उनके सरकारी ई-मेल पर 28 जनवरी को देर रात ‘अशोभनीय बधाई संदेश’ भेजा, जबकि वह आरोपी को जानती तक नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक वकील पर यह आरोप भी है कि उसने महिला न्यायाधीश के फेसबुक खाते से उनकी डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) डाउनलोड की और जालसाजी के जरिये ग्रीटिंग कार्ड बनाने में इसका दुरुपयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्पीड पोस्ट से भी भेजा ग्रीटिंग कार्ड
अधिकारी ने बताया कि इस ग्रीटिंग कार्ड पर कथित रूप से अशोभनीय संदेश लिखकर इसे स्पीड पोस्ट के जरिये भी उस वक्त महिला न्यायाधीश को भेजा गया, जब उनकी अदालत चल रही थी। अधिकारियों ने बताया कि वकील को इस मामले में नौ फरवरी को गिरफ्तार किया गया और रतलाम के एक अपर सत्र न्यायाधीश ने उसकी जमानत याचिका 13 फरवरी को खारिज कर दी थी। अभियोजन ने इस याचिका पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अदालत में कहा था कि वकील ने महिला न्यायाधीश का ‘लैंगिक उत्पीड़न’ और उनकी ‘लज्जा का अनादर’ किया।

वकील ने किया आरोपों से इनकार
उधर, वकील ने इन आरोपों से इनकार करते हुए रतलाम की अदालत में कहा कि चूंकि वह गरीबों को निःशुल्क कानूनी परामर्श देता है। इसलिए वह कई वकीलों की ‘निजी रंजिश का शिकार’ है।


अधिकारियों के मुताबिक आरोपों का सामना कर रहा वकील फिलहाल रतलाम की एक जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में वकील की ओर से जमानत याचिका दायर की गई है। इस पर बुधवार को सुनवाई संभावित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed