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दिव्यांग चयनित शिक्षकों की नौकरी अटकी: 22 दिन से नियुक्ति का इंतजार, मेडिकल सत्यापन के बाद आदेश के लिए भटक रहे
Thu, 24 Sep 2026 07:38 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 24 Sep 2026 07:38 PM IST
सार
जेपी अस्पताल में दिव्यांगता सत्यापन पूरा होने के 22 दिन बाद भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दिव्यांग चयनितों को नियुक्ति आदेश का इंतजार है। अभ्यर्थी वेतन, भत्ते और परिवीक्षा अवधि में देरी का मुद्दा उठा रहे हैं। दिव्यांग वर्ग के करीब 465 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को भटकना पड़ रहा है।
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दिव्यांग कोटे से चयनित अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025-26 में दिव्यांग कोटे से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया अटकने से परेशानी बढ़ गई है। जेपी अस्पताल भोपाल में दिव्यांगता के दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया 2 सितंबर तक पूरी हो चुकी है, लेकिन 24 सितंबर तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। यानी सत्यापन पूरा हुए 22 दिन बीत चुके हैं। इस भर्ती में सामान्य और अन्य वर्गों के करीब 6,922 चयनित अभ्यर्थियों को 31 अगस्त को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं दिव्यांग वर्ग के करीब 465 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को सत्यापन प्रक्रिया के कारण इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिकल के बाद भी नियुक्ति का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि जेपी अस्पताल में दोबारा मेडिकल सत्यापन कराया जा चुका है। कई चयनित अभ्यर्थियों के पास यूडीआईडी कार्ड और 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र भी है। इसके बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने से उन्हें विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई अभ्यर्थी दूसरे जिलों से भोपाल आकर किराए के कमरे में रुके हुए हैं। उनका कहना है कि रोजाना आने-जाने, रहने और अन्य खर्च के साथ अनिश्चितता भी बनी हुई है।
नियुक्ति में देरी से वेतन का भी नुकसान
अभ्यर्थियों के मुताबिक, जिन चयनित शिक्षकों को 31 अगस्त को नियुक्ति मिली, उनका वेतन लाभ 1 सितंबर से शुरू हो गया। दूसरी ओर दिव्यांग कोटे के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश नहीं मिलने से वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थियों का दावा है कि देरी के कारण करीब 25 से 30 हजार रुपये तक वेतन, महंगाई भत्ते और मकान किराया भत्ते का शुरुआती नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि बाद में एरियर मिलने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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परिवीक्षा अवधि में भी अंतर पड़ेगा
अभ्यर्थियों ने परिवीक्षा अवधि को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि नियुक्ति बाकी चयनित अभ्यर्थियों के मुकाबले करीब 20 दिन बाद होती है, तो परिवीक्षा अवधि पूरी होने की तारीख में भी उतना ही अंतर आएगा। इससे उन्हें सेवा संबंधी लाभों की समयसीमा में भी देरी का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें-दाल ने बिगाड़ा रसोई का बजट: एक हफ्ते में तुवर 10 रुपए महंगी, चना-मूंग-उड़द-मसूर के भाव भी बढ़े, और बढ़ेगा दाम
सूची सार्वजनिक करने और जल्द आदेश की मांग
दिव्यांग चयनित अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 2 सितंबर तक सत्यापित सभी अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए। पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को 48 घंटे के भीतर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं और पूरी प्रक्रिया की जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जाए।अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 और लोक शिक्षण संचालनालय में शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जल्द नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुए तो वे डीपीआई कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
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मेडिकल के बाद भी नियुक्ति का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि जेपी अस्पताल में दोबारा मेडिकल सत्यापन कराया जा चुका है। कई चयनित अभ्यर्थियों के पास यूडीआईडी कार्ड और 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र भी है। इसके बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने से उन्हें विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई अभ्यर्थी दूसरे जिलों से भोपाल आकर किराए के कमरे में रुके हुए हैं। उनका कहना है कि रोजाना आने-जाने, रहने और अन्य खर्च के साथ अनिश्चितता भी बनी हुई है।
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नियुक्ति में देरी से वेतन का भी नुकसान
अभ्यर्थियों के मुताबिक, जिन चयनित शिक्षकों को 31 अगस्त को नियुक्ति मिली, उनका वेतन लाभ 1 सितंबर से शुरू हो गया। दूसरी ओर दिव्यांग कोटे के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश नहीं मिलने से वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थियों का दावा है कि देरी के कारण करीब 25 से 30 हजार रुपये तक वेतन, महंगाई भत्ते और मकान किराया भत्ते का शुरुआती नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि बाद में एरियर मिलने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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परिवीक्षा अवधि में भी अंतर पड़ेगा
अभ्यर्थियों ने परिवीक्षा अवधि को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि नियुक्ति बाकी चयनित अभ्यर्थियों के मुकाबले करीब 20 दिन बाद होती है, तो परिवीक्षा अवधि पूरी होने की तारीख में भी उतना ही अंतर आएगा। इससे उन्हें सेवा संबंधी लाभों की समयसीमा में भी देरी का सामना करना पड़ सकता है।
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सूची सार्वजनिक करने और जल्द आदेश की मांग
दिव्यांग चयनित अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 2 सितंबर तक सत्यापित सभी अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए। पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को 48 घंटे के भीतर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं और पूरी प्रक्रिया की जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जाए।अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 और लोक शिक्षण संचालनालय में शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जल्द नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुए तो वे डीपीआई कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
