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होली बाजार में बदली तस्वीर: मेक इन इंडिया के रंग में रंगा भोपाल, ग्राहक खुद स्वदेशी वस्तुओं की कर रहे मांग

Sat, 28 Feb 2026 06:50 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 28 Feb 2026 06:50 PM IST
सार

राजधानी भोपाल में होली बाजार इस बार स्वदेशी रंग में रंगा नजर आ रहा है। व्यापारियों के अनुसार चीनी सामान की हिस्सेदारी घटकर 18-25% रह गई है, जबकि हर्बल गुलाल, देसी पिचकारी और भारतीय उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।भोपाल संभाग में होली से रंग पंचमी तक 100-150 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है, जिसमें किराना, रंग-गुलाल और मिठाई की बिक्री सबसे अधिक रहने की उम्मीद है।

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Holi market changed its image: Bhopal painted in Make in India colours, customers themselves demanding indigen
भोपाल में होली बाजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में होली से पहले बाजारों की सतरंगी रौनक लौट आई है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है। पहले जहां फैंसी पिचकारी, मास्क, स्प्रे और खिलौनों में चीनी माल का दबदबा रहता था, वहीं अब भारतीय उत्पादों ने मजबूत पकड़ बना ली है। व्यापारियों का कहना है कि आयात में कमी, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा और हर्बल रंगों की बढ़ती मांग के चलते बाजार में बड़ा बदलाव दिख रहा है। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि अब ग्राहक खुद दुकानदार से पूछ रहे हैं कि सामान स्वदेशी है या नहीं। सुरक्षित और हर्बल रंगों को प्राथमिकता मिल रही है। उनका कहना है कि एमएसएमई और स्टार्टअप इकाइयों की बढ़ती भागीदारी से स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ हुआ है और चीन पर निर्भरता लगातार घट रही है।
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भोपाल में क्या बदला?
चौक, आजाद मार्केट, इतवारा, मारवाड़ी रोड, लोहा बाजार, भेल, 10 नंबर, बैरागढ़ और करोंद समेत प्रमुख बाजारों में हर्बल गुलाल, ऑर्गेनिक रंग और देसी पिचकारी की मांग तेज है। बैटरी और म्यूजिकल थीम वाली पिचकारी में आंशिक विदेशी निर्भरता बनी हुई है, लेकिन साधारण रंग-पिचकारी लगभग पूरी तरह भारतीय हैं। थोक रंग व्यवसायियों सौरभ साहू और पंकज जैन के अनुसार, केमिकल रंगों की मांग घटी है। बच्चों की त्वचा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए लोग टेसू फूल से बने रंग, हर्बल गुलाल और सुरक्षित उत्पाद ज्यादा खरीद रहे हैं। सुरक्षित रंगों की बिक्री में 30-40% तक वृद्धि दर्ज की गई है। 
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भोपाल संभाग में अनुमानित कारोबार (रंग पंचमी तक)
रंग-गुलाल: 20-30 करोड़
पिचकारी-खिलौने: 8-10 करोड़
मिठाई-नमकीन: 20-25 करोड़
कपड़े: 10-15 करोड़
भांग-ठंडाई: 5-10 करोड़
डीजे-टेंट: 10-12 करोड़
किराना-डेयरी: 20-30 करोड़
पूजा सामग्री: 10-20 करोड़
कुल मिलाकर भोपाल संभाग में होली से रंग पंचमी तक 100-150 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान सबसे अधिक लाभ किराना, डेयरी, मिठाई और फुटकर व्यापारियों को मिलता है।

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बाजार रेट (प्रति नग/पैक)
लोकल गुलाल (100 ग्राम): ₹15-25
हर्बल गुलाल (100 ग्राम): ₹50-120
छोटी पिचकारी: ₹20-40
टैंक पिचकारी: ₹350-700
कलर स्प्रे: ₹80-150
स्नो स्प्रे: ₹120-220
होली टी-शर्ट: ₹120-350
 
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