{"_id":"66bf709a9edcd8da72092dff","slug":"heavy-rains-will-start-again-in-the-state-from-august-19-rain-occurred-in-17-districts-of-the-state-2024-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Weather: प्रदेश में 19 अगस्त से एक बार फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, प्रदेश के 17 जिलों में हुई बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Weather: प्रदेश में 19 अगस्त से एक बार फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, प्रदेश के 17 जिलों में हुई बारिश
Fri, 16 Aug 2024 09:00 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 16 Aug 2024 09:00 PM IST
सार
प्रदेश में तीन सिस्टम की एक्टिविटी से कुछ जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। शुक्रवार को 17 जिलों में बारिश हुई। 19 अगस्त को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होने से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।
विज्ञापन
भोपाल की बारिश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में तीन सिस्टम की एक्टिविटी से कुछ जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। शुक्रवार को 17 जिलों में बारिश हुई। राजधानी भोपाल में सुबह हल्की बारिश हुई इसके बाद पूरे दिन मौसम साफ रहा। मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है, हालांकि भारी बारिश होने की संभावना कम है। प्रदेश में 19 अगस्त से एक बार फिर से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि नॉर्थ-वेस्ट राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम है। यहीं से मानसून ट्रफ एमपी के सीधी होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। 2 अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में कहीं तेज, तो कहीं हल्की बारिश हो रही है।
मौसम विभाग द्वारा बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग में अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश में अलर्ट जारी किया है जिसके अनुसार दतिया, टीकमगढ़, सतना चित्रकूट, उमरिया, निवाड़ी ओरछा में बिजली के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही ग्वालियर, भिंड, छतरपुर खजुराहो, पन्ना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी में मध्यम बारिश होने की संभावना है। सिंगरौली, शहडोल, अनुपपुर अमरकंटक, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल, खंडवा ओंकारेश्वर, बुरहानपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, कटनी, जबलपुर भेड़ाघाट, भोपाल में हल्की बारिश होने की संभावना है। गुना, मुरैना, सागर, दमोह, नरसिंगपुर, नर्मदापुरम, रायसेन भीमबेटिका, सीहोर, हरदा, विदिशा उदयगिरि, खरगोन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, देवास, इंदौर, उज्जैन, आगर, रात्रि समय में राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी में भी बारिश होने की संभावना है।
शुक्रवार को प्रदेश में हुई बारिश के अकड़े
शुक्रवार को गुना में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 101 मिमी यानी 4 इंच बारिश हो गई। पचमढ़ी में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। सीधी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह बैतूल, ग्वालियर, इंदौर, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सिवनी, उमरिया, मलाजखंड में भी बारिश हुई। शुक्रवार को प्रदेश के 17 जिलों में बारिश हुई।
विज्ञापन
19 अगस्त से बन रहा लो प्रेशर एरिया
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में बना निम्न दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में तीव्र होगा, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में तेज बारिश होगी। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से और ओड़िशा में देखने को मिलेगा। 19 अगस्त को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होने से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।मॉनसून की ट्रफ लाइन उत्तर के बाद एक बार फिर मध्य भारत की ओर शिफ्ट हो रही है। वर्तमान में ट्रफ लाइन राजस्थान के फलौदी, वनस्थली से होती हुई मध्यप्रदेश के शिवपुरी, सीधी होते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल तक जा रही है और यहां निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
अभी तक प्रदेश में कितनी हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून की शुरुआत से लेकर 16 अगस्त तक प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। बात करें मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों की तो यहां 13 फेसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 16 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। माना जा रहा है कि अगस्त में तेज बारिश का सिस्टम फिर सक्रिय होने से औसत बारिश का आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है। बारिश के मामले में मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, सागर, राजगढ़, बालाघाट जिले टॉप पर हैं। इन जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। अगर पूरे मध्य प्रदेश के औसत की बात की जाए तो कुल 3.5 इंच ज्यादा बारिश हुई है।
विज्ञापन
मौसम विभाग द्वारा बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग में अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश में अलर्ट जारी किया है जिसके अनुसार दतिया, टीकमगढ़, सतना चित्रकूट, उमरिया, निवाड़ी ओरछा में बिजली के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही ग्वालियर, भिंड, छतरपुर खजुराहो, पन्ना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी में मध्यम बारिश होने की संभावना है। सिंगरौली, शहडोल, अनुपपुर अमरकंटक, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल, खंडवा ओंकारेश्वर, बुरहानपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, कटनी, जबलपुर भेड़ाघाट, भोपाल में हल्की बारिश होने की संभावना है। गुना, मुरैना, सागर, दमोह, नरसिंगपुर, नर्मदापुरम, रायसेन भीमबेटिका, सीहोर, हरदा, विदिशा उदयगिरि, खरगोन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, देवास, इंदौर, उज्जैन, आगर, रात्रि समय में राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी में भी बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
शुक्रवार को प्रदेश में हुई बारिश के अकड़े
शुक्रवार को गुना में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 101 मिमी यानी 4 इंच बारिश हो गई। पचमढ़ी में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। सीधी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह बैतूल, ग्वालियर, इंदौर, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सिवनी, उमरिया, मलाजखंड में भी बारिश हुई। शुक्रवार को प्रदेश के 17 जिलों में बारिश हुई।
विज्ञापन
19 अगस्त से बन रहा लो प्रेशर एरिया
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में बना निम्न दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में तीव्र होगा, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में तेज बारिश होगी। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से और ओड़िशा में देखने को मिलेगा। 19 अगस्त को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होने से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।मॉनसून की ट्रफ लाइन उत्तर के बाद एक बार फिर मध्य भारत की ओर शिफ्ट हो रही है। वर्तमान में ट्रफ लाइन राजस्थान के फलौदी, वनस्थली से होती हुई मध्यप्रदेश के शिवपुरी, सीधी होते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल तक जा रही है और यहां निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
अभी तक प्रदेश में कितनी हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून की शुरुआत से लेकर 16 अगस्त तक प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। बात करें मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों की तो यहां 13 फेसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 16 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। माना जा रहा है कि अगस्त में तेज बारिश का सिस्टम फिर सक्रिय होने से औसत बारिश का आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है। बारिश के मामले में मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, सागर, राजगढ़, बालाघाट जिले टॉप पर हैं। इन जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। अगर पूरे मध्य प्रदेश के औसत की बात की जाए तो कुल 3.5 इंच ज्यादा बारिश हुई है।
