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Gail Gas Leak: भोपाल के नजदीक मंडीदीप में गैल प्लांट से गैस लीक, कड़ी मशक्कत के बाद रोका रिसाव; हड़कंप

Wed, 23 Apr 2025 01:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 23 Apr 2025 01:09 PM IST
सार

Bhopal: कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने कहा कि प्लांट में मिड नाइट से गैस रिसाव हो रहा था। हमें इसकी जानकारी सुबह करीब पांच बजे मिली। अब रिसाव रोक दिया गया है। पूरे एरिया को सैनिटाइज कराया गया है।

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Gas Leak At Gail Plant Near Mandideep Bhopal Create Ruckus MP News in hindi
मंडीदीप गेल प्लांट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल से सटे हुए रायसेन जिले के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में स्थित गैस एथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गैल) के गैस प्लांट में मंगलवार रात करीब 12 बजे रिसाव शुरू हो गया। गैस प्लांट में लिक्विड नाइट्रोजन गैस को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) में बदलकर उद्योगों, पाइप के जरिए घरों और व्यावसायिक उपयोग के लिए सप्लाई की जाती है। प्लांट में गैस के रिसाव के बाद सुरक्षा उपायों को आजमाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्लांट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में पुलिस और दमकल को सूचना दी गई। 

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इसके बाद राज्य आपदा मोचन बल (एसडीईआरएफ) को बुलाया गया। बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। बड़ी मशक्कत के बाद बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे के बाद रिसाव को रोका जा सका। गैस के दुष्प्रभाव से लोगों को बचाने के लिए प्लांट के चारों तरफ एक किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को रात में ही हटाने के साथ पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर खाली करा लिया गया। यहां किसी को घुसने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे क्षेत्र में नगर सेना और पुलिस बल तैनात किया गया। कंपनी में लीकेज की बड़ी घटना होने के कारण जयपुर और दिल्ली से भी गैल कंपनी के अधिकारी पहुंचे। जयपुर से अधिकारी मंडीदीप पहुंचकर सेफ्टी की ऑडिट करना शुरू कर दिया है
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गैस का रिसाव रुकने के बाद बुधवार दोपहर में रायसेन कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्लांट का निरीक्षण किया और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए। आसपास रहने वालों के स्वास्थ्य की भी जांच कराई जा रही, ताकि किसी प्रकार का प्रभाव अगर किसी को हुआ हो तो उसका समय पर इलाज कराया जा सके। 
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प्लांट की सुरक्षा बढ़ाई, अलर्ट पर टीमें 
गैस प्लांट में रिसाव भले ही रुक गया है, लेकिन अब प्रशासन सतर्क हो गया है। गैल प्लांट के चारों तरफ किसी को जाने नहीं दिया जा रहा। पुलिस के साथ एसडीआरएफ की एक टीम मौके पर तैनात है। एनडीआरएफ की टुकड़ी भी मौके पर मौजूद है। मंडीदीप नगर पालिका के साथ भोपाल और मंडीपीद स्थित अन्य फैक्ट्रियों की दमकलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
  
कुछ कर्मचारी अस्पताल में भर्ती, प्लांट बंद
सूत्रों ने बताया कि गैस लीक होने के बाद लीकेज को रोकने के लिए सबसे पहले प्रयास करने वाले आधा दर्जन कंपनी कर्मचारियों का स्वास्थ्य बिगड़ गया। उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, प्लांट प्रबंधन किसी के अस्वस्थ होने से इनकार कर रहा है। जयपुर और दिल्ली से गैल कंपनी की टीम द्वारा पूरा सुरक्षा ऑडिट कर ओके रिपोर्ट नहीं देने पर प्लांट में ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। कंपनी के अधिकारी सुरक्षा स्थिति के साथ इस तरह के हादसे होने के कारणों की भी जांच करेंगे, इसके बाद ही प्लांट दोबारा ऑपरेट करना शुरू करेगा।

पढ़ें: रेत खनन से प्रभावित हो रहे ग्रामीण, जलस्तर में गिरावट पर उठी चिंता; एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन    


गैस के प्रभाव को कम करने के उपाय किए
रायसेन एसपी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि प्लांट के आसपास रिसी हुई गैस का प्रभाव कम करने के लिए सेनेटाईजेशन के साथ अन्य उपाय किए गए। प्रशासन भी वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया है, ताकि प्लांट के आसपास गैस के रिसाव से होने वाले दुष्प्रभाव का पता लगाया जा सके। जब तक गैस लीक का दुष्प्रभाव आसपास के क्षेत्र में पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता, लोगों को एक किलोमीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मंडीदीप डी-सेक्टर में गैल का यह प्लांट है। इस प्लांट से मंडीदीप, गोविंदपुरा, सतलापुर और बंरसिया तथा अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में गैस की सप्लाई की जाती है। अगर जल्दी ही गैस प्लांट में कार्य शुरू नहीं हुआ तो आसपास के औद्योगिक क्षेत्र के प्लांटों में गैस की किल्लत हो सकती है।

कलेक्टर ने कहा- प्रशासन को देरी से दी सूचना
गैल कंपनी प्रबंधन घटना को पहले प्रशासन से छिपाए रखना चाहता था। स्थिति जब जल्दी नियंत्रण में नहीं आई, तब प्रशासन को सूचना दी गई। रायसेन कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे प्रशासन को गैस रिसाव की जानकारी दी गई, जबकि गैस का रिसाव देर रात से ही हो रहा था। कंपनी प्रबंधन को इस तरह सूचना देने में देरी जैसी लापरवाही दोबारा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

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