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चार दिन बाद गणेशोत्सव: भोपाल में तैयारियां अंतिम दौर में, 2 से 10 हजार रुपए तक महंगी हुईं गणेश प्रतिमाएं
Thu, 10 Sep 2026 05:45 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 10 Sep 2026 05:45 PM IST
सार
गणेशोत्सव में चार दिन बाकी हैं। भोपाल में प्रतिमाओं से लेकर पंडाल और रोशनी की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। कच्चा माल और मजदूरी महंगी होने से इस बार बड़ी गणेश प्रतिमाओं की कीमत 2 से 10 हजार रुपए तक बढ़ गई है।
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प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गणेशोत्सव के लिए अब राजधानी में सिर्फ चार दिन का इंतजार है। 14 सितंबर से शुरू होने वाले दस दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। कोलार तिराहा, भेल, मंगलवारा, माता मंदिर, टीटी नगर समेत कई इलाकों में मूर्तिकारों के यहां गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिमाओं पर रंग-रोगन और सजावट का काम लगभग पूरा हो चुका है, वहीं गणेश उत्सव समितियां अब पंडाल, रोशनी और सजावट को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं।इस बार उत्सव का उत्साह तो वही है, लेकिन गणेश प्रतिमाओं के दाम बढ़ गए हैं। बड़ी और विशेष डिजाइन वाली प्रतिमाएं पिछले साल की तुलना में 2 से 10 हजार रुपए तक महंगी हो गई हैं। मूर्तिकारों के अनुसार कच्चे माल और मजदूरी की लागत बढ़ने से कीमतों में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
मिट्टी से लेकर रंग और मजदूरी तक महंगी
मूर्तीकार विकास ने बताया कि प्रतिमाएं तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी, बांस, रस्सी, कपड़ा, रंग-रोगन और सजावटी सामग्री के दाम बढ़ने का असर इस बार सीधे मूर्तियों की कीमत पर पड़ा है। इसके साथ ही कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ी है। छोटी प्रतिमाओं की कीमत में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी है, लेकिन बड़ी, आदमकद और विशेष डिजाइन वाली प्रतिमाओं पर 2 से 10 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। कई समितियों ने पसंद की प्रतिमा पहले ही बुक करा ली है।
पंडालों में थीम और रोशनी पर जोर
प्रतिमा की बुकिंग के बाद समितियों का अगला फोकस पंडालों पर है। शहर के कई हिस्सों में पंडाल तैयार होने लगे हैं। कहीं आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं तो कहीं रोशनी और सजावट के लिए अलग-अलग थीम तैयार की जा रही हैं।
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समितियां प्रतिमा स्थापना स्थल पर बिजली, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्था भी देख रही हैं। अगले तीन दिनों में ज्यादातर बड़े पंडालों में प्रतिमाएं पहुंचाकर सजावट पूरी करने की तैयारी है।
बंगाल के कारीगरों ने भी तैयार कीं प्रतिमाएं
भोपाल में स्थानीय मूर्तिकारों के साथ पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों ने भी बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। कई प्रतिमाओं में अब अंतिम रंग-रोगन और सजावट का काम चल रहा है। कारीगरों का कहना है कि सामग्री और मजदूरी महंगी होने के कारण इस बार प्रतिमाओं की लागत बढ़ी है।
यह भी पढ़ें-एमपी में थमी तेज बारिश: 3 दिन राहत, 13 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, अभी सामान्य से 7% कम पानी
14 सितंबर से शुरू होगा दस दिवसीय उत्सव
गणेश चतुर्थी के साथ 14 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू होगा। स्थापना से पहले बचे तीन-चार दिनों में मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने और समितियां पंडालों की तैयारियां पूरी करने में जुटी हैं। शहर में जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं की बिक्री और बुकिंग का सिलसिला तेज हो गया है। अब अगले कुछ दिनों में प्रतिमाओं की रवानगी के साथ राजधानी में गणेशोत्सव का रंग और गहरा दिखाई देने लगेगा।
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मिट्टी से लेकर रंग और मजदूरी तक महंगी
मूर्तीकार विकास ने बताया कि प्रतिमाएं तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी, बांस, रस्सी, कपड़ा, रंग-रोगन और सजावटी सामग्री के दाम बढ़ने का असर इस बार सीधे मूर्तियों की कीमत पर पड़ा है। इसके साथ ही कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ी है। छोटी प्रतिमाओं की कीमत में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी है, लेकिन बड़ी, आदमकद और विशेष डिजाइन वाली प्रतिमाओं पर 2 से 10 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। कई समितियों ने पसंद की प्रतिमा पहले ही बुक करा ली है।
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पंडालों में थीम और रोशनी पर जोर
प्रतिमा की बुकिंग के बाद समितियों का अगला फोकस पंडालों पर है। शहर के कई हिस्सों में पंडाल तैयार होने लगे हैं। कहीं आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं तो कहीं रोशनी और सजावट के लिए अलग-अलग थीम तैयार की जा रही हैं।
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समितियां प्रतिमा स्थापना स्थल पर बिजली, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्था भी देख रही हैं। अगले तीन दिनों में ज्यादातर बड़े पंडालों में प्रतिमाएं पहुंचाकर सजावट पूरी करने की तैयारी है।
बंगाल के कारीगरों ने भी तैयार कीं प्रतिमाएं
भोपाल में स्थानीय मूर्तिकारों के साथ पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों ने भी बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। कई प्रतिमाओं में अब अंतिम रंग-रोगन और सजावट का काम चल रहा है। कारीगरों का कहना है कि सामग्री और मजदूरी महंगी होने के कारण इस बार प्रतिमाओं की लागत बढ़ी है।
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14 सितंबर से शुरू होगा दस दिवसीय उत्सव
गणेश चतुर्थी के साथ 14 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू होगा। स्थापना से पहले बचे तीन-चार दिनों में मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने और समितियां पंडालों की तैयारियां पूरी करने में जुटी हैं। शहर में जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं की बिक्री और बुकिंग का सिलसिला तेज हो गया है। अब अगले कुछ दिनों में प्रतिमाओं की रवानगी के साथ राजधानी में गणेशोत्सव का रंग और गहरा दिखाई देने लगेगा।
