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मैपकॉस्ट में फर्जीवाड़ा: डीजी अनिल कोठारी चहेतों पर मेहरबान, सरकारी एजेंसी की आड़ में दिलाया दो करोड़ का ठेका

Wed, 15 Jan 2025 08:21 AM IST
Anand Pawar आनंद पवार
Updated Wed, 15 Jan 2025 08:21 AM IST
सार

MP News: मैपकॉस्ट में सुरक्षा, हाउसकीपिंग और मैनपॉवर से जुड़े दो करोड़ रुपये के सालाना ठेके को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सरकारी एजेंसी की आड़ में चहते ठेकेदार को बिना टेंडर प्रक्रिया के यह ठेका दे दिया गया। यह सब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अधीन आने वाले विभाग में हो रहा है।

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Fraud in Mapcost: Contract worth Rs 2 crore secured under the guise of a government agency
सीएम यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) में सुरक्षा, हाउसकीपिंग और मैनपॉवर से जुड़े दो करोड़ रुपये के सालाना ठेके को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। मैपकॉस्ट के महानिदेशक ने सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए यह ठेका अपने चहेते ठेकेदार को बिना टेंडर प्रक्रिया के दे दिया। यह पूरा फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश राज्य सहकारी संघ (एमपीएससी) की आड़ में अंजाम दिया गया।

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अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया है कि अभी तक अनुप श्रीवास्तव केबीएस सिक्योरिटी के नाम पर मैपकॉस्ट में काम कर रहे थे। बिना नियमों के अनुबंध का समय बढ़ाने पर सवाल उठने के बाद डीजी कोठारी ने केबीएस समेत हाउस कीपिंग ठेकेदारों का अनुबंध खत्म कर दिया।
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इसके बाद राज्य सहकारी संघ को काम देने की बात कही, लेकिन पर्दे के पीछे से अनुप श्रीवास्तव की ही दूसरी एजेंसी एडी कॉर्प को सुनियोजित तरीके से काम दिला दिया गया। इस बार सिर्फ सुरक्षा ही नहीं हाउसकीपिंग और मैनपॉवर का काम भी श्रीवास्तव की एजेंसी को दे दिया गया, जो भंडार क्रय नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसको लेकर मैपकॉस्ट के वित्तीय अधिकारी भी आपत्ति जता चुके हैं।
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निजी एजेंसी से इतनी हमदर्दी क्यों?
वहीं, इस मामले में डीजी मैपकॉस्ट डॉ. अनिल कोठारी का कहना है कि हमने सरकारी एजेंसी को काम दिया है। वहीं, राज्य सहकारी संघ के जनरल मैनेजर संजय कुमार सिंह ने कहा कि हमने अपनी गाइडलाइन के अनुसार एडी कॉर्प से मैपकॉस्ट में काम करने अनुबंध किया है। इस मामले में अनुप श्रीवास्तव से बात करने के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सवाल यह है कि इतनी हमदर्दी कोठारी को अनूप श्रीवास्तव की निजी एजेंसी से क्यों है? यह जांच का विषय है।

राज्य सहकारी संघ भी अधिकृत नहीं 
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार के भंडार क्रय नियमों के मुताबिक, राज्य सहकारी संघ सुरक्षा और मैनपॉवर सेवाएं दूसरे विभाग में प्रदान करने के लिए अधिकृत नहीं है। संघ को केवल सहकारी संस्थाओं के लिए सेवा प्रदाता एजेंसी के रूप में कार्य करने का अधिकार है। इसके प्रमाण आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मध्य प्रदेश का नौ सितंबर 2021 का पत्र है। इस पत्र की कॉपी अमर उजाला के पास है। इसके बावजूद इस प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया और वित्त अधिकारी की आपत्तियों को नजरअंदाज कर चहते को ठेका देने के लिए किया गया।

कर्मचारियों को ही नहीं पता वेतन कौन दे रहा? 
मैपकॉस्ट में अब भी सुरक्षा का काम कर रही केबीएस एजेंसी के समय के ही कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यहां कर्मचारियों को भी नहीं पता कि मैपकॉस्ट में कौन एजेंसी सुरक्षा का काम कर रही है।

संचालक सीधे बिल संबंधित विभाग में भेज रहे हैं। इसे बहुत गोपनीय रखा जा रहा है। इससे ही साफ पता चलता है कि पूरे मामले को दबाने के लिए हर स्तर पर प्रक्रिया को गोपनीय रखा जा रहा है। यह मैपकॉस्ट की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े करता है।

वित्तीय अधिकारी की आपत्ति पर हटाया था केबीएस को 
मैपकॉस्ट में केबीएस सिक्योरिटी और हाउस कीपिंग ठेकेदारों से 2017 के अनुबंध पर बार-बार अनुबंध में वृद्धि कर काम करवाया जा रहा था। यह शासन के टेंडर नियमावली की शर्तों का सीधा उल्लंघन था। इस पर मैपकॉस्ट में शासन की तरफ से भेजे गए वित्तीय अधिकारी ने भी गंभीर आपत्ति जताई थी। इसके बाद सितंबर 2024 में अनुप श्रीवास्तव की केबीएस सिक्योरिटी एजेंसी समेत हाउसिंग का सालाना डेढ़ करोड़ रुपये का काम करने वाली एजेंसी को डीजी मैपकॉस्ट ने हटा दिया था। परंतु, पिछले दरवाजे से अनूप श्रीवास्तव की दूसरी एजेंसी एडी कॉर्प को सुरक्षा के साथ-साथ साफ सफाई और मैनपॉवर प्रदाय करने का भी काम दे दिया गया। 


हमने सरकारी एजेंसी को काम दिया 
वहीं पूरे मामले में जब मैपकॉस्ट के डीजी डॉ. अनिल कोठारी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि हमने सरकारी एजेंसी को काम दिया है। 

एडी कॉर्प कर रहा मेपकॉस्ट में काम 
राज्य सहकारी संघ के जनरल मैनेजर संजय कुमार सिंह ने कहा कि हमने अपनी गाइडलाइन का पालन करते हुए एडी कॉर्प को मैपकॉस्ट का काम दिया है। एडी कॉर्प अनुप श्रीवास्तव की एजेंसी है।

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