फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   fake ias trupti singh bhopal assembly reel two women six lakh fraud government job scam

मध्य प्रदेश: फर्जी आईएएस तृप्ति ने रील वाली युवतियों को भी नहीं छोड़ा! नौकरी का झांसा देकर 6 लाख ठगने का आरोप

Fri, 04 Sep 2026 08:17 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रतीक पांडेय Updated Fri, 04 Sep 2026 08:17 PM IST
सार

Madhya Pradesh: भोपाल की कथित फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह पर ठगी के मामलों की जांच के बीच नया आरोप सामने आया है। विधानसभा में उसके साथ रील में दिखीं दो युवतियों ने सरकारी नौकरी और आईएएस बनाने का झांसा देकर तीन-तीन लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन
fake ias trupti singh bhopal assembly reel two women six lakh fraud government job scam
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल की रहने वाली फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह पर अब तक चार मामले दर्ज हो चुके हैं। दो मामले अशोकनगर और चंदेरी में दर्ज हैं, जबकि पर्यटन विभाग के होटल-रेस्टोरेंट लीज पर दिलाने के नाम पर ठगी के दो मामले भोपाल में दर्ज हो चुके हैं। पुलिस की जांच के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है।
विज्ञापन


आरोप है कि फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह ने मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में जिन दो युवतियों के साथ रील बनाकर खुद को आईएएस बता रही थी, रील में दिख रही उन दोनों युवतियों को भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर तीन-तीन लाख रुपये, यानी कुल छह लाख रुपये ठगे। तृप्ति का कारनामा सामने आने के बाद दोनों युवतियों ने भी ठगी की शिकायत की है। युवतियों ने भोपाल पुलिस को बताया कि तृप्ति ने उन्हें भी आईएएस अधिकारी बनाने का सपना दिखाया और सरकारी नौकरी लगवाने के बदले तीन-तीन लाख रुपये ले लिए।
विज्ञापन


वीडियो वायरल हुआ तो सामने आईं दोनों युवतियां
तृप्ति का विधानसभा परिसर से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद उसकी पहचान और गतिविधियों को लेकर सवाल उठे थे। वीडियो में वह दो युवतियों के साथ नजर आ रही थी और तीनों खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए बातचीत करती दिखाई दे रही थीं। वीडियो में एक युवती तृप्ति को अपनी ‘सीनियर’ भी बताती नजर आई थी। वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी तो बैतूल निवासी विशाखा तिरकम और ख्याति ढोलपुर पुलिस के सामने पहुंचीं। दोनों ने खुद को तृप्ति की पीड़िता बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें आईएएस बनाने का झांसा देकर तीन-तीन लाख रुपये लिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


वही अब जांच में बना अहम सुराग
तृप्ति के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और सरकारी परिसर में खींचे गए फोटो कथित तौर पर उसकी अफसरी की छवि बनाने का जरिया थे। यही वीडियो अब पुलिस की जांच में अहम कड़ी बन गए हैं। पहले वीडियो में साथ दिख रही युवतियों को लेकर सवाल था कि वे तृप्ति के साथ क्यों थीं और क्या वे भी उसके कथित नेटवर्क का हिस्सा थीं। अब खुलासा हुआ है कि वे भी कथित तौर पर तृप्ति के जाल में फंसी थीं।

तृप्ति के खिलाफ पहले चंदेरी में चार युवकों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया था। इसके बाद भोपाल में होटल-रिसॉर्ट लीज और नौकरी दिलाने के नाम पर 39.17 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ। फिर होटल लीज के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की कथित ठगी को लेकर चौथी एफआईआर दर्ज हुई। अब दो युवतियों से आईएएस बनाने के नाम पर छह लाख रुपये लेने के आरोप ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, इस शिकायत पर अभी कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति ने कितने लोगों को अपनी कथित फर्जी पहचान और अफसरी के रुतबे का झांसा दिया और इस पूरे खेल में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे।

'विधानसभा जैसे परिसर में कैसे पहुंचीं?'
जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान बनाने के लिए किन दस्तावेजों और संसाधनों का इस्तेमाल किया। यह भी जांच का विषय है कि विधानसभा जैसे संवेदनशील परिसर में वह और उसकी साथी युवतियां किस तरह पहुंचीं और वहां वीडियो कैसे बनाए गए। तृप्ति के साथ दिखीं दोनों युवतियों की भूमिका भी पुलिस की जांच का हिस्सा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, तृप्ति के पिता भी एक मीडिया संस्थान से जुड़े हैं। कहा जा रहा है कि संभवत: पिता ने विधानसभा का पास दिया हो, जिससे तृप्ति विधानसभा पहुंची। पुलिस परिजनों की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि ठगी में तृप्ति का भाई सुधांशु सिंह भी गिरफ्तार है। तृप्ति फिलहाल अशोकनगर जेल में है और भोपाल पुलिस उससे पूछताछ के लिए प्रोडक्शन रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। ऐसे में नई शिकायतें उसके कथित नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

लग्जरी लाइफस्टाइल से बनाया प्रभाव
जांच में सामने आया कि तृप्ति चंदेरी में एक आलीशान ठिकाने पर रहकर खुद को प्रभावशाली सरकारी अधिकारी के तौर पर पेश करती थी। उसके साथ उसका भाई भी सक्रिय था। महंगी गाड़ी और अफसरी अंदाज में लोगों से मिलना-जुलना उसके कथित तौर पर बनाए गए प्रभाव का हिस्सा था।

तृप्ति के भोपाल स्थित घर और ससुराल में तलाशी के दौरान पुलिस को फर्जी पहचान से जुड़े दस्तावेज, लेटरहेड और अन्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान भोपाल के अलकापुरी स्थित ससुराल से कथित तौर पर आईएएस प्रशिक्षु अधिकारी से जुड़े मोमेंटो और प्रशिक्षण से संबंधित सामग्री मिली। पुलिस को आशंका है कि इस तरह की सामग्री का इस्तेमाल लोगों के बीच अपनी पहचान और रुतबा स्थापित करने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, ससुराल और मायके में ऐसा माहौल बनाया गया, जिससे सामने वाला व्यक्ति उसे वास्तविक सरकारी अधिकारी समझ सके। पुलिस अब बरामद सामग्री की सत्यता और उसके इस्तेमाल की भूमिका की जांच कर रही है।


कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति के पास फर्जी सरकारी दस्तावेज और पहचान से जुड़ी सामग्री कहां से आई। साथ ही, कथित ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े थे, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस की नजर उसकी हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल, महंगे मोबाइल फोन, लग्जरी होटल में ठहरने और सरकारी अधिकारी जैसा प्रभाव पैदा करने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री पर भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed