{"_id":"69035c3d670c36e3fc0eab1a","slug":"drone-expo-drones-are-proving-helpful-from-farmers-to-security-cm-said-we-entered-the-enemy-s-house-and-ki-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Drone Expo: किसानों से लेकर सुरक्षा तक ड्रोन बन रहे मददगार,CM बोले-हमने मिनटों में दुश्मन को घर में घुसकर मारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Drone Expo: किसानों से लेकर सुरक्षा तक ड्रोन बन रहे मददगार,CM बोले-हमने मिनटों में दुश्मन को घर में घुसकर मारा
Thu, 30 Oct 2025 06:16 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 30 Oct 2025 06:16 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ड्रोन तकनीक ने विज्ञान, कृषि, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025 का शुभारंभ में उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के दम पर हमने दिन नहीं, घंटे नहीं, बल्कि मिनटों में दुश्मन को घर में घुसकर मारा है।
विज्ञापन
सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में गुरुवार को ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025’ का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन ने विज्ञान, कृषि, सुरक्षा और सर्वेक्षण के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। उन्होंने बताया कि राज्य में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार की गई है, ताकि तकनीकी नवाचारों को तेजी से अपनाया जा सके।
ड्रोन अब किसानों के लिए वरदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन अब किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। खेतों में कीटनाशक छिड़काव हो या फसल की निगरानी, दोनों ही कार्य अब आसान हो गए हैं। ड्रोन तकनीक का उपयोग रक्षा क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी के दम पर हमने दिन नहीं, घंटे नहीं, बल्कि मिनटों में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। ड्रोन तकनीक अब सिर्फ रक्षा और कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि विवाह समारोहों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक इसका विस्तार हो चुका है। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में ड्रोन तकनीक रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगी।
राज्य में तकनीकी प्रगति की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में राज्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में राज्य को ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेनिंग का हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
तकनीकी शिक्षा और शोध को बढ़ावा
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर से चार हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ड्रोन प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है। इससे युवाओं में ड्रोन संचालन, डिजाइनिंग और तकनीकी समझ बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, अधोसंरचना विकास, सर्वेक्षण, पर्यावरण निगरानी और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें-विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग, नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष व CM को लिखा पत्र
मां नर्मदा को समर्पित विशेष पहल
एक्सपो के साथ ही मां नर्मदा को समर्पित एक अनोखी पहल की घोषणा भी की गई। इसके तहत ओंकारेश्वर में वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मगरमच्छों को नर्मदा नदी में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब राज्य में एंटी-ड्रोन तकनीक पर शोध चल रहा है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और मजबूत होगी। ड्रोन के जरिए महीनों का काम अब कुछ घंटों में पूरा किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें-पूर्वी एमपी में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय, आज 12 जिलों में बारिश का अलर्ट, हवा से गिरा तापमान
राज्य स्थापना दिवस पर ड्रोन शो का भव्य आयोजन
राज्य स्थापना दिवस पर विशेष कार्यक्रम के तहत दो हजार से अधिक ड्रोन आसमान में आकृतियां बनाएंगे। इनमें धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को दर्शाया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन
ड्रोन अब किसानों के लिए वरदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन अब किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। खेतों में कीटनाशक छिड़काव हो या फसल की निगरानी, दोनों ही कार्य अब आसान हो गए हैं। ड्रोन तकनीक का उपयोग रक्षा क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी के दम पर हमने दिन नहीं, घंटे नहीं, बल्कि मिनटों में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। ड्रोन तकनीक अब सिर्फ रक्षा और कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि विवाह समारोहों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक इसका विस्तार हो चुका है। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में ड्रोन तकनीक रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगी।
विज्ञापन
राज्य में तकनीकी प्रगति की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में राज्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में राज्य को ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेनिंग का हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
तकनीकी शिक्षा और शोध को बढ़ावा
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर से चार हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ड्रोन प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है। इससे युवाओं में ड्रोन संचालन, डिजाइनिंग और तकनीकी समझ बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, अधोसंरचना विकास, सर्वेक्षण, पर्यावरण निगरानी और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें-विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग, नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष व CM को लिखा पत्र
मां नर्मदा को समर्पित विशेष पहल
एक्सपो के साथ ही मां नर्मदा को समर्पित एक अनोखी पहल की घोषणा भी की गई। इसके तहत ओंकारेश्वर में वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मगरमच्छों को नर्मदा नदी में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब राज्य में एंटी-ड्रोन तकनीक पर शोध चल रहा है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और मजबूत होगी। ड्रोन के जरिए महीनों का काम अब कुछ घंटों में पूरा किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें-पूर्वी एमपी में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय, आज 12 जिलों में बारिश का अलर्ट, हवा से गिरा तापमान
राज्य स्थापना दिवस पर ड्रोन शो का भव्य आयोजन
राज्य स्थापना दिवस पर विशेष कार्यक्रम के तहत दो हजार से अधिक ड्रोन आसमान में आकृतियां बनाएंगे। इनमें धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को दर्शाया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
