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VIT भोपाल नाम पर विवाद: सीहोर में स्थित यूनिवर्सिटी पर भ्रामक प्रचार के आरोप, मानवाधिकार आयोग ने दर्ज किया केस

Sat, 28 Mar 2026 06:27 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 28 Mar 2026 06:27 PM IST
सार

सीहोर में स्थित वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के नाम को लेकर विवाद गहरा गया है। भ्रामक प्रचार के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि एनएसयूआई ने नाम बदलने और अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई है।

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Controversy over the Name 'VIT Bhopal': University Located in Sehore Accused of Misleading Publicity; Human Ri
वीआईटी भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर जिले में संचालित वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय द्वारा भोपाल नाम के इस्तेमाल पर भ्रामक प्रचार के आरोप लगे हैं, जिस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया कि विश्वविद्यालय का परिसर सीहोर जिले की आष्टा तहसील के कोठरी क्षेत्र में स्थित है, जो भोपाल से करीब 100 किलोमीटर दूर है, इसके बावजूद “भोपाल” नाम का उपयोग किया जा रहा है।
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छात्रों को गुमराह करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय नाम देखकर दूसरे राज्यों के छात्र-छात्राएं और अभिभावक यह मान लेते हैं कि संस्थान राजधानी भोपाल में स्थित है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के दौरान यह भ्रम और बढ़ जाता है, जिससे बाद में छात्रों को असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पहले भी हुआ था छात्रों का विरोध
परमार ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान में पहले भी अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों में आक्रोश देखा गया था, जो एक समय गंभीर और हिंसक रूप भी ले चुका है। छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता जैसे मुद्दे उठाए थे।शिकायत में परिसर में कथित अवैध क्लीनिक संचालन और अन्य अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया है। इन मामलों में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

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आयोग ने मांगा जवाब
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे छात्रों के अधिकार और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एनएसयूआई ने साफ किया है कि यदि छात्रों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ हुआ तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन करेगा।
 
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