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MP: यति नरसिंहानंद के विवादित टिप्पणी पर विवाद जारी, काजी अनस बोले- ‘ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए’
Tue, 08 Oct 2024 03:00 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 08 Oct 2024 03:00 PM IST
सार
MP: गाजियाबाद में हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान यति नरसिंहानंद द्वारा इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर की गई अशोभनीय टिप्पणी के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं में रोष है।
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मुस्लिम धर्मगुरु
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसी भी व्यक्ति को किसी अन्य मजहब की आस्थाओं से खेलने का कोई हक नहीं है। महंत यति नरसिंहानंद तो उस शख्सियत को लेकर बारम्बार बदकलामी करते जा रहे हैं, जिन्हें सारी दुनिया में इंसानियत, भाईचारे और मुहब्बत का पैगाम लेकर भेजा गया था।
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हजरत मुहम्मद सअस सिर्फ इस्लाम के अगुआ नहीं हैं, बल्कि उन्हें रहमतुल आलेमीन यानी सारी दुनिया की अगुवाई करने के लिए भेजा गया था। नरसिंहानंद द्वारा अपनाई जा रही क्रियाएं देश को विभाजित करने वाली हैं। उनकी राह किसी आतंकवादी से कम नहीं हैं। मुहब्बत, सद्भाव, भाईचारे के हमारे देश में ऐसे व्यक्ति की कोई जरूरत नहीं है। सरकार को चाहिए कि इस शख्स को देश निकाला देकर पाकिस्तान भेज देना चाहिए। राजधानी भोपाल से उलेमाओं ने यह मांग उठाई है।
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आशिकान ए रसूल, अहले सुन्नत वल जमात मप्र, समता समाधान पार्टी, अहले सुन्नत काउंसिल, उलेमा बोर्ड आदि सामाजिक एवं मजहबी संस्थाओं ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपने के बाद काजी सैयद अनस अली नदवी ने कहा कि महंत का काम लोगों को भलाई की ताकीद करना होता है। लोगों को जोड़ने और समाज में बेहतर माहौल बनाना उसकी जिम्मेदारी होती है, लेकिन महंत यति अपने कर्तव्य और दायित्व के विपरीत लोगों को तोड़ने, नफरत फैलाने और देश विभाजन के हालात बना रहे हैं।
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काजी अनस ने कहा कि यह काम आतंकवादियों के हैं। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार को चाहिए ऐसे लोगों को देश निकाला दें। उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाए ताकि वे अपने मिजाज के लोगों में रहकर काम कर सकें। इस मौके पर शहर के कई उलेमा और नागरिक मौजूद थे।
