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अब हर मंगलवार को होगी जल सुनवाई: CM ने कहा- दो चरणों में चलेगा यह अभियान; रोबोट से जांचेंगे पाइप लाइन लीकेज
Sat, 10 Jan 2026 07:20 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 10 Jan 2026 07:20 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए ‘स्वच्छ जल अभियान’ का शुभारंभ किया। अभियान के तहत हर मंगलवार जल सुनवाई होगी और आधुनिक तकनीक से जल आपूर्ति की निगरानी की जाएगी। रोबोट से पानी के लीकेज की जांच होगी।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल सुरक्षा, जल संरक्षण और आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10 जनवरी 2026 से प्रदेशव्यापी “स्वच्छ जल अभियान” का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यह अभियान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉन्च किया। इस अवसर पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल भी उपस्थित रहे। वीसी में प्रदेश के सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ, अधिकारी तथा नगरीय-ग्रामीण जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि घर-घर तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचे। किसी भी स्थिति में दूषित पानी की आपूर्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दो चरणों में चलेगा अभियान
स्वच्छ जल अभियान का क्रियान्वयन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। अभियान के तहत सभी जल शोधन संयंत्रों और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई की जाएगी। जीआईएस मैप आधारित एप के जरिए निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
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तकनीक से होगी निगरानी
पेयजल और सीवेज पाइपलाइनों की जीआईएस मैपिंग की जाएगी। इंटर प्वाइंट सेक्शन चिन्हित कर लीकेज की जांच होगी। रोबोट के माध्यम से पाइपलाइन में लीकेज की पहचान की जाएगी, ताकि दूषित पानी के मिश्रण को रोका जा सके। सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी और एसटीपी की भी सतत निगरानी की जाएगी।
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हर मंगलवार ‘जल सुनवाई’
अभियान की खास पहल के रूप में हर मंगलवार “जल सुनवाई” आयोजित की जाएगी, जिससे आम नागरिकों को अपनी शिकायत रखने का सीधा अधिकार मिलेगा। पेयजल से जुड़ी शिकायतें 181 पर दर्ज की जा सकेंगी। तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण कर आवेदक को इसकी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन गंभीरता और तकनीक के उपयोग से इसका सामना किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के जरिए प्रदेश को स्वच्छ पेयजल व्यवस्था में देश के लिए एक आदर्श बनाना है।
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दो चरणों में चलेगा अभियान
स्वच्छ जल अभियान का क्रियान्वयन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। अभियान के तहत सभी जल शोधन संयंत्रों और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई की जाएगी। जीआईएस मैप आधारित एप के जरिए निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
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तकनीक से होगी निगरानी
पेयजल और सीवेज पाइपलाइनों की जीआईएस मैपिंग की जाएगी। इंटर प्वाइंट सेक्शन चिन्हित कर लीकेज की जांच होगी। रोबोट के माध्यम से पाइपलाइन में लीकेज की पहचान की जाएगी, ताकि दूषित पानी के मिश्रण को रोका जा सके। सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी और एसटीपी की भी सतत निगरानी की जाएगी।
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हर मंगलवार ‘जल सुनवाई’
अभियान की खास पहल के रूप में हर मंगलवार “जल सुनवाई” आयोजित की जाएगी, जिससे आम नागरिकों को अपनी शिकायत रखने का सीधा अधिकार मिलेगा। पेयजल से जुड़ी शिकायतें 181 पर दर्ज की जा सकेंगी। तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण कर आवेदक को इसकी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन गंभीरता और तकनीक के उपयोग से इसका सामना किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के जरिए प्रदेश को स्वच्छ पेयजल व्यवस्था में देश के लिए एक आदर्श बनाना है।
