फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Cabinet approval received, NHM did not implement contract policy in 1 year, 32 thousand workers will go on str

MP NEWS: कैबिनेट से मिली स्वीकृत, एनएचएम ने 1 साल में नहीं लागू की संविदा नीति, 32 हजार कर्मी जाएंगे हड़ताल पर

Sat, 20 Jul 2024 06:48 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 20 Jul 2024 06:48 PM IST
सार

कैबिनेट की मंजूरी मिले 1 साल हो गया है, लेकिन एनएचएम द्वारा संविदा नीति लागू नहीं होने से से नाराज प्रदेश भर के 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर जा सकते हैं, इसका प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा।

विज्ञापन
Cabinet approval received, NHM did not implement contract policy in 1 year, 32 thousand workers will go on str
संविदा कर्मियों द्वारा पूर्व में की गई हड़ताल की फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

। 
विज्ञापन



मध्यप्रदेश कैबिनेट व राज्य सरकार द्वारा संविदा नीति 2023 मध्यप्रदेश कैबिनेट से स्वीकृत कर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 22 जुलाई 2023 को संविदा नीति जारी कर समस्त विभागों को तत्काल लागू करने के दिशा निर्देश दिए गए थे, परंतु एक वर्ष पूरा होने के उपरांत भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश द्वारा अब तक मानव संसाधन नीति जारी कर संविदा नीति 2023 के समस्त प्रावधान लागू नहीं किए गए हैं। अब एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय ठक्कर ने कहा है कि इसके विरोध में प्रदेश भर के सभी 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर जाएंगे। 22 जुलाई को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण प्रदेशभर के 32 हजार एचएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी सामूहिक छुट्टी लेकर सेवा के दौरान मृत हुए साथियों के परिवार को न्याय दिलाने राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन एचएचएम कार्यालय भोपाल के सामने करेंगे।


ग्रेड- पे सुधार को लेकर 36 से अधिक केडर अपील प्रस्तुत कर चुके
 ठक्कर ने कहा कि एक ओर एनएचएमसंविदा कर्मियों के लिए नीति लागू करने के आदेश जारी नहीं हो रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल द्वारा स्वास्थ्य विभाग के नियमित पदों के विरूद्ध सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों के आदेश पिछले वर्ष ही जारी कर दिए गए है। ग्रेड- पे सुधार को लेकर 36 से अधिक केडर अपनी अपील प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन एक साल हो गया अपील का निराकरण नहीं किया गया है। प्रदेश के 32 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी ग्रेड- पे सुधार को लेकर 36 से अधिक केडर अपनी अपील प्रस्तुत कर चुके महसूस कर रहे है। इसिलए हमने यह निर्णय लिया है। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो जल्द ही अनिश्चित कालीन हड़ताल एवं काम बंद, कलम बंद का सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन


अनिश्चित कालीन हड़ताल की तैयारी
विजय ठक्कर ने कहा कि प्रदेश के 32 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे है। इसिलए हमने यह निर्णय लिया है कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो जल्द ही अनिश्चित कालीन हड़ताल एवं काम बंद, कलम बंद का सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि एक ओर एनएचएम संविदा कर्मियों के लिए नीति लागू करने के आदेश जारी नहीं हो रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल द्वारा स्वास्थ्य विभाग के नियमित पदों के विरूद्ध सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों के आदेश पिछले वर्ष ही जारी कर दिए गए है। ग्रेड- पे सुधार को लेकर 36 से अधिक केडर अपनी अपील प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन एक साल हो गया अपील का निराकरण नहीं किया गया है।  उन्होने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा नीति जारी कर एनपीएस 5 लाख रुपए का आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा संविदा कर्मियों और परिवार को उपलब्ध कराना, ग्रेज्यूटी, अनुकंपा नियुक्ति, प्रतिवर्ष सीपीआर दर के अनुरूप इंक्रिमेंट, शासकीय कर्मचारियों के समान समस्त अवकाश, शासकीय भर्तियों में संविदा कर्मियों को 50 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ,सहित कई ऐसी सुविधाएं है जो मानव संसाधन नीति के द्वारा स्पष्ट तौर पर लागू होगी जिसे जारी करने में एनएचएम ने कोई संज्ञान अब तक नहीं लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन







 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed