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Budget Session: कुत्तों की नसबंदी पर सदन में तीखी नोकंझोक, विधायक को धमकी से लेकर गौमांस तक का मुद्दा उठा
Tue, 17 Feb 2026 09:17 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 17 Feb 2026 09:17 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल की शुरुआत महिला विधायकों के सवालों से हुई और कई मुद्दों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। नसबंदी टिप्पणी, कानून-व्यवस्था, गौमांस प्रकरण और लापता बच्चियों जैसे विषयों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने रहे।
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मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल की शुरुआत महिला विधायकों के सवालों से हुई। शुरुआत में ही सदन का माहौल तीखा हो गया, जब विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कई जवाबों से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने दोबारा जांच की मांग तक कर दी। कुत्तों की नसबंदी पर सदन में तीखी नोकझोंक हुई। सदन में विधायक को धमकी और गौमांस का भी मुद्दा उठा।
सदन में पंचायत और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी गई। जवाब में संबंधित मंत्री प्रहलाद पटेल ने बजट प्रावधानों और स्वीकृत कार्यों का ब्यौरा दिया, लेकिन विपक्ष ने आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए जमीनी हकीकत की जांच कराने की मांग रखी। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि स्वीकृत योजनाएं पूरी गति से लागू नहीं हो पा रही हैं।
ये भी पढ़ें- हवाला के 61 लाख: कैफे में मारपीट के आरोपियों को दबोचने पहुंची पुलिस तो लाखों का कैश बरामद, तीन हिरासत में
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नसबंदी टिप्पणी पर छिड़ी बहस
भोपाल की उत्तर विधानसभा से विधायक आतिफ अकील ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और हमलों के मुद्दे पर मंत्री का ध्यानाकर्षण किया। इसी दौरान नसबंदी अभियान को लेकर की गई एक टिप्पणी पर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नसबंदी की बात आएगी तो इंदिरा गांधी तक जाएगी। इस पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि नसबंदी की बात हो रही है और 40 साल पुरानी बात उठा रहे हैं।
सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है : विजयवर्गीय
वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है। सत्ता पक्ष ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया, जबकि विपक्ष ने बयान पर आपत्ति जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए टिप्पणी की कि माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया, हालांकि, बाद में कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। मंत्री ने कहा कि सभी के सुझाव लेकर कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- MP News: मुख्यमंत्री बोले- प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज समावेशी और परिणामोन्मुखी विकास का उदाहरण
मूसा गैंग की धमकी का मामला उठाया
विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को कथित रूप से ''मूसा गैंग'' की ओर से मिली धमकी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल का विधायक ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। वहीं, कांग्रेस विधायक महेश परमार ने भोपाल में सामने आए गौमांस प्रकरण को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि बड़ी मात्रा में मांस कहां से आया और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाबी तर्क दिए गए और कानून-व्यवस्था की बात कही गई। सदन में वंदे मातरम को लेकर भी चर्चा हुई।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राज्य सरकार की दीर्घकालिक योजनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। इसके जवाब में कांग्रेस विधायकों ने रामेश्वर शर्मा से वंदे मातरम गाने को कहा गया, जिससे माहौल कुछ देर तक गरमाया रहा। मनावर से कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने प्रदेश में लड़कियों के लापता होने के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा और मामले की गंभीरता पर ध्यान देने की मांग की।
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सदन में पंचायत और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी गई। जवाब में संबंधित मंत्री प्रहलाद पटेल ने बजट प्रावधानों और स्वीकृत कार्यों का ब्यौरा दिया, लेकिन विपक्ष ने आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए जमीनी हकीकत की जांच कराने की मांग रखी। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि स्वीकृत योजनाएं पूरी गति से लागू नहीं हो पा रही हैं।
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नसबंदी टिप्पणी पर छिड़ी बहस
भोपाल की उत्तर विधानसभा से विधायक आतिफ अकील ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और हमलों के मुद्दे पर मंत्री का ध्यानाकर्षण किया। इसी दौरान नसबंदी अभियान को लेकर की गई एक टिप्पणी पर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नसबंदी की बात आएगी तो इंदिरा गांधी तक जाएगी। इस पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि नसबंदी की बात हो रही है और 40 साल पुरानी बात उठा रहे हैं।
सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है : विजयवर्गीय
वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है। सत्ता पक्ष ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया, जबकि विपक्ष ने बयान पर आपत्ति जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए टिप्पणी की कि माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया, हालांकि, बाद में कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। मंत्री ने कहा कि सभी के सुझाव लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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मूसा गैंग की धमकी का मामला उठाया
विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को कथित रूप से ''मूसा गैंग'' की ओर से मिली धमकी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल का विधायक ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। वहीं, कांग्रेस विधायक महेश परमार ने भोपाल में सामने आए गौमांस प्रकरण को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि बड़ी मात्रा में मांस कहां से आया और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाबी तर्क दिए गए और कानून-व्यवस्था की बात कही गई। सदन में वंदे मातरम को लेकर भी चर्चा हुई।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राज्य सरकार की दीर्घकालिक योजनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। इसके जवाब में कांग्रेस विधायकों ने रामेश्वर शर्मा से वंदे मातरम गाने को कहा गया, जिससे माहौल कुछ देर तक गरमाया रहा। मनावर से कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने प्रदेश में लड़कियों के लापता होने के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा और मामले की गंभीरता पर ध्यान देने की मांग की।
