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Bhopal: मंत्री रावत को हराने वाले विजयपुर विधायक का आरोप,बोले- चुनाव नहीं लड़ने के लिए दिया था 5 करोड़ का ऑफर
Thu, 28 Nov 2024 07:06 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 28 Nov 2024 07:06 PM IST
सार
विजयपुर से मंत्री रामनिवास रावत को हराने वाले विधायक मुकेश मल्होत्रा ने बड़ा आरोप लगाया है। मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि रामनिवास रावत के रिश्तेदार जो टीआई है, एसडीओपी के साथ मेरे पास आए थे। उन्होंने मुझसे 5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था।
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विधायक मुकेश मल्होत्रा का स्वागत करते जीतू पटवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्योपुर के विजयपुर उप चुनाव में वन मंत्री रामनिवास रावत को हराने वाले विधायक मुकेश मल्होत्रा गुरुवार को भोपाल में बड़ा आरोप लगाया है। मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि चुवाव से पहले रामनिवास रावत के रिश्तेदार जो टीआई है, एसडीओपी के साथ मेरे पास आए थे। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हें चुनाव नहीं लड़ना है, नहीं तो तुम समझ सकते हो हम क्या कर सकते हैं। मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि मुझे 5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया, कहा गया कि 2 करोड़ रुपए अभी ले लो, 3 बाद में ले लेना। गौरतलब है कि विजयपुर से नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। जहां प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने उन्हें शुभकामनाएं दी।
जान से मारने की हुई कोशिश
पीसीसी में विधायक मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि जब मैंने चुनाव लड़ा तो मुझे मारने की कोशिश की गई। बीजेपी ने डकैतों को बुलाकर मुझे मारने की कोशिश की। लेकिन मैं डरा नहीं और चुनाव लड़ा। पुलिस और अधिकारी सभी लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे थे। बूथ पर बैठे हमारे एजेंटों तक को अगवा किया गया, नहीं तो हम 50 हजार वोटों से चुनाव जीतते। मल्होत्रा ने आगे कहा कि हमें कहा गया कि आप फार्म खींच लेना, मैंने उन्हें जवाब दिया कि मुकेश मल्होत्रा बिकने वाला आदिवासी नहीं है। हम स्वाभिमानी लोग हैं। इसके बाद पूरा चुनाव निकल गया, उन्होंने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया। वे हमारे लोगों को डराते धमकाते रहे। मेरे सामने और कार्यकर्ताओं के सामने कई चुनौती आई थी। इस चुनाव से साबित हो गया कि किसी भी गरीब मजदूर किसान का बेटा अगर मेहनत और ईमानदारी से काम करेगा, क्षेत्र के लिए लड़ेगा तो कोई भी विधायक बन सकता है।
लोगों पर चलवाई गोलियां
मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव में हमारे लोगों को डराया धमकाया गया, क्योंकि वहां अधिक संख्या में आदिवासी वोटर हैं। लगभग 80 हजार के आसपास। उनकी सोच यह थी कि आदिवासी किसी नेता या वोटर को मार दिया जाए, जिससे मातम का माहौल हो जाए और कोई वोट डालने नहीं जाए। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने डकैतों को बुलाया, लोगों पर गोलियां चलवाई, कई गांव में गोलियां चली और लोगों के साथ मारपीट हुई। गुंडागर्दी और आतंक से चुनाव जीतने की कोशिश की गई। प्रशासन ने उन्हें खुली छूट दे रखी थी।
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भाजपा के लिए आत्ममंथन का विषय
इससे पहले भोपाल पहुंचे विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा विधान सभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी मुलाकात की। विधायक मुकेश मल्होत्रा भोपाल चप्पल पहनकर पहुंचे थे। विधायक से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि चप्पलें तो बीजेपी को पड़ी हैं। जिस प्रकार से आप देख रहे हैं। हमारे विधायक भले ही हवाई चप्पल पहनते हैं लेकिन, बगैर चप्पल मारे जिस प्रकार बीजेपी को इस चुनाव में चप्पलें पड़ी हैं। चाहे किसान हों या आदिवासी हों, ये भाजपा के लिए आत्ममंथन का विषय है। भाजपा सिद्धांतों और चरित्र की बात करती है लेकिन विजयपुर में साम-दाम और दंड-भेद का प्रयोग किया गया। ये कार्यकर्ता और आम जनता की जीत है।
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जान से मारने की हुई कोशिश
पीसीसी में विधायक मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि जब मैंने चुनाव लड़ा तो मुझे मारने की कोशिश की गई। बीजेपी ने डकैतों को बुलाकर मुझे मारने की कोशिश की। लेकिन मैं डरा नहीं और चुनाव लड़ा। पुलिस और अधिकारी सभी लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे थे। बूथ पर बैठे हमारे एजेंटों तक को अगवा किया गया, नहीं तो हम 50 हजार वोटों से चुनाव जीतते। मल्होत्रा ने आगे कहा कि हमें कहा गया कि आप फार्म खींच लेना, मैंने उन्हें जवाब दिया कि मुकेश मल्होत्रा बिकने वाला आदिवासी नहीं है। हम स्वाभिमानी लोग हैं। इसके बाद पूरा चुनाव निकल गया, उन्होंने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया। वे हमारे लोगों को डराते धमकाते रहे। मेरे सामने और कार्यकर्ताओं के सामने कई चुनौती आई थी। इस चुनाव से साबित हो गया कि किसी भी गरीब मजदूर किसान का बेटा अगर मेहनत और ईमानदारी से काम करेगा, क्षेत्र के लिए लड़ेगा तो कोई भी विधायक बन सकता है।
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लोगों पर चलवाई गोलियां
मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव में हमारे लोगों को डराया धमकाया गया, क्योंकि वहां अधिक संख्या में आदिवासी वोटर हैं। लगभग 80 हजार के आसपास। उनकी सोच यह थी कि आदिवासी किसी नेता या वोटर को मार दिया जाए, जिससे मातम का माहौल हो जाए और कोई वोट डालने नहीं जाए। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने डकैतों को बुलाया, लोगों पर गोलियां चलवाई, कई गांव में गोलियां चली और लोगों के साथ मारपीट हुई। गुंडागर्दी और आतंक से चुनाव जीतने की कोशिश की गई। प्रशासन ने उन्हें खुली छूट दे रखी थी।
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भाजपा के लिए आत्ममंथन का विषय
इससे पहले भोपाल पहुंचे विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा विधान सभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी मुलाकात की। विधायक मुकेश मल्होत्रा भोपाल चप्पल पहनकर पहुंचे थे। विधायक से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि चप्पलें तो बीजेपी को पड़ी हैं। जिस प्रकार से आप देख रहे हैं। हमारे विधायक भले ही हवाई चप्पल पहनते हैं लेकिन, बगैर चप्पल मारे जिस प्रकार बीजेपी को इस चुनाव में चप्पलें पड़ी हैं। चाहे किसान हों या आदिवासी हों, ये भाजपा के लिए आत्ममंथन का विषय है। भाजपा सिद्धांतों और चरित्र की बात करती है लेकिन विजयपुर में साम-दाम और दंड-भेद का प्रयोग किया गया। ये कार्यकर्ता और आम जनता की जीत है।
