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Bhopal: प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा, फीस में बढ़ोतरी का आठ जून तक मांगा ब्यौरा
Thu, 30 May 2024 09:32 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 30 May 2024 09:32 PM IST
सार
प्रदेश में निजी स्कूल फीस में वृद्धि एवं इसके संग्रहण तथा इससे जुड़े अन्य विषयों को रेगुलेट करने के लिए मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 बनाया गया है। इसके मुताबिक राज्य सरकार निजी विद्यालयों की फीस व अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी।
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स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं.
- फोटो : साभार: मप्र शासन
विस्तार
प्रदेश सरकार निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्त हो गई है। प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों की फीस तथा अन्य विषयों की जानकारी पोर्टल पर आगामी 8 जून तक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने सभी जिला कलेक्टर्स को अभियान चलाकर निजी स्कूलों में अनियमिताओं को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से कलेक्टर्स को दिए निर्देशों में साफ कहा है कि कुछ स्कूलों ने फर्जी व डुप्लीकेट आईएसबीएन पाठ़य पुस्तकों को पाठ़यक्रम में शामिल किया जा रहा है। अभियान में अनियमितताएं चिन्हित होने पर संबंधित प्रकाशक एवं बुक सेलर्स के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कलेक्टर्स को जांच के बाद प्रतिवेदन आयुक्त, लोक शिक्षण मध्य प्रदेश को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर्स को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि निजी स्कूल शासन के निर्देशों का उल्लंघन कर अनियमितता करने की शिकायतें मिल रही हैं। कलेक्टर्स इस अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। बता दें प्रदेश में निजी स्कूल फीस में वृद्धि एवं इसके संग्रहण तथा इससे जुड़े अन्य विषयों को रेगुलेट करने के लिए मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 बनाया गया है। इस अधिनियम के अधीन मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम-2020 में प्रावधानित किया गया है कि राज्य सरकार निजी विद्यालयों की फीस व अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी।
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स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से कलेक्टर्स को दिए निर्देशों में साफ कहा है कि कुछ स्कूलों ने फर्जी व डुप्लीकेट आईएसबीएन पाठ़य पुस्तकों को पाठ़यक्रम में शामिल किया जा रहा है। अभियान में अनियमितताएं चिन्हित होने पर संबंधित प्रकाशक एवं बुक सेलर्स के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कलेक्टर्स को जांच के बाद प्रतिवेदन आयुक्त, लोक शिक्षण मध्य प्रदेश को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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कलेक्टर्स को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि निजी स्कूल शासन के निर्देशों का उल्लंघन कर अनियमितता करने की शिकायतें मिल रही हैं। कलेक्टर्स इस अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। बता दें प्रदेश में निजी स्कूल फीस में वृद्धि एवं इसके संग्रहण तथा इससे जुड़े अन्य विषयों को रेगुलेट करने के लिए मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 बनाया गया है। इस अधिनियम के अधीन मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम-2020 में प्रावधानित किया गया है कि राज्य सरकार निजी विद्यालयों की फीस व अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी।
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