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Bhopal:GMC में पैरामेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए छात्रों चक्कर काटने से मिली मुक्ति,ऑनलाइन हुईं सारी सेवाएं
Tue, 11 Feb 2025 08:49 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 11 Feb 2025 08:49 PM IST
सार
जीएमसी में पैरामेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए चक्कर काटने से छात्रों को राहत मिल गई है। पहली बार ऑनलाइन फॉर्म खरीदने और फीस भरने की सुविधा शुरू की गई है। दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। अभी फॉर्म लेने के लिए उन्हें GMC आना पड़ता था।
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जीएमसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में पैरामेडिकल के 11 कोर्सों में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थियों को अब कॉलेज और बैंकों के चक्कर नहीं काटेने पड़ेंगे। दरअसल जीएमसी प्रबंधन ने इस वर्ष पैरामेडिकल कोर्सों को ऑनलाइन कर दिया है। पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को किसी भी शहर या राज्य से हो उन्हें घर बैठे कोर्स का फॉर्म और फीस भरने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। अभी तक पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को जीएमसी से फॉर्म कलेक्ट करना पड़ता था उसके बाद उन्हें प्रवेश के लिए लगने वाली फीस के लिए बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे। बैंकों से बैंक ड्राफ्ट बनाकर फीस जमा करवाना पढ़ता था। जीएमसी प्रबंधन ने अब छात्रों की समस्या का समाधान कर दिया है और सारी सुविधाएं ऑनलाइन कर दी है। छात्र जीएमसी प्रबंधन की साइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और ऑनलाइन ही फीस भी भर सकते हैं।
दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
जीएमसी के पैरामेडीकल कोर्स के कोऑर्डिनेटर डॉ. रतन कुमार के अनुसार पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए मध्य प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के भी छात्र-छात्राएं भोपाल पहुंचाते हैं। ऐसे में उन्हें प्रवेश लेने के लिए सबसे पहले कॉलेज पहुंचकर फॉर्म कलेक्ट करना पड़ता था। उसके बाद बैंक से बैंक ड्रॉप बनवा कर फीस जमा करनी पड़ती थी। लेकिन अब उन्हें दोनों ही सुविधा ऑनलाइन घर बैठे मिल रही है। इससे जो छात्र एडमिशन लेना चाहते हैं ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और फीस भी जमा कर सकते हैं। केवल उन्हें काउंसलिंग के लिए जीएमसी कॉलेज आना पड़ेगा।
बढ़ेगा कट ऑफ
ऑफलाइन प्रवेस मे कई प्रकार की औपचारिकताएं होने के कारण दूसरे राज्यों या दूर दराज जिलों के छात्र जीएमसी नहीं पहुंच पाते थे,ऐसे में कम छात्र पैरामेडिकल कोर्स के लिए अप्लाई करते थे। लेकिन अब कोर्स की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से मध्य प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के स्टूडेंटों की संख्या बढ़ी है। इस कारण इस वर्ष मेरिट लिस्ट का कट ऑफ बढ़ेगा। जीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष पैरामेडिकल कोर्सों के लिए ज्यादा बच्चों ने फॉर्म भरा है।
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जीएमसी में पैरामेडिक के 11 कोर्स, विभाग और उनमें सीटों की संख्या
. पाठ्यक्रम का नाम विभाग सीटों की संख्या
01 ओ.टी. तकनीशियन शल्य चिकित्सा 40
02 एक्स-रे (रेडियोग्राफर) तकनीशियन रेडियोडायगनोसिस 30
03 स्वास्थ्य निरीक्षक पीएसएम 10
04 कैथ लैब तकनीशियन कार्डियलजी 20
05 मेडिकल लैब तकनीशियन विकृति विज्ञान 100
06 पैरामेडिकल नेत्र सहायक नेत्र विज्ञान 30
07 पीएफटी. तकनीशियन में डिप्लोमा श्वसन औषधि 5
08 एक्स-रे (रेडियोग्राफर) तकनीशियन रेडियोडायगनोसिस 50
09 यलिसिस तकनीशियन दवा 40
10 श्वसन चिकित्सा में स्नातक श्वसन औषधि 10
11 पर्फ्यूजन टेक्नोलॉजी में पीजी डिप्लोमा कार्डियोथोरेसिक सर्जरी 25
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दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
जीएमसी के पैरामेडीकल कोर्स के कोऑर्डिनेटर डॉ. रतन कुमार के अनुसार पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए मध्य प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के भी छात्र-छात्राएं भोपाल पहुंचाते हैं। ऐसे में उन्हें प्रवेश लेने के लिए सबसे पहले कॉलेज पहुंचकर फॉर्म कलेक्ट करना पड़ता था। उसके बाद बैंक से बैंक ड्रॉप बनवा कर फीस जमा करनी पड़ती थी। लेकिन अब उन्हें दोनों ही सुविधा ऑनलाइन घर बैठे मिल रही है। इससे जो छात्र एडमिशन लेना चाहते हैं ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और फीस भी जमा कर सकते हैं। केवल उन्हें काउंसलिंग के लिए जीएमसी कॉलेज आना पड़ेगा।
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बढ़ेगा कट ऑफ
ऑफलाइन प्रवेस मे कई प्रकार की औपचारिकताएं होने के कारण दूसरे राज्यों या दूर दराज जिलों के छात्र जीएमसी नहीं पहुंच पाते थे,ऐसे में कम छात्र पैरामेडिकल कोर्स के लिए अप्लाई करते थे। लेकिन अब कोर्स की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से मध्य प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के स्टूडेंटों की संख्या बढ़ी है। इस कारण इस वर्ष मेरिट लिस्ट का कट ऑफ बढ़ेगा। जीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष पैरामेडिकल कोर्सों के लिए ज्यादा बच्चों ने फॉर्म भरा है।
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जीएमसी में पैरामेडिक के 11 कोर्स, विभाग और उनमें सीटों की संख्या
. पाठ्यक्रम का नाम विभाग सीटों की संख्या
01 ओ.टी. तकनीशियन शल्य चिकित्सा 40
02 एक्स-रे (रेडियोग्राफर) तकनीशियन रेडियोडायगनोसिस 30
03 स्वास्थ्य निरीक्षक पीएसएम 10
04 कैथ लैब तकनीशियन कार्डियलजी 20
05 मेडिकल लैब तकनीशियन विकृति विज्ञान 100
06 पैरामेडिकल नेत्र सहायक नेत्र विज्ञान 30
07 पीएफटी. तकनीशियन में डिप्लोमा श्वसन औषधि 5
08 एक्स-रे (रेडियोग्राफर) तकनीशियन रेडियोडायगनोसिस 50
09 यलिसिस तकनीशियन दवा 40
10 श्वसन चिकित्सा में स्नातक श्वसन औषधि 10
11 पर्फ्यूजन टेक्नोलॉजी में पीजी डिप्लोमा कार्डियोथोरेसिक सर्जरी 25
