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Bhopal: डॉक्टर की नियुक्ति के मामले में भोपाल के CMHO को कारण बताओ नोटिस जारी, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
Wed, 05 Feb 2025 05:24 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 05 Feb 2025 05:24 PM IST
सार
चिकित्सकों की नियुक्ती मामले में भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रभाकर तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। NSUI ने डॉ. प्रभाकर तिवारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है।
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CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, मध्यप्रदेश द्वारा भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रभाकर तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत जारी किया गया है, जिसमें डॉ. तिवारी पर कार्य में लापरवाही और अपने दायित्वों के निर्वहन में असफल रहने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। NSUI ने डॉ. प्रभाकर तिवारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है।
जानें क्या है नोटिस
वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. राजू निदारिया ने यह नोटिस दिया है। इसमें कहा गया कि डॉ. खरे का निरस्ती आदेश जारी किए जाने के बाद भी डॉ. तिवारी द्वारा नियम विरुद्ध संबंधित से निरंतर कार्य कराया जाना और उनका नियमित रूप से वेतन आहरण किया जा रहा है।आपके द्वारा त्रुटिपूर्ण जानकारी दिए जाने के कारण डॉ. प्रांजल खरे का नाम नियुक्ति निरस्त आदेश सूची में अंकित हुआ। इस प्रकार आदेशों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितता की गई है। जिस पर आयुक्त ने अप्रसन्नता जाहिर की है। ऐसे में सीएमएचओ के दायित्व का निर्वहन करने में आप अक्षम साबित हुए। इससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई है।
डॉ. प्रभाकर तिवारी पर गंभीर आरोप
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि डॉ. प्रभाकर तिवारी ने विभाग को ग़लत जानकारी देकर डॉ. प्रांजल खरे की अवैध नियुक्ति करवाई। बाद में जब विभागीय जांच के बाद उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई, तब भी उन्हें नियमित भुगतान किया जाता रहा, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध था। इसके अलावा, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर अपनी पत्नी डॉ. प्रज्ञा तिवारी को NHM में प्रभारी संचालक बनवाया, जबकि उनके खिलाफ विभाग में सैकड़ों शिकायतें लंबित हैं।
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तत्काल पद से हटाने की मांग
रवि परमार ने कहा कि डॉ. प्रभाकर तिवारी दोषी पाए गए हैं, इसलिए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए NSUI इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।
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जानें क्या है नोटिस
वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. राजू निदारिया ने यह नोटिस दिया है। इसमें कहा गया कि डॉ. खरे का निरस्ती आदेश जारी किए जाने के बाद भी डॉ. तिवारी द्वारा नियम विरुद्ध संबंधित से निरंतर कार्य कराया जाना और उनका नियमित रूप से वेतन आहरण किया जा रहा है।आपके द्वारा त्रुटिपूर्ण जानकारी दिए जाने के कारण डॉ. प्रांजल खरे का नाम नियुक्ति निरस्त आदेश सूची में अंकित हुआ। इस प्रकार आदेशों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितता की गई है। जिस पर आयुक्त ने अप्रसन्नता जाहिर की है। ऐसे में सीएमएचओ के दायित्व का निर्वहन करने में आप अक्षम साबित हुए। इससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई है।
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डॉ. प्रभाकर तिवारी पर गंभीर आरोप
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि डॉ. प्रभाकर तिवारी ने विभाग को ग़लत जानकारी देकर डॉ. प्रांजल खरे की अवैध नियुक्ति करवाई। बाद में जब विभागीय जांच के बाद उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई, तब भी उन्हें नियमित भुगतान किया जाता रहा, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध था। इसके अलावा, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर अपनी पत्नी डॉ. प्रज्ञा तिवारी को NHM में प्रभारी संचालक बनवाया, जबकि उनके खिलाफ विभाग में सैकड़ों शिकायतें लंबित हैं।
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तत्काल पद से हटाने की मांग
रवि परमार ने कहा कि डॉ. प्रभाकर तिवारी दोषी पाए गए हैं, इसलिए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए NSUI इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।
