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Bhopal: भोपाल के बड़े तालाब में दिन भर चलेगा शिकारा, प्रति व्यक्ति 150 रुपये लगेगा किराया, कांग्रेस का तंज

Fri, 14 Jun 2024 07:25 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 14 Jun 2024 07:25 PM IST
सार

राजधानी के बड़े तालाब में डल झील की तर्ज पर शिकारे चलाने की शुरुआत शुक्रवार को की गई है। हालांकि पहले दिन मामला सियासत के गलियारों में छा गया। कांग्रेस ने इस पर तंज कसा है।

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Bhopal: Shikara will run all day in the big pond of Bhopal, fare will be Rs 150 per person, Congress taunts
भोपाल में चलने लगा शिकारा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल के बड़ी झील में क्रूज की सवारी बंद होने के बाद अब शिकारा चलने की पहल की गई है। यह श्रीनगर की डल झील में चलने वाले शिकारे की तर्ज पर बनाया गया है। शुक्रवार को विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, एमआईसी मेंबर रविंद्र यति समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसकी शुरुआत की। इसके बाद कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा है कि भोपाल नगर निगम नावों में साड़ी बांधकर चलाया। 

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सुबह 7 से शाम 7 बजे तक चलेंगे शिकारा
नगर निगम के अधिकारियों को कहना है कि प्रयोग सफल रहा तो अगले एक महीने में एक-दो शिकारे और पानी में उतारे जाएंगे। 10 सीटर बोट को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक चलाया जाएगा। प्रति व्यक्ति किराया करीब 150 रुपये होगा। वहीं, यह 2.3 किलोमीटर का राउंड लगाएगा। ऐसे में यह बीच में स्थित टापू के करीब भी पहुंचेगा। जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने रजिस्टर्ड मछुआरे से एक शिकारा तैयार कराया है।  

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इस दौरान महापौर मालती राय ने कहा कि श्रीनगर की डल झील में ऐसे ही शिकारे चलते हैं। चूंकि, भोपाल में मध्यप्रदेश-देश के कई हिस्सों से पर्यटक आते हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी हजारों लोग बोट क्लब में घूमने जाते हैं, इसलिए शिकारा चलाने की पहल की गई है। बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने करीब 10 महीने पहले 12 सितंबर को क्रूज और मोटर बोट पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सामान्य बोट ही चलाई जा रही थी।

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एक हजार लोग करते थे क्रूज की सवारी
क्रूज और मोटर बोट चलने के दौरान बोट क्लब में हर रोज एक हजार से ज्यादा लोग पहुंचते थे। वे क्रूज और मोटर बोट के जरिए बड़ा तालाब की लहरों को करीब से देखते थे। ये बंद होने के बाद प्राइवेट नाव से ही वे बड़ा तालाब के नजारे का लुत्फ उठाते रहे हैं। अब शिकारे चलने से नया अनुभव मिलेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल भोज वेटलैंड (बड़ा तालाब), नर्मदा समेत प्रदेश के किसी भी वाटर बॉडीज में क्रूज और मोटर बोट के संचालन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोक लगा दी थी। एनजीटी ने इसे अवैध गतिविधि ठहराते हुए बड़ा तालाब में क्रूज का संचालन बंद करने के आदेश दिए थे। आदेश में कहा गया था कि डीजल और डीजल इंजन से निकलने वाले उत्सर्जन को इंसानों समेत जलीय जीवों के लिए खतरा है, क्योंकि इससे उत्सर्जित सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड पानी को एसिडिक बना देता है। यह इंसानों और जलीय जीवों दोनों के लिए कैंसरकारी है। भोज वैटलेंड के लिए जारी यह आदेश नर्मदा नदी समेत प्रदेश की सभी प्रकार की वेटलैंड पर लागू हो गया था।

बड़े तालाब का नाम बदलकर डल झील न कर दे बीजेपी
कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने एक्स पर लिखा कि नगर निगम भोपाल ने बड़े तालाब में नाव पर साड़ी बंधवाकर उसे कश्मीर का शिकारा बता दिया। नगरों और शहरों का नाम बदलने में मशहूर भाजपा सरकार अब कहीं बड़े तालाब का नाम बदलकर डल झील ना रख दे। इवेंट करने के लिए भाजपा सरकार कुछ भी करने को तैयार।

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