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Bhopal: समाज वादी पार्टी का दावा कोरोना वैक्सीन से हो रही युवाओं की मौत, पार्टी MP में चलाएगी सदस्यता अभियान
Fri, 28 Feb 2025 06:35 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 28 Feb 2025 06:35 PM IST
सार
Samajwadi Party: समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने बड़ा आरोप लगाया है उन्होंने कहा है कि कोरोना वैक्सीन से प्रदेश के युवाओं की मौत हो रही है। उन्होने कहा है कि पार्टी एक मार्च से एमपी में सदस्यता अभियान चलाएगी। दो लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य है।
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समाज वादी पार्टी की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने बड़ा आरोप लगाया है उन्होंने कहा है कि कोरोना वैक्सीन से प्रदेश के युवाओं की मौत हो रही है। जिस पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है, लेकिन सरकार इन पर ठोस जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है। मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी संगठन को मजबूत करने सदस्यता अभियान चलाएगी। 1 मार्च से प्रदेश के सभी जिलों में सदस्यता अभियान चलेगा इस सदस्यता अभियान में 2 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रदेश के सभी संभागों में प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि समाजवादी पार्टी, मध्य प्रदेश, 1 मार्च से 31 मार्च तक एक व्यापक सदस्यता अभियान चला रही है, जिसमें हर नागरिक को पार्टी से जुड़ने और सामाजिक न्याय, समानता व प्रगति की इस यात्रा का हिस्सा बनने का मौका दिया जा रहा है। यह अभियान प्रदेशभर में समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने और जनता की आवाज़ को सत्ता के केंद्र तक पहुंचने का एक सुनहरा अवसर है।
युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले
मनोज यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोरोना वैक्सीन को सफलतापूर्वक लागू करने का दावा तो किया, लेकिन क्या उसने इसके संभावित दुष्प्रभावों पर सही तरीके से शोध किया? हाल के महीनों में युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है, लेकिन सरकार इन पर ठोस जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है। क्या यह सरकार की लापरवाही नहीं कि वैक्सीन के प्रभावों की समुचित निगरानी नहीं की गई? क्या लोगों की सेहत से जुड़ी गंभीर चिंताओं को दरकिनार कर सिर्फ राजनीतिक प्रचार किया गया? अगर सरकार ने पारदर्शिता रखी होती और वैज्ञानिक डेटा के आधार पर स्पष्ट जानकारी दी होती, तो आज देश में इस तरह के संदेह और डर की स्थिति न बनती।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर
मनोज यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, और इसका ताजा उदाहरण पूर्व परिवहन आरक्षक सौरव शर्मा के पास से करोड़ों रुपये के अवैध धन की बरामदगी है। यह साफ दिखाता है कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार किस हद तक फैल चुका है। जब एक मामूली आरक्षक के पास इतनी बड़ी संपत्ति मिल सकती है, तो सोचिए ऊपर बैठे अधिकारियों और नेताओं के पास कितना काला धन होगा! सरकार ने ईमानदारी और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे तो किए, लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचारियों को खुली छूट दे रखी है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के सड़ने का सबूत है। अगर सरकार वाकई ईमानदार होती, तो ऐसे घोटाले सामने आने से पहले ही रोके जाते। लेकिन जब सत्ता में बैठे लोग ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दें, तो आम जनता के पैसे की इस तरह लूट होती रहती है।
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विधायक संजय पाठक को घेरा
मनोज यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और सत्ता की मिलीभगत का एक और शर्मनाक उदाहरण सामने आया है। भाजपा विधायक संजय पाठक द्वारा सहारा कंपनी की करोड़ों की जमीन को माटी मॉल में खरीदे जाने का मामला दिखाता है कि कैसे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साठगांठ करके नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। यह सौदा सिर्फ एक भूमि घोटाला नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि किस तरह सत्ता में बैठे लोग आम जनता की संपत्तियों को अपने फायदे के लिए हड़प रहे हैं। क्या सरकार बताएगी कि इस सौदे की पारदर्शिता की जांच क्यों नहीं की गई? जब सत्ता का दुरुपयोग कर इस तरह की खरीद-फरोख्त होती है, तो आम जनता के अधिकार कहां जाते हैं? यह घोटाला भाजपा की भ्रष्ट नीतियों और पूंजीपतियों के साथ मिलीभगत का एक और उदाहरण है, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।
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युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले
मनोज यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोरोना वैक्सीन को सफलतापूर्वक लागू करने का दावा तो किया, लेकिन क्या उसने इसके संभावित दुष्प्रभावों पर सही तरीके से शोध किया? हाल के महीनों में युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है, लेकिन सरकार इन पर ठोस जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है। क्या यह सरकार की लापरवाही नहीं कि वैक्सीन के प्रभावों की समुचित निगरानी नहीं की गई? क्या लोगों की सेहत से जुड़ी गंभीर चिंताओं को दरकिनार कर सिर्फ राजनीतिक प्रचार किया गया? अगर सरकार ने पारदर्शिता रखी होती और वैज्ञानिक डेटा के आधार पर स्पष्ट जानकारी दी होती, तो आज देश में इस तरह के संदेह और डर की स्थिति न बनती।
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मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर
मनोज यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, और इसका ताजा उदाहरण पूर्व परिवहन आरक्षक सौरव शर्मा के पास से करोड़ों रुपये के अवैध धन की बरामदगी है। यह साफ दिखाता है कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार किस हद तक फैल चुका है। जब एक मामूली आरक्षक के पास इतनी बड़ी संपत्ति मिल सकती है, तो सोचिए ऊपर बैठे अधिकारियों और नेताओं के पास कितना काला धन होगा! सरकार ने ईमानदारी और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे तो किए, लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचारियों को खुली छूट दे रखी है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के सड़ने का सबूत है। अगर सरकार वाकई ईमानदार होती, तो ऐसे घोटाले सामने आने से पहले ही रोके जाते। लेकिन जब सत्ता में बैठे लोग ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दें, तो आम जनता के पैसे की इस तरह लूट होती रहती है।
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विधायक संजय पाठक को घेरा
मनोज यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और सत्ता की मिलीभगत का एक और शर्मनाक उदाहरण सामने आया है। भाजपा विधायक संजय पाठक द्वारा सहारा कंपनी की करोड़ों की जमीन को माटी मॉल में खरीदे जाने का मामला दिखाता है कि कैसे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साठगांठ करके नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। यह सौदा सिर्फ एक भूमि घोटाला नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि किस तरह सत्ता में बैठे लोग आम जनता की संपत्तियों को अपने फायदे के लिए हड़प रहे हैं। क्या सरकार बताएगी कि इस सौदे की पारदर्शिता की जांच क्यों नहीं की गई? जब सत्ता का दुरुपयोग कर इस तरह की खरीद-फरोख्त होती है, तो आम जनता के अधिकार कहां जाते हैं? यह घोटाला भाजपा की भ्रष्ट नीतियों और पूंजीपतियों के साथ मिलीभगत का एक और उदाहरण है, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।
