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MP News: भोपाल का महिला थाना हुआ आईएसओ सर्टिफाइड, ऐसा बनने वाला भारत का पहला वुमन पुलिस स्टेशन
Wed, 11 Oct 2023 09:58 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 11 Oct 2023 09:58 PM IST
सार
प्रदेश के सभी थानों में सुधार कार्य लगातार जारी है। उन्हें बेहतर से और बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि प्रदेश के थानों को आईएसओ अवॉर्ड प्रदान किया जा रहा है। महिला थाने को भी आज ये उपलब्धि हासिल हुई।
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भोपाल महिता थाने को आईएसओ अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा बनाए गए विक्टिम फ्रेंडली महिला थाना को आईएसओ की टीम द्वारा मूल्यांकन एवं गुणवत्ता के आधार पर आईएसओ अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बुधवार को ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। यह प्रदेश ही नहीं ब्लकि पूरे भारत का पहला ISO 9001:2015 सर्टिफाइड थाना बन चुका है। इसके पहले मिसरोद थाने को भी कुछ महीने पहले आईएसओ मिला है। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अनुराग शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, पुलिस उपायुक्त आरएस प्रजापति, पुलिस उपायुक्त रामजी श्रीवास्तव, पुलिस उपायुक्त पद्म विलोचन शुक्ल, पुलिस उपायुक्त संजय अग्रवाल एवं आईएसओ से नम्रता शर्मा एवं उनकी टीम तथा अन्य अधिकारी व महिला थाना/महिला सेल का स्टाफ मौजूद रहा।
मील का पत्थर साबित होगा
पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि महिला अपराधों के प्रति भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आज यह एक नया प्रयोग हुआ है। यह एक नीव का पत्थर है। खासतौर महिलाओं से संबंधित अपराधों के मामलों में और कार्यपद्धति के रूप मे पहले भी महिला थाना द्वारा नए आयाम स्थापित किए हैं, लेकिन खासतौर पर इस तरह की व्यवस्था के लगने से एवं संतुष्टता के होने से खासतौर पर हम देख पाते हैं कि जो मूलभूत आवश्यकताएं हैं, उनका बारीकी से सर्वे किया गया है। बारीकी से मूल्यांकन किया गया है और हमारी व्यवस्था के अनुरूप उसे बनाया गया है। उसकी मूलभूत चीजें जो हैं, थाने के जो अधिकारी तथा जवान हैं उनका आम व्यक्ति के साथ, पीड़ित व्यक्ति के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाए। इन मानकों के अनुरूप यहां के स्टाफ को प्रशिक्षित एवं संवेदनशील बनाया गया है। साथ ही साथ जो आधारभूत संरचना है उसमें भी काफी लम्बे समय से काम हुआ है।
मिश्र ने कहा कि इस कार्य में पूर्व के अधिकारियों तथा वर्तमान में पदस्थ अधिकारियों द्वारा भी लगातार काम किया गया है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है। महिलाओं की समस्याओं के लिए सभी थानों में ऊर्जा हेल्प डेस्क सक्रिय है। हालांकि महिला थाना होने के नाते महिला संबंधी अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा है। अपितु यह महिला संबंधी अपराधों के निराकरण में प्रमुख केंद्र के रूप में है इसलिए इस थाने को इसके अनुरूप बनाया गया है। उम्मीद है कि महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम में उनके प्रभावी ढंग से निराकरण काफी मददगार साबित होगा। महिला थाना की पूरी टीम को बधाई देते हैं कि खास तौर पर इस थाने को ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट मिला है और अपेक्षा करते हैं कि लगातार इसके मापदंड के अनुरूप एवं शासन तथा आमजन की जो अपेक्षाएं हैं उस पर खरा उतरेंगे। इसी तरह भोपाल के अन्य थानों को भी बनाएंगे ।
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मील का पत्थर साबित होगा
पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि महिला अपराधों के प्रति भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आज यह एक नया प्रयोग हुआ है। यह एक नीव का पत्थर है। खासतौर महिलाओं से संबंधित अपराधों के मामलों में और कार्यपद्धति के रूप मे पहले भी महिला थाना द्वारा नए आयाम स्थापित किए हैं, लेकिन खासतौर पर इस तरह की व्यवस्था के लगने से एवं संतुष्टता के होने से खासतौर पर हम देख पाते हैं कि जो मूलभूत आवश्यकताएं हैं, उनका बारीकी से सर्वे किया गया है। बारीकी से मूल्यांकन किया गया है और हमारी व्यवस्था के अनुरूप उसे बनाया गया है। उसकी मूलभूत चीजें जो हैं, थाने के जो अधिकारी तथा जवान हैं उनका आम व्यक्ति के साथ, पीड़ित व्यक्ति के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाए। इन मानकों के अनुरूप यहां के स्टाफ को प्रशिक्षित एवं संवेदनशील बनाया गया है। साथ ही साथ जो आधारभूत संरचना है उसमें भी काफी लम्बे समय से काम हुआ है।
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मिश्र ने कहा कि इस कार्य में पूर्व के अधिकारियों तथा वर्तमान में पदस्थ अधिकारियों द्वारा भी लगातार काम किया गया है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है। महिलाओं की समस्याओं के लिए सभी थानों में ऊर्जा हेल्प डेस्क सक्रिय है। हालांकि महिला थाना होने के नाते महिला संबंधी अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा है। अपितु यह महिला संबंधी अपराधों के निराकरण में प्रमुख केंद्र के रूप में है इसलिए इस थाने को इसके अनुरूप बनाया गया है। उम्मीद है कि महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम में उनके प्रभावी ढंग से निराकरण काफी मददगार साबित होगा। महिला थाना की पूरी टीम को बधाई देते हैं कि खास तौर पर इस थाने को ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट मिला है और अपेक्षा करते हैं कि लगातार इसके मापदंड के अनुरूप एवं शासन तथा आमजन की जो अपेक्षाएं हैं उस पर खरा उतरेंगे। इसी तरह भोपाल के अन्य थानों को भी बनाएंगे ।
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