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Bhopal: भोपाल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 3 साल में तीन करोड़ की वसूली, अभी तक नहीं लगाए एक भी सिस्टम

Fri, 06 Jun 2025 07:46 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 06 Jun 2025 07:46 PM IST
सार

भोपाल नगर नगम बिल्डिंग परमिशन लेने वालों से  रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के नाम पर फीस ले रहा है। पिछले तीन साल में करीब तीन करोड़ की राशि लोंगो से ली जा चुकी है लेकिन निगम ने अभी तक एक भी बिल्डिंग में सिस्टम नहीं लगवा पाया है ।

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Bhopal: Rs 3 crore recovered in 3 years for rain water harvesting in Bhopal, not even a single system installe
रेनवॉटर हार्वेस्टिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में भू-जल स्तर को सुधाने के उद्देश्य से रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की मुहिम शुरू की गई है। भोपाल नगर नगम बिल्डिंग परमिशन लेने वालों से  रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के नाम पर फीस ले रहा है। पिछले तीन साल में करीब तीन करोड़ की राशि लोंगो से ली जा चुकी है लेकिन निगम ने अभी तक एक भी बिल्डिंग में सिस्टम नहीं लगवा पाया है। दरअसल भूमि विकास नियम 2012 के तहत बिल्डिंग परमिशन जारी करने के दौरान ही नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा आवेदन करने वालों से रेनवॉटर हार्वेस्टिंग शुल्क जमा करवा रही है।
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डिपॉजिट नहीं लिया वापस
जानकारी के लिए बतादें कि अगर आप स्वयं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग लगवाते हैं तो डिपॉजिट वापस करने का प्रावधान है लेकिन सालों से परमिशन लेने वालों ने यह डिपॉजिट वापस नहीं लिया। वहीं नगर निगम ने भी इस फंड से किसी भी भवन पर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग नहीं लगवाया। नतीजा तीन साल में निगम के पास करोड़ों रुपए इस फंड में जमा हो गए। नियमानुसार यह एक तरह का डिपॉजिट है, जिसके तहत भवन निर्माण करने वाले को स्वयं रेनवॉटर हार्वेस्टिंग लगवाना होता है। सिस्टम लगवाने के बाद भवन स्वामी को चाहिए कि वह मय बिल के साथ प्रमाण बिल्डिंग परमिशन शाखा में जमा कर दे। ताकि उसके द्वारा जमा किया गया डिपॉजिट वापस मिल सके। लेकिन सालों से किसी भी भवन निर्माण के बाद स्वामी ने यह डिपॉजिट वापस नहीं लिया।
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रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए तीन साल में जमा की गई राशि

1- साल 2022-23 में एक करोड 7 लाख 21 हजार,
2- साल 2023-24 में 80 लाख 48 हजार
3- साल 2024-25 में एक करोड़ 16 लाख 95 हजार 629 रुपए

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चला रहे जागरूकता अभियान
बीएमसी सिटी प्लानर अनूप गोयल ने बताया कि जल्द ही बिल्डिंगों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू किया जाएगा। गोयल ने बताया कि नगर निगम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 140 वर्ग फुट से अधिक की इमारतों के लिए सिस्टम लगाना अनिवार्य है। गोयल ने आगे कहा कि निगम हर साल लोगों को वर्षा जल संचयन के लाभों के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाता है। 


जाने क्या होता है हार्वेस्टिंग सिस्टम
वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) एक ऐसी तकनीक है, जिससे बारिश के पानी को इकट्ठा करके उसे बाद में उपयोग के लिए संचय किया जाता है। यह जल संरक्षण का एक महत्वपूर्ण तरीका है, खासकर ऐसे इलाकों में जहां पानी की कमी होती है। इससे ग्राउंड वॉटर लेबल बढ़ता है। वही संचित पानी को भूमि में रिसाव करने से भूजल स्तर में वृद्धि होती है, जिससे कुओं और हैंडपंपों का पानी सुधरता है। इस पानी का उपयोग घरेलू उपयोग के लिए किया जा सकता है, जिससे पानी के बिल में कमी आती है। साथ ही वर्षा जल संचयन से जल प्रदूषण कम होता है और जल संसाधनों का संरक्षण होता है। इस विधि में छत से बारिश के पानी को एकत्र करके टैंक या गड्ढे में संचय किया जाता है। यह वर्षा जल संचयन एक सरल और प्रभावी तरीका है, जिससे पानी की कमी की समस्या को हल किया जा सकता है और जल संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है।


 
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