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Bhopal: अब गुमराह नहीं कर पाएंगे मेडिकल स्टोर संचालक, डिस्काउंट वाला बोर्ड लगाने पर रद्द होंगे रजिस्ट्रेशन
Sun, 27 Jul 2025 06:14 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 27 Jul 2025 06:14 PM IST
सार
प्रदेश में दवा छूट का बोर्ड लगाने वाले स्टोर मालिकों के खिलाफ फार्मेसी काउंसिल कार्रवाई करेगी। काउंसिल ने राज्यभर के पंजीकृत फार्मासिस्टों और मेडिकल स्टोर मालिकों को चेतावनी दी है। छूट और रियायतों का प्रचार करने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जाएगा।
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मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल समेत प्रदेश भर के दवा दुकानों में अक्सर देखा जाता है कि बाहर दवाओं में छूट के बोर्ड लगे होते हैं, लेकिन जब ग्राहक दवा लेने जाते हैं तो कई कंडीशन बताकर गुमराह किया जाता है। अब प्रदेश में दवा छूट का बोर्ड लगाने वाले दवा दुकान मालिकों के खिलाफ फार्मेसी काउंसिल कार्रवाई करेगी। काउंसिल ने राज्यभर के पंजीकृत फार्मासिस्टों और मेडिकल स्टोर मालिकों को चेतावनी दी है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए छूट और रियायतों का प्रचार करने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जाएगा।
मेडिकल संचालकों को नोटिस जारी
काउंसिल ने नोटिस जारी कर कहा कि कई मेडिकल स्टोर बोर्ड और सोशल मीडिया के जरिए डिस्काउंट का लालच देकर उपभोक्ताओं को खींच रहे हैं, जो फॉर्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के अनुसार अनैतिक और अवैध है। ऐसी गतिविधियों में पकड़े जाने पर फार्मासिस्ट का पंजीकरण रद्द या निलंबित किया जा सकता है। साथ ही मेडिकल स्टोर पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। स्टोर्स संचालकों को डिस्काउंट बोर्ड हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र कल से, विपक्ष घेरेगा सरकार को, सत्र के हंगामेदार होने के आसार
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अधिनियम 2002 की धारा 4 का उल्लंघन
फार्मेसी काउंसिल द्वारा जारी नोटिस में कहा है कि बड़े कारोबारी आर्थिक ताकत के दम पर इस तरह के विज्ञापन कर छोटे मेडिकल दुकानदारों के साथ अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं। यह प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 4 का उल्लंघन है। काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन और रजिस्ट्रार भाव्या त्रिपाठी ने सभी मेडिकल स्टोर्स से कानून का पालन करने और अनैतिक प्रतिस्पर्धा से बचने की अपील की।
यह भी पढ़ें-भोपाल मेट्रो को RDSO की रिपोर्ट का इंतजार,अक्टूबर से मेट्रो का कमर्शियल संचालन शुरू करने का लक्ष्य
नकली दवाओं की होती है सप्लाई
भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने कहा कि देखने में आया है कि इस भारी छूट के चलते कई बार नकली दवाओं की सप्लाई बाजार में होती थी। जो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ था। नए नियम से पारदर्शिता बढ़ेगी और जिसका सीधा फायदा आम लोगों को होगा। वहीं, जो सामान्य डिस्काउंट पहले मिल रहा था, वह जारी रहेगा। इस आदेश से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, गोवा, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और अब जम्मू-कश्मीर की तरह मध्यप्रदेश में भी दवा दुकानों पर डिस्काउंट बोर्ड लगाने वाले फार्मासिस्टों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया है। यह केमिस्टों के हित में ऐतिहासिक निर्णय है।
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मेडिकल संचालकों को नोटिस जारी
काउंसिल ने नोटिस जारी कर कहा कि कई मेडिकल स्टोर बोर्ड और सोशल मीडिया के जरिए डिस्काउंट का लालच देकर उपभोक्ताओं को खींच रहे हैं, जो फॉर्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के अनुसार अनैतिक और अवैध है। ऐसी गतिविधियों में पकड़े जाने पर फार्मासिस्ट का पंजीकरण रद्द या निलंबित किया जा सकता है। साथ ही मेडिकल स्टोर पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। स्टोर्स संचालकों को डिस्काउंट बोर्ड हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
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अधिनियम 2002 की धारा 4 का उल्लंघन
फार्मेसी काउंसिल द्वारा जारी नोटिस में कहा है कि बड़े कारोबारी आर्थिक ताकत के दम पर इस तरह के विज्ञापन कर छोटे मेडिकल दुकानदारों के साथ अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं। यह प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 4 का उल्लंघन है। काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन और रजिस्ट्रार भाव्या त्रिपाठी ने सभी मेडिकल स्टोर्स से कानून का पालन करने और अनैतिक प्रतिस्पर्धा से बचने की अपील की।
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नकली दवाओं की होती है सप्लाई
भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने कहा कि देखने में आया है कि इस भारी छूट के चलते कई बार नकली दवाओं की सप्लाई बाजार में होती थी। जो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ था। नए नियम से पारदर्शिता बढ़ेगी और जिसका सीधा फायदा आम लोगों को होगा। वहीं, जो सामान्य डिस्काउंट पहले मिल रहा था, वह जारी रहेगा। इस आदेश से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, गोवा, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और अब जम्मू-कश्मीर की तरह मध्यप्रदेश में भी दवा दुकानों पर डिस्काउंट बोर्ड लगाने वाले फार्मासिस्टों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया है। यह केमिस्टों के हित में ऐतिहासिक निर्णय है।
