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Bhopal News: चिकित्सा उपकरणों की लापरवाही बन सकती है जानलेवा खतरा, एम्स ने दी सख्त चेतावनी,समय पर शिकायत जरूरी
Sun, 19 Apr 2026 05:34 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 19 Apr 2026 05:34 PM IST
सार
एम्स भोपाल ने चेतावनी दी है कि इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी किसी भी खराबी या दुष्प्रभाव को नजरअंदाज करना मरीज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। बंगरसिया में चलाए गए जागरूकता अभियान में लोगों को इसकी जानकारी दी गई कि ऐसी किसी भी समस्या की तुरंत शिकायत करना जरूरी है।
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एम्स का जागरूकता अभियान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एम्स भोपाल ने लोगों को गंभीर रूप से आगाह किया है कि इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी या दुष्प्रभाव को नजरअंदाज करना मरीज की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। अस्पताल का कहना है कि कई बार छोटी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे इलाज में देरी होती है और स्थिति बिगड़ सकती है। इसी को लेकर भोपाल के बंगरसिया स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें लोगों को बताया गया कि चिकित्सा उपकरणों से होने वाली किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत देना क्यों जरूरी है और इसे कैसे रिपोर्ट किया जा सकता है।
चिकित्सा उपकरण से हो सकता है कई तरह का नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार चिकित्सा उपकरणों में तकनीकी खराबी या गलत उपयोग से संक्रमण फैलना, गलत रीडिंग के कारण गलत इलाज, उपकरण का अचानक फेल होना, एलर्जी या त्वचा पर रिएक्शन और गंभीर मामलों में अंगों को नुकसान या जीवन को खतरा तक हो सकता है। कई बार यह छोटी समस्या आगे चलकर गंभीर स्थिति का रूप ले लेती है।
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छोटी लापरवाही भी बन सकती है बड़ा खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के दौरान अगर मरीज को असामान्य दर्द, जलन, सूजन या किसी उपकरण से जुड़ी अजीब प्रतिक्रिया महसूस होती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर सूचना न देने से सही इलाज में देरी होती है और जोखिम बढ़ जाता है।
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शिकायत दर्ज करने की सुविधा
मरीज या परिजन टोल-फ्री नंबर 1800-180-3024, मोबाइल एप या उपभोक्ता रिपोर्टिंग फॉर्म के जरिए आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसका उद्देश्य समय पर जानकारी लेकर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। चिकित्सकों के अनुसार, अगर किसी उपकरण से जुड़ी समस्या तुरंत रिपोर्ट की जाती है तो उसकी जांच कर सुधार किया जा सकता है। इससे न केवल मरीज की सुरक्षा बढ़ती है बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
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चिकित्सा उपकरण से हो सकता है कई तरह का नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार चिकित्सा उपकरणों में तकनीकी खराबी या गलत उपयोग से संक्रमण फैलना, गलत रीडिंग के कारण गलत इलाज, उपकरण का अचानक फेल होना, एलर्जी या त्वचा पर रिएक्शन और गंभीर मामलों में अंगों को नुकसान या जीवन को खतरा तक हो सकता है। कई बार यह छोटी समस्या आगे चलकर गंभीर स्थिति का रूप ले लेती है।
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छोटी लापरवाही भी बन सकती है बड़ा खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के दौरान अगर मरीज को असामान्य दर्द, जलन, सूजन या किसी उपकरण से जुड़ी अजीब प्रतिक्रिया महसूस होती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर सूचना न देने से सही इलाज में देरी होती है और जोखिम बढ़ जाता है।
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शिकायत दर्ज करने की सुविधा
मरीज या परिजन टोल-फ्री नंबर 1800-180-3024, मोबाइल एप या उपभोक्ता रिपोर्टिंग फॉर्म के जरिए आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसका उद्देश्य समय पर जानकारी लेकर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। चिकित्सकों के अनुसार, अगर किसी उपकरण से जुड़ी समस्या तुरंत रिपोर्ट की जाती है तो उसकी जांच कर सुधार किया जा सकता है। इससे न केवल मरीज की सुरक्षा बढ़ती है बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
