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Bhopal News: बालिकाओं के HPV टीकाकरण में बड़ी लापरवाही, भोपाल में सिर्फ 14.77% ही लक्ष्य पूरा,CMHO से जवाब तलब
Tue, 07 Apr 2026 07:00 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 07 Apr 2026 07:00 PM IST
सार
भोपाल में किशोरी बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान में गंभीर लापरवाही सामने आई है। 28,963 के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक केवल 4,278 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया, जो महज 14.77% है। इस पर स्वास्थ्य आयुक्त ने सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
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सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में किशोरी बालिकाओं के एचपीवी (सर्वाइकल कैंसर रोकथाम) टीकाकरण अभियान में गंभीर लापरवाही सामने आई है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर स्वास्थ्य आयुक्त ने भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जिले को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हुई, जिससे राज्य स्तर की उपलब्धियों पर भी असर पड़ा है। सीएमएचओ को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या था लक्ष्य और क्या रही उपलब्धि?
विभाग के अनुसार भोपाल जिले में 14 से 15 वर्ष की किशोरी बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण के लिए 28,963 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह अभियान 90 दिनों में पूरा किया जाना था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी सिर्फ 4,278 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया, जो कुल लक्ष्य का करीब 14.77% है। खामियों के चलते जिले में टीकाकरण अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्वास्थ्य आयुक्त ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में नया सिस्टम एक्टिव, अगले 3 दिन तूफान-बारिश का रहेगा असर, 34 जिलों में अलर्ट
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लापरवाही के प्रमुख कारण
- अभियान की धीमी रफ्तार और समयसीमा का पालन न होना
- मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी
- लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रभावी योजना का अभाव
यह भी पढ़ें-राज्यसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष बोले- MP में भी हो सकती है हॉर्स ट्रेडिंग,कांग्रेस अलर्ट मोड पर
टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने फर्जी अस्पतालों से सांठगांठ और वसूली के भी आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करेगा। साथ ही उन्होंने सीएमएचओ के निलंबन और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
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क्या था लक्ष्य और क्या रही उपलब्धि?
विभाग के अनुसार भोपाल जिले में 14 से 15 वर्ष की किशोरी बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण के लिए 28,963 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह अभियान 90 दिनों में पूरा किया जाना था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी सिर्फ 4,278 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया, जो कुल लक्ष्य का करीब 14.77% है। खामियों के चलते जिले में टीकाकरण अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्वास्थ्य आयुक्त ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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लापरवाही के प्रमुख कारण
- अभियान की धीमी रफ्तार और समयसीमा का पालन न होना
- मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी
- लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रभावी योजना का अभाव
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टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने फर्जी अस्पतालों से सांठगांठ और वसूली के भी आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करेगा। साथ ही उन्होंने सीएमएचओ के निलंबन और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
