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Bhopal News: इजरायल की जल तकनीक आएगी भारत, मैपकास्ट ने की पहल, हुई कार्यशाला
Wed, 25 Dec 2024 07:51 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 25 Dec 2024 07:51 PM IST
सार
इजरायल एंबेसी, इंडिया की वाटर अटैची मिस नोएल के आज भोपाल प्रवास पर परिषद द्वारा एक बैठक आयोजित कर जल के क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी स्टेक होल्डर्स को जल प्रबंधन में अपने विभाग की तकनीकी पक्ष को रखने और आ रही समस्याओं के उचित समाधान हेतु आमंत्रित किया।
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कार्यशाला का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक छोटा सा देश इजराइल अपने आधुनिक तकनीकी विकास का दुनिया में लोहा मनवा चुका है। चाहे वो डिफेंस का क्षेत्र हो, जल प्रबंधन का क्षेत्र हो अथवा कृषिका यह देश कई विकसित देशों से बहुत आगे है। जब भी विश्व में कही आधुनिक विज्ञान और उन्नत तकनीक की बात हो तो आकार में छोटे और प्राकृतिक संसाधनों के मामले में भारत से काफी पीछे होने के बावजूद इजरायल समूचे विश्व में अग्रणी देशों में गिना जाता है।
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इस विचार को संज्ञान में रखते हुए आज मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकॉस्ट) ने भारत में इजरायल एंबेसी (दूतावास) में पदस्थ "वाटर अटैची" सुश्री नोआ को आमंत्रित किया और मध्यप्रदेश राज्य में जल क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी शासकीय और केंद्र शासन के विभागों को उनसे रूबरू होने का अवसर प्रदान किया। इजरायल एंबेसी, इंडिया की वाटर अटैची मिस नोएल के आज भोपाल प्रवास पर परिषद द्वारा एक बैठक आयोजित कर जल के क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी स्टेक होल्डर्स को जल प्रबंधन में अपने विभाग की तकनीकी पक्ष को रखने और आ रही समस्याओं के उचित समाधान हेतु आमंत्रित किया।
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इस अवसर पर परिषद की गतिविधियों पर संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण तस्नीम हबीब द्वारा किया गया। जबकि परिषद के जल संसाधन प्रमुख डॉ. कपिल खरे द्वारा जल के क्षेत्र में अब तक पूर्ण किए गए प्रोजेक्ट्स की जानकारी प्रस्तुत की गई। पिछले तीन वर्षों में जल क्षेत्र में परिषद द्वारा रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक के प्रयोग से किए गए कार्यों के साथ आगामी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। मेपकॉस्ट एवं नर्मदा समग्र की संयुक्त पहल पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वाटर सेक्टर पर काम करने वाले सभी गवर्नमेंट डिपार्टमेंट और स्टेक होल्डर्स उपस्थित हुए, जिनमें प्रदेश शासन के लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, राष्ट्रीय जल विज्ञान विभाग (एनआईएच), केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, AIGGPA एवं EPCO के विभाग प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हुए।
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अपने-अपने विभाग द्वारा प्रदेश के जल संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन पर हुई सार्थक चर्चा उपरांत सभी ने इजरायल द्वारा जल क्षेत्र में डेवलप की गई नई तकनीक पर प्रदेश में दो दिन के कार्यक्रम हेतु प्रस्ताव दिया, जिस पर सुश्री नोआ ने सहमति जताई। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि किसी विभाग को इजरायली विशेषज्ञों की मदद चाहिए तो उस पर कल वो पृथक से तकनीकी दल के साथ चर्चा करेंगी और भोपाल में एक कंसल्टेशन कार्यक्रम की संभावनाएं तलाशेंगी। सभी को सतत संपर्क में रखने का आह्वान इजरायल एंबेसी से आए नीरज गहलावत ने दिया। कार्यक्रम के आरंभ में परिषद महानिदेशक द्वारा अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छभेंट कर किया गया। अंत में परिषद के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रविशंकर भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
