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Bhopal News: इंदौर हादसे के बाद भोपाल सतर्क, दूषित पानी की आशंका, लिए सैंपल, अधिकारियों को सख्त निर्देश
Thu, 01 Jan 2026 11:09 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:09 AM IST
सार
इंदौर में दूषित पानी से 9 मौतों के बाद भोपाल नगर निगम अलर्ट पर है। महापौर के निर्देश पर जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच शुरू की गई है। कई इलाकों में सैंपल लिए गए हैं। सीवेज मिलने की आशंका को देखते हुए इंजीनियरों को निरीक्षण और रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 9 लोगों की मौत के बाद राजधानी भोपाल में भी अलर्ट मोड लागू कर दिया गया है। किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए भोपाल नगर निगम ने जल आपूर्ति व्यवस्था की सघन जांच शुरू कर दी है। महापौर मालती राय के निर्देश पर इंजीनियरिंग अमला मैदान में उतर गया है। महापौर ने सब-इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और सुपरवाइजरों को अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की सप्लाई लाइनों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। वहीं अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को पूरे अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अवधपुरी में विशेष जांच
संभावित खतरे को देखते हुए नगर निगम की टीम अवधपुरी इलाके में पहुंची। यहां कुछ घरों से पीने के पानी के सैंपल लिए गए हैं। दरअसल, कुछ महीने पहले इसी क्षेत्र में निजी वेंडर की खुदाई के दौरान भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि कहीं इसी तरह की लापरवाही से पानी की पाइपलाइन भी प्रभावित तो नहीं हुई।
यह भी पढ़ें- नए साल से बदलेगा रेल सफर का टाइमटेबल, भोपाल मंडल की 26 ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव
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सीवेज मिलने का डर
नगर निगम को रोजाना सीवेज से जुड़ी कई शिकायतें मिलती हैं। इसी वजह से यह चिंता गहराई है कि कहीं गंदा पानी पीने के नेटवर्क में तो नहीं मिल रहा। इसी एहतियात के तहत अलग-अलग इलाकों में टीमें भेजकर जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें-एमपी में ठंड का डबल अटैक, नवंबर-दिसंबर ने तोड़े रिकॉर्ड, जनवरी में भी राहत के आसार नहीं
पुराने हादसे ने बढ़ाई सतर्कता
भोपाल पहले भी ऐसी चूक की कीमत चुका चुका है। करीब तीन साल पहले ईदगाह हिल्स स्थित मदर इंडिया कॉलोनी में क्लोरीन गैस रिसाव से अफरा-तफरी मच गई थी। उस घटना में कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी और पानी की सप्लाई तत्काल रोकनी पड़ी थी। अगर वह पानी लोगों तक पहुंच जाता, तो बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता था। इंदौर की हालिया त्रासदी के बाद भोपाल नगर निगम किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। प्रशासन का दावा है कि रिपोर्ट आने के बाद जरूरत पड़ी तो सप्लाई रोकने और सुधारात्मक कदम उठाने में देर नहीं की जाएगी।
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संभावित खतरे को देखते हुए नगर निगम की टीम अवधपुरी इलाके में पहुंची। यहां कुछ घरों से पीने के पानी के सैंपल लिए गए हैं। दरअसल, कुछ महीने पहले इसी क्षेत्र में निजी वेंडर की खुदाई के दौरान भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि कहीं इसी तरह की लापरवाही से पानी की पाइपलाइन भी प्रभावित तो नहीं हुई।
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नगर निगम को रोजाना सीवेज से जुड़ी कई शिकायतें मिलती हैं। इसी वजह से यह चिंता गहराई है कि कहीं गंदा पानी पीने के नेटवर्क में तो नहीं मिल रहा। इसी एहतियात के तहत अलग-अलग इलाकों में टीमें भेजकर जांच की जा रही है।
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