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Bhopal news: भोपाल नगर निगम ने 20 टन पटाखों का कचरा किया अलग, वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की तैयारी
Tue, 21 Oct 2025 07:20 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 21 Oct 2025 07:20 PM IST
सार
भोपाल में निकले कचरे की मात्रा सामान्य दिनों की तुलना में 300 टन अधिक रही। नगर निगम के अनुसार, दिवाली के बाद कुल कचरा 1,500 टन के आसपास पहुंच गया। इसमें लगभग 20 टन पटाखों से संबंधित विशेष कचरा एकत्र किया गया, जिसे पृथक रूप से संग्रहित और प्रोसेस्ड किया जा रहा है।
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पटाखे के कचरे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिवाली के बाद राजधानी भोपाल में निकले कचरे की मात्रा सामान्य दिनों की तुलना में 300 टन अधिक रही। नगर निगम के अनुसार, दिवाली के बाद कुल कचरा 1,500 टन के आसपास पहुंच गया। इसमें लगभग 20 टन पटाखों से संबंधित विशेष कचरा एकत्र किया गया, जिसे पृथक रूप से संग्रहित और प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) किया जा रहा है। पटाखे के कचरे को धार जिले के पीथमपुर भेजा जाएगा। कंटेनर के जरिए हेजर्डस्ट वेस्ट को नगर निगम की अनुबंधित फर्म पीथमपुर भेजेगी। जहां कचरे को नष्ट किया जाएगा। इधर कॉनियों में दिन भर कचरा वाहन घूमते रहे इसके बाद भी कई जगह नहीं पहुंच पाए।
15 टन बारूद मिश्रित अपशिष्ट
नगर निगम के अनुसार, पटाखों के कचरे में बारूद, धूल, प्लास्टिक कवर, गत्ते, पैकेजिंग सामग्री शामिल है। इन्हें सामान्य कचरे से अलग करने के लिए बोरियों में संग्रहित किया गया। पुनः छंटाई के बाद लगभग 5 टन गत्ता, कागज, प्लास्टिक जैसी सामग्री को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) में भेजा गया, जबकि शेष 15 टन बारूद मिश्रित अपशिष्ट को शहर के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों पर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया गया है।
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एकादशी पर भी इसी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा
नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि पटाखों से संबंधित कचरे को हैजार्डस वेस्ट की श्रेणी में रखते हुए उसका पृथक संग्रहण किया गया है। आगामी एकादशी पर भी इसी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा। वर्तमान में कचरे के निस्तारण या प्रदूषण को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सफाई कार्य जोन स्तर पर समन्वय से किया गया है।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में दीपावली पर पटाखों से दमघोंटू हुई हवा, प्रदेश में इंदौर-ग्वालियर का AQI रहा सबसे ज्यादा
तकनीकी समस्या आने पर वैकल्पिक वाहन भेजे
उन्होने बताया कि दिवाली के अगले दिन गाड़ियों की अतिरिक्त राउंड कराई गई। कुछ क्षेत्रों में कचरा वाहनों में तकनीकी समस्या आने पर वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए गए। मॉनिटरिंग का कार्य स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से किया गया। पटाखों का यह कचरा अब निगम की अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से पीथमपुर (धार) स्थित प्रोसेसिंग यूनिट भेजा जाएगा, जहां इसका वैज्ञानिक रूप से निष्पादन होगा।
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15 टन बारूद मिश्रित अपशिष्ट
नगर निगम के अनुसार, पटाखों के कचरे में बारूद, धूल, प्लास्टिक कवर, गत्ते, पैकेजिंग सामग्री शामिल है। इन्हें सामान्य कचरे से अलग करने के लिए बोरियों में संग्रहित किया गया। पुनः छंटाई के बाद लगभग 5 टन गत्ता, कागज, प्लास्टिक जैसी सामग्री को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) में भेजा गया, जबकि शेष 15 टन बारूद मिश्रित अपशिष्ट को शहर के गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों पर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया गया है।
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एकादशी पर भी इसी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा
नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि पटाखों से संबंधित कचरे को हैजार्डस वेस्ट की श्रेणी में रखते हुए उसका पृथक संग्रहण किया गया है। आगामी एकादशी पर भी इसी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा। वर्तमान में कचरे के निस्तारण या प्रदूषण को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सफाई कार्य जोन स्तर पर समन्वय से किया गया है।
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तकनीकी समस्या आने पर वैकल्पिक वाहन भेजे
उन्होने बताया कि दिवाली के अगले दिन गाड़ियों की अतिरिक्त राउंड कराई गई। कुछ क्षेत्रों में कचरा वाहनों में तकनीकी समस्या आने पर वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए गए। मॉनिटरिंग का कार्य स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से किया गया। पटाखों का यह कचरा अब निगम की अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से पीथमपुर (धार) स्थित प्रोसेसिंग यूनिट भेजा जाएगा, जहां इसका वैज्ञानिक रूप से निष्पादन होगा।
